विश्व दुग्ध दिवस 2025: योगी, धामी, मोहन यादव समेत कई मुख्यमंत्रियों ने पशुपालकों को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
विश्व दुग्ध दिवस पर 1 जून 2025 को देशभर में डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित कई राज्यों के शीर्ष नेताओं ने दुग्ध उत्पादकों, पशुपालकों और डेयरी उद्योग से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह दिवस वर्ष 2001 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य दूध के पोषण महत्व और डेयरी किसानों के योगदान को वैश्विक मान्यता देना है।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुग्ध क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा, 'दूध न केवल एक संपूर्ण आहार है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता और एक स्वस्थ समाज की भी एक सुदृढ़ नींव है। उन मेहनती किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों को नमन, जो पोषण, स्वास्थ्य और समृद्धि की इस श्वेत धारा को हर घर तक पहुंचाते हैं।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश को 'मिल्क कैपिटल' बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा, 'हमारे परिश्रमी पशुपालक भाई-बहनों ने मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना दिया है। हमारी सरकार गौ-संरक्षण, गौशालाओं के निर्माण और डेयरी सेक्टर के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पशुपालकों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालकों की आय वृद्धि और पशुधन संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान सरकार ने आधिकारिक संदेश में कहा, 'राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत है कि प्रत्येक नागरिक को शुद्ध एवं पौष्टिक दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हों और डेयरी क्षेत्र का आधुनिकीकरण हो।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'दूध न केवल हमारे पोषण और स्वास्थ्य का आधार है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को सशक्त बनाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है।'
महिला सशक्तिकरण पर जोर
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'स्वयं सहायता समूहों की बढ़ती भागीदारी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को नई शक्ति प्रदान कर रही है।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश के अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है।
भारत की दुग्ध उत्पादन में वैश्विक भूमिका
भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस क्षेत्र में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है। इस वर्ष के विश्व दुग्ध दिवस की थीम दूध को स्वस्थ आहार और स्थायी विकास से जोड़कर देखने पर केंद्रित है — जो जलवायु परिवर्तन के दौर में डेयरी उद्योग की टिकाऊ भूमिका को रेखांकित करती है।
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दूध स्वास्थ्य, पोषण और समृद्धि का आधार है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन से जुड़े सभी मेहनतकशों का सम्मान करने और पोषणयुक्त समाज के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया।
आगे की राह
विभिन्न राज्यों के नेताओं के संदेशों में डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण, पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण रोजगार सृजन पर साझा जोर दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार, डेयरी सहकारिता और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी इस क्षेत्र के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।