क्या सीएम योगी ने खेल को बढ़ावा देने पर जोर दिया?

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क्या सीएम योगी ने खेल को बढ़ावा देने पर जोर दिया?

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालयों को खेलों को अपनाने और प्रतिभाओं को संवारने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि खेलों के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवा नशे से दूर रहेंगे। जानें, इस पहल के पीछे की सोच और इसके महत्व के बारे में।

Key Takeaways

  • सीएम योगी ने खेलों को अपनाने की अपील की है।
  • खेल गतिविधियों से युवा नशे से दूर रहेंगे।
  • प्रदेश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की गई है।
  • खेलों को बढ़ावा देने का उद्देश्य अनुशासन और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है।
  • सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार और प्रोत्साहन की व्यवस्था की है।

गोरखपुर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से अनुरोध किया है कि वे किसी एक खेल को अपनाकर उससे संबंधित प्रतिभाओं को निखारें। खेल के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर अनुशासन और खेल भावना को सुदृढ़ करने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे और अनेक विकृतियों से बचेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश खेलों के माध्यम से विकसित भारत बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में स्थापित हो चुकी है, जहां हर प्रकार के खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे सरकार ने ओडीओपी में भी शामिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में भारत में एक नई खेल संस्कृति का उदय हुआ है। 2014 से पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकारी एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी, जिससे उन्हें खेल से दूर होना पड़ता था। लेकिन अब, खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखने लायक है। पीएम मोदी ने 'खेलो इंडिया', 'फिट इंडिया' और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को हमेशा महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन के सभी साधन स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। स्वस्थ रहने के लिए खेल और अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया गया है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम का निर्माण तेजी से हो रहा है। सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को खेल किट वितरित की हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये और क्लास वन नौकरी देने की व्यवस्था है।

उन्होंने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे और सभी राज्यों और खिलाड़ियों को इसके लिए तैयार रहना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेज़बानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से समृद्ध बताते हुए चौरीचौरा की घटना और 'गीता प्रेस' के महत्व की चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।

Point of View

बल्कि समाज में अनुशासन और सामूहिकता का भी संचार करती है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

सीएम योगी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए क्या कहा?
सीएम योगी ने विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया है कि वे किसी एक खेल को अपनाएं और उससे संबंधित प्रतिभाओं को विकसित करें।
खेलों के प्रोत्साहन से युवाओं को क्या लाभ होगा?
खेलों के माध्यम से युवा नशे से दूर रहेंगे और अनुशासन तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव करेंगे।
उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का क्या महत्व है?
यह प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी है, जो खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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