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नौसेना शौर्य वाटिका लोकार्पण पर CM योगी: अहिंसा सर्वोच्च धर्म, पर राष्ट्र-विरोधियों से सख्ती ज़रूरी

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नौसेना शौर्य वाटिका लोकार्पण पर CM योगी: अहिंसा सर्वोच्च धर्म, पर राष्ट्र-विरोधियों से सख्ती ज़रूरी

सारांश

लखनऊ में ₹19 करोड़ की नौसेना शौर्य वाटिका के उद्घाटन पर CM योगी ने दो-टूक कहा — अहिंसा जीवन का आदर्श है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के साथ कठोरता ही असली धर्म है। आईएनएस गोमती अब गोमती तट पर युवाओं की प्रेरणा बन चुकी है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 30 मई 2026 को लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय द्वितीय चरण) का लोकार्पण किया।
वाटिका ₹19 करोड़ की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ उद्घाटन किया।
CM योगी ने कहा — 'अहिंसा परमो धर्मः' सामान्य जीवन का आदर्श है, किंतु राष्ट्र-विरोधियों के प्रति सख्त रवैया ही सच्चा धर्म है।
आईएनएस गोमती को 2022 में सेवानिवृत्त कर गोमती नदी के तट पर संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर सेवानिवृत्त सैन्य टैंक प्रदर्शित करने का सुझाव दिया।
नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के.
त्रिपाठी सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि समारोह में उपस्थित रहे।

लखनऊ में 30 मई 2026 को नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च' का संदेश देती है — सामान्य जीवन में अहिंसा सर्वोच्च है, किंतु जो देश और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा बने, उसके विरुद्ध कठोर रवैया अपनाना ही धर्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना इसी संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करती है।

लोकार्पण समारोह: क्या है नौसेना शौर्य वाटिका

यह वाटिका ₹19 करोड़ की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित की गई है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी के साथ मिलकर इसका उद्घाटन किया। समारोह में नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यब्रजेश पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नौसेना बैंड की प्रस्तुति ने उपस्थित जन-समूह का मन मोह लिया।

मुख्यमंत्री का संदेश: सुरक्षा में मज़बूती ही विश्व-मैत्री की कुंजी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब राष्ट्र सुरक्षा के मोर्चे पर सशक्त होता है, तभी विश्व उसके साथ मित्रता करता है — कमज़ोर के सामने कोई नहीं झुकता। उन्होंने नौसेना के आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' का उल्लेख करते हुए कहा कि आकाश की ऊँचाइयाँ छूने के लिए विराट सोच आवश्यक है — संकुचित भाव से बड़े लक्ष्य कभी प्राप्त नहीं होते।

उन्होंने यह भी कहा कि जब भारतीय सैनिक माइनस डिग्री तापमान, रेगिस्तान की झुलसाती गर्मी और समुद्र की लहरों से जूझते हुए सीमाओं की रक्षा करते हैं, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सो पाते हैं। नागरिकों का कर्तव्य है कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखें।

उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और विकास का संबंध

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का स्मरण कराते हुए कहा कि तब रोज़ कर्फ्यू लगता था, पेशेवर माफिया और अपराधियों ने जनजीवन को दूभर कर दिया था। असुरक्षित वातावरण में विकास और निवेश की संभावनाएँ क्षीण हो गई थीं। उन्होंने रेखांकित किया कि सुरक्षित माहौल में ही जन-कल्याण और विकास योजनाएँ प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं।

आईएनएस गोमती और लखनऊ की विरासत

आईएनएस गोमती ने लंबे समय तक भारत की समुद्री सीमा की रक्षा की। 2022 में नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद इसे गोमती नदी के तट पर स्थापित कर एक अनूठे संग्रहालय का रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में एक ओर राष्ट्र प्रेरणास्थल है — जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ने 25 दिसंबर को किया था — और दूसरी ओर यह नौसेना वाटिका भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का जीवंत केंद्र बन गई है।

युवाओं के लिए प्रेरणा और आगे की योजनाएँ

योगी आदित्यनाथ ने सुझाव दिया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर उन सैन्य टैंकों को प्रदर्शित किया जाए जो अब कार्यशील स्थिति में नहीं हैं, ताकि युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत हो। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने प्रदेश में सेना से जुड़े अन्य कार्यों के लिए तत्काल प्रस्ताव देने का आह्वान किया है। यह वाटिका लखनऊ आने वाले हर व्यक्ति को भारत की समुद्री विरासत और सैन्य गौरव से परिचित कराएगी, और इसके आगे और विस्तार की भी योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

धर्म हिंसा तथैव च' का उद्धरण एक सुविचारित राजनीतिक संदेश है — ऑपरेशन सिंदूर के बाद के राष्ट्रीय माहौल में यह बयान सैन्य कठोरता को धार्मिक वैधता देने की कोशिश है। लखनऊ में एक ही धुरी पर राष्ट्र प्रेरणास्थल और नौसेना वाटिका का निर्माण उत्तर प्रदेश को 'रक्षा-सांस्कृतिक पर्यटन' के केंद्र के रूप में स्थापित करने की सुनियोजित रणनीति दर्शाता है। यह ध्यान देने योग्य है कि 2017 से पहले के 'कर्फ्यू-ग्रस्त' उत्तर प्रदेश का संदर्भ चुनावी आख्यान को भी मज़बूत करता है। असली परीक्षा यह होगी कि ये प्रेरणा-केंद्र युवाओं में सैन्य भर्ती की वास्तविक रुचि जगाते हैं या केवल प्रतीकात्मक राष्ट्रभक्ति तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौसेना शौर्य वाटिका क्या है और यह लखनऊ में कहाँ स्थित है?
नौसेना शौर्य वाटिका, नौसेना शौर्य संग्रहालय का द्वितीय चरण है, जो ₹19 करोड़ की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में गोमती नदी के तट पर निर्मित है। इसमें 2022 में सेवानिवृत्त आईएनएस गोमती को केंद्रबिंदु के रूप में स्थापित किया गया है।
CM योगी ने अहिंसा और हिंसा पर क्या कहा?
CM योगी ने भारत की ऋषि परंपरा के श्लोक 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च' का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य जीवन में अहिंसा सर्वोच्च धर्म है, परंतु जो देश और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा हो, उसके विरुद्ध कठोरता अपनाना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इसी संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करती है।
आईएनएस गोमती को लखनऊ में कब और क्यों लाया गया?
आईएनएस गोमती को 2022 में भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त किया गया। इसके बाद इसे लखनऊ की गोमती नदी के तट पर स्थापित कर नौसेना संग्रहालय का हिस्सा बनाया गया, ताकि युवाओं को भारतीय नौसेना की विरासत और सैनिकों के संघर्ष से परिचित कराया जा सके।
नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन किसने किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर 30 मई 2026 को इस वाटिका का उद्घाटन किया। समारोह में नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे।
CM योगी ने युवाओं और सैन्य प्रेरणा के लिए क्या सुझाव दिए?
CM योगी ने सुझाव दिया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर सेवानिवृत्त सैन्य टैंक प्रदर्शित किए जाएँ, जो युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करें। उन्होंने कहा कि नौसेना वाटिका युवाओं को चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा देगी।
राष्ट्र प्रेस
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