नव भारत साक्षरता कार्यक्रम: योगी सरकार ने 2022-26 में 11.68 लाख लोगों को किया साक्षर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने केंद्र प्रायोजित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच 11,68,292 लोगों को साक्षर बनाने में सफलता हासिल की है। 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को लक्षित यह अभियान राज्य को निरक्षरता मुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में सामने आया है।
अभियान की कार्यप्रणाली
कार्यक्रम के अंतर्गत पहले प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स चिह्नित वालंटियर्स को विशेष प्रशिक्षण देते हैं। इसके बाद ये वालंटियर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से साक्षरता कक्षाएं संचालित करते हैं। लाभार्थियों को केवल पढ़ना-लिखना और गणना ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान भी दिया जाता है ताकि वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
मूल्यांकन परीक्षाओं के आंकड़े
अब तक इस कार्यक्रम के तहत सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इन परीक्षाओं में कुल 13,81,530 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 11,68,292 सफल घोषित हुए। वर्ष 2022-23 में पहली परीक्षा में 1.46 लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए थे, जबकि 2025-26 की नवीनतम परीक्षा में यह संख्या बढ़कर 4.01 लाख से अधिक हो गई — जो अभियान की बढ़ती पहुंच का संकेत है।
आम जनता पर असर
सरकार के अनुसार यह अभियान केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है। नव साक्षरों में आत्मनिर्भरता, जागरूकता और सामाजिक सशक्तीकरण का भाव जागृत करना भी इसका उद्देश्य है। प्रदेशभर में संचालित कक्षाएं हजारों लोगों — विशेषकर ग्रामीण और वंचित तबकों — में नया आत्मविश्वास भर रही हैं।
2026-27 की तैयारी
योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए अभियान को और व्यापक बनाने की योजना तैयार की है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के सभी जनपदों को 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें साक्षर बनाने का लक्ष्य सौंपा गया है। अभियान की प्रगति का नियमित अनुश्रवण होगा और वर्ष में दो बार मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।