14 जुलाई 2026
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लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, ₹19 करोड़ की लागत से गोमती तट पर स्थापित हुआ INS गोमती

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लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, ₹19 करोड़ की लागत से गोमती तट पर स्थापित हुआ INS गोमती

सारांश

लखनऊ के गोमती तट पर ₹19 करोड़ की लागत से बनी नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण हुआ, जहाँ 34 वर्ष सेवारत युद्धपोत आईएनएस गोमती स्थायी रूप से स्थापित है। यह वाटिका यूपी के युवाओं को नौसेना और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं से जोड़ने का जीवंत मंच बनेगी।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , सीएम योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के.
त्रिपाठी ने 30 मई 2026 को नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया।
वाटिका ₹19 करोड़ की लागत से गोमती तट, लखनऊ पर निर्मित की गई है।
सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती — जो 28 मई 2022 को रिटायर हुआ और 34 वर्षों तक सेवारत रहा — यहाँ मूल स्वरूप में स्थापित है।
वाटिका में एके-726 तोप , ब्रह्मोस परियोजना और यूपी डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ी जानकारियाँ भी प्रदर्शित हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऑपरेशन सिंदूर और ब्रह्मोस मिसाइल की सामरिक शक्ति का उल्लेख किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 30 मई 2026 को लखनऊ के गोमती तट पर ₹19 करोड़ की लागत से निर्मित 'नौसेना शौर्य वाटिका' का लोकार्पण किया। इस वाटिका का मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती है, जो अपने मूल स्वरूप में यहाँ स्थापित किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गोमती नदी के नाम पर निर्मित युद्धपोत आईएनएस गोमती ने 34 वर्षों तक राष्ट्रसेवा की और 28 मई 2022 को सेवा से रिटायर हुआ। अब यह ऐतिहासिक युद्धपोत लखनऊ में स्थायी रूप से स्थापित होकर आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सैन्य पराक्रम की प्रेरणा देगा। वाटिका में एंकर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर भी प्रदर्शित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की सबसे बड़ी पूर्वशर्त बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में असुरक्षा, दंगे, कर्फ्यू और माफिया राज का माहौल था, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएँ प्रभावित होती थीं। उनके अनुसार, आज प्रदेश सुरक्षित वातावरण के कारण देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

योगी ने कहा कि जब देश का सैनिक सीमाओं पर पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाता है, तो नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे सेना और वर्दीधारियों के प्रति सम्मान का भाव रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश या शक्ति भारत की संप्रभुता के लिए खतरा बनती है, उसे उसी की भाषा में जवाब देना पड़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत की सामरिक क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया देख चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में नौसेना की विशेष प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोग भारतीय नौसेना की शक्ति को करीब से जान सकें।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ की धरती 1857 की क्रांति से लेकर कारगिल के वीरों तक शौर्य और बलिदान की साक्षी रही है। उनके अनुसार, नौसेना शौर्य वाटिका राजधानी की गौरवशाली विरासत में एक नया अध्याय जोड़ेगी।

नौसेना प्रमुख का वक्तव्य

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भले ही उत्तर प्रदेश समुद्र तटीय राज्य नहीं है, लेकिन इसकी नदियाँ अंततः समुद्र से जुड़ती हैं। उन्होंने बताया कि वाटिका में नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म, रक्षा तकनीक, यूपी डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस निर्माण परियोजना से जुड़ी जानकारियाँ भी उपलब्ध होंगी, जिससे युवाओं में सैन्य सेवाओं के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।

आम जनता और युवाओं पर असर

यह वाटिका न केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी, बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए देशभक्ति और रक्षा जागरूकता का जीवंत केंद्र भी बनेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में स्थापित हुई है जब भारत अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को तेज़ी से विस्तार दे रहा है और यूपी डिफेंस कॉरिडोर देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की उपस्थिति को मज़बूत कर रहा है। नौसेना शौर्य वाटिका इस बड़े बदलाव की एक दृश्यमान अभिव्यक्ति है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह होगी कि क्या यह वाटिका केवल एक पर्यटन स्थल बनकर रह जाती है या वास्तव में युवाओं को सैन्य सेवाओं की ओर प्रेरित करने में सफल होती है — जो भर्ती के आँकड़ों में ही दिखेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौसेना शौर्य वाटिका क्या है और यह कहाँ स्थित है?
नौसेना शौर्य वाटिका लखनऊ के गोमती तट पर ₹19 करोड़ की लागत से निर्मित एक नौसेना संग्रहालय और प्रेरणा केंद्र है। इसका लोकार्पण 30 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने किया।
आईएनएस गोमती युद्धपोत के बारे में क्या जानना ज़रूरी है?
आईएनएस गोमती भारतीय नौसेना का एक सेवानिवृत्त युद्धपोत है जिसने 34 वर्षों तक राष्ट्रसेवा की और 28 मई 2022 को सेवा से रिटायर हुआ। यह गोमती नदी के नाम पर बना था और अब लखनऊ की नौसेना शौर्य वाटिका में अपने मूल स्वरूप में स्थायी रूप से स्थापित है।
वाटिका में युवाओं के लिए क्या-क्या उपलब्ध होगा?
वाटिका में नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर सहित अन्य सैन्य उपकरण प्रदर्शित हैं। इसके अलावा यूपी डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस निर्माण परियोजना से जुड़ी जानकारियाँ भी यहाँ उपलब्ध होंगी।
सीएम योगी ने इस अवसर पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की सबसे बड़ी पूर्वशर्त बताया और कहा कि जो देश अपनी सुरक्षा के प्रति सजग और मज़बूत हो, वही दुनिया में सम्मान पाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर का इस कार्यक्रम में क्यों उल्लेख हुआ?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऑपरेशन सिंदूर और ब्रह्मोस मिसाइल की सामरिक शक्ति का उल्लेख यह रेखांकित करने के लिए किया कि भारत की रक्षा क्षमताएँ अब वैश्विक स्तर पर सिद्ध हो चुकी हैं। उन्होंने महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में नौसेना प्रदर्शनी लगाने का भी सुझाव दिया।
राष्ट्र प्रेस
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