क्या हम उत्तर प्रदेश में केवल संभावनाओं की बात करते हैं या परिणाम भी देते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश में संभावनाएं और परिणाम दोनों पर काम किया जा रहा है।
- सरकार ने माफियामुक्त माहौल बनाया है।
- युवाओं को रोजगार मिलने के नए अवसर उपलब्ध हैं।
- किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
- स्मार्टफोन के अति प्रयोग से बचने की सलाह दी गई है।
गोरखपुर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में छिपी संभावनाओं की केवल चर्चा नहीं करते, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन संभावनाओं के अनुसार परिणाम भी निकालते हैं। सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश माफियामुक्त और दंगामुक्त होकर विकास की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सीएम योगी ने मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बातें कहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने रामगढ़ताल के पास चंपा देवी पार्क में महोत्सव के मंच से कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से युवाओं को रोजगार मिल रहा है और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उद्यमियों और व्यापारियों को बिना डर के कारोबार बढ़ाने का मौक़ा मिल रहा है। बहन-बेटियों को स्कूल और बाज़ार जाने का सुरक्षित माहौल मिल रहा है। अगर आज किसी ने बहन-बेटियों की राह में रुकावट डालने की कोशिश की तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतज़ार कर रहे होंगे। यह सब तभी संभव हो रहा है जब सरकार में जनसेवा की दृढ़ इच्छाशक्ति है।
सीएम योगी ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी ताकत धैर्य और अनुशासन है। हमने कभी धैर्य नहीं खोया। जब उपेक्षा हुई तो संघर्ष का रास्ता अपनाया। इंसेफेलाइटिस की समस्या पर पूर्व सरकारों द्वारा की जा रही उपेक्षा का ज़िक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तब हमने सड़कों पर आंदोलन किया और जब सरकार में आए तो दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस का खात्मा कर दिखाया।
उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर और उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं। २०१७ से पहले भी जब देश आगे बढ़ रहा था, तब गोरखपुर पीछे रह गया था। तुलना की जाए तो २०१७ से पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में जमीन-आसमान का अंतर दिखेगा। २०१७ तक प्रदेशभर की तरह गोरखपुर भी उपद्रव और गुंडागर्दी की चपेट में था। गुंडा टैक्स वसूला जाता था। सड़कें जर्जर थीं, बिजली नहीं मिलती थी। गंदगी, बीमारी और इंसेफेलाइटिस का कहर था।
सीएम योगी ने कहा कि मच्छर और माफिया एक-दूसरे के पूरक होते हैं। एक का स्वास्थ्य पर और दूसरे का समाज पर असर पड़ता है। जब समाज हर प्रकार की स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता, तो उसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले यहां आए व्यक्ति यदि आज गोरखपुर आएगा, तो विकास के कारण शहर को पहचान नहीं पाएगा। ऐसी ही स्थिति अयोध्या, काशी, प्रयागराज के मामले में भी होगी।
आठ साल बाद लखनऊ आए एक व्यक्ति के संस्मरण को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लखनऊ को पहचान ही नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना तो पिछले आठ वर्षों में गोरखपुर में हजारों करोड़ों रुपए का निवेश हुआ और इसके जरिए ५० हजार युवाओं को नौकरी मिली। यदि यह निवेश नहीं होता, तो इन युवाओं को पलायन करना पड़ता, जबकि आज उन्हें अपने क्षेत्र में ही नौकरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोगों को स्मार्टफोन के अत्यधिक और अनावश्यक प्रयोग से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, "आज अनेक घरों में छोटे-छोटे बच्चों को भी स्मार्टफोन खेलने के लिए दे दिया जाता है। यह अपराध जैसा है। इससे बच्चे जिद्दी और डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने वाहन चलाते समय फोन के प्रयोग से भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं एक चुनौती बनी हुई हैं। युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। परिवार के परिवार समाप्त हो रहे हैं। इसलिए वाहन चलाते समय फोन के प्रयोग से बचना होगा।