लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, ₹19 करोड़ की लागत से गोमती तट पर स्थापित हुआ INS गोमती
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 30 मई 2026 को लखनऊ के गोमती तट पर ₹19 करोड़ की लागत से निर्मित 'नौसेना शौर्य वाटिका' का लोकार्पण किया। इस वाटिका का मुख्य आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत आईएनएस गोमती है, जो अपने मूल स्वरूप में यहाँ स्थापित किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
गोमती नदी के नाम पर निर्मित युद्धपोत आईएनएस गोमती ने 34 वर्षों तक राष्ट्रसेवा की और 28 मई 2022 को सेवा से रिटायर हुआ। अब यह ऐतिहासिक युद्धपोत लखनऊ में स्थायी रूप से स्थापित होकर आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सैन्य पराक्रम की प्रेरणा देगा। वाटिका में एंकर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53 एम पनडुब्बी अवरोध, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का प्रोपेलर भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की सबसे बड़ी पूर्वशर्त बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में असुरक्षा, दंगे, कर्फ्यू और माफिया राज का माहौल था, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएँ प्रभावित होती थीं। उनके अनुसार, आज प्रदेश सुरक्षित वातावरण के कारण देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
योगी ने कहा कि जब देश का सैनिक सीमाओं पर पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाता है, तो नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे सेना और वर्दीधारियों के प्रति सम्मान का भाव रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश या शक्ति भारत की संप्रभुता के लिए खतरा बनती है, उसे उसी की भाषा में जवाब देना पड़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत की सामरिक क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत दुनिया देख चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में नौसेना की विशेष प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोग भारतीय नौसेना की शक्ति को करीब से जान सकें।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ की धरती 1857 की क्रांति से लेकर कारगिल के वीरों तक शौर्य और बलिदान की साक्षी रही है। उनके अनुसार, नौसेना शौर्य वाटिका राजधानी की गौरवशाली विरासत में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
नौसेना प्रमुख का वक्तव्य
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भले ही उत्तर प्रदेश समुद्र तटीय राज्य नहीं है, लेकिन इसकी नदियाँ अंततः समुद्र से जुड़ती हैं। उन्होंने बताया कि वाटिका में नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म, रक्षा तकनीक, यूपी डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस निर्माण परियोजना से जुड़ी जानकारियाँ भी उपलब्ध होंगी, जिससे युवाओं में सैन्य सेवाओं के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह वाटिका न केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी, बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए देशभक्ति और रक्षा जागरूकता का जीवंत केंद्र भी बनेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में स्थापित हुई है जब भारत अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को तेज़ी से विस्तार दे रहा है और यूपी डिफेंस कॉरिडोर देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की उपस्थिति को मज़बूत कर रहा है। नौसेना शौर्य वाटिका इस बड़े बदलाव की एक दृश्यमान अभिव्यक्ति है।