गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिकों ने स्व-गणना अभियान में भाग लिया, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद किया पंजीकरण

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गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिकों ने स्व-गणना अभियान में भाग लिया, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद किया पंजीकरण

सारांश

गुजरात में डिजिटल जनगणना की दिशा में बड़ा कदम — मुख्य सचिव एमके दास ने खुद स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण किया और 60,000 से अधिक नागरिकों की भागीदारी का दावा किया। उसी दिन सनेडो कृषि वाहन पर सब्सिडी ₹25,000 से बढ़ाकर ₹60,000 करने की घोषणा हुई।

मुख्य बातें

गुजरात के मुख्य सचिव एमके दास ने 19 मई को स्व-गणना पोर्टल पर स्वयं परिवार की जानकारी दर्ज की।
अब तक 60,000 से अधिक गुजरात के नागरिक इस डिजिटल जनगणना अभियान से जुड़ चुके हैं।
कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने 'सनेडो' वाहन पर सब्सिडी की ऊपरी सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹60,000 (सामान्य वर्ग) करने की घोषणा की।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत और महिला किसानों के लिए सब्सिडी सीमा ₹75,000 (50%) निर्धारित की गई।
यह योजना विशेष रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी मानी जा रही है।

गुजरात के मुख्य सचिव एमके दास ने मंगलवार, 19 मई को भारत सरकार के स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान में सहभागिता दर्ज कराई और ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार की जानकारी भरकर इस डिजिटल पहल का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि अब तक गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

मुख्य सचिव की सहभागिता और अपील

मुख्य सचिव एमके दास ने इस अवसर पर कहा कि स्व-गणना की यह प्रक्रिया 'अत्यंत सरल और पारदर्शी' है। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। दास ने यह भी कहा कि इस डिजिटल सुविधा के चलते आगामी जनगणना की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ और सटीक होगी।

गौरतलब है कि भारत में जनगणना की प्रक्रिया कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 से लंबित है। स्व-गणना का यह डिजिटल विकल्प नागरिकों को गणकों की प्रतीक्षा किए बिना स्वयं अपना डेटा दर्ज करने की सुविधा देता है — जो पारंपरिक जनगणना पद्धति से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

किसान परिवहन योजना में बड़ा बदलाव

इसी दिन गुजरात सरकार ने 'किसान परिवहन योजना' के अंतर्गत 'सनेडो' — यानी राइड ऑन सेल्फ-प्रोपेल्ड मल्टीपर्पस टूल बार — की खरीद पर दी जाने वाली सब्सिडी में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की। यह तीन पहियों वाला कृषि वाहन विशेष रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र के किसानों के बीच व्यापक रूप से प्रचलित है।

राज्य के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों और कृषि संगठनों की लंबे समय से चली आ रही माँगों के बाद यह संशोधन लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत को कम करना है।

संशोधित सब्सिडी का ब्यौरा

संशोधित योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को अब वाहन की कुल कीमत पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹60,000 निर्धारित की गई है। इससे पहले यह सीमा मात्र ₹25,000 थी — यानी लगभग 2.4 गुना की वृद्धि।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसानों के साथ-साथ लघु, सीमांत और महिला किसानों के लिए सब्सिडी को बढ़ाकर कुल कीमत का 50 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसकी ऊपरी सीमा ₹75,000 रखी गई है। यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।

आम जनता पर असर

स्व-गणना अभियान से जहाँ जनगणना की प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी, वहीं सनेडो सब्सिडी में वृद्धि से विशेष रूप से सौराष्ट्र और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। दोनों पहलें डिजिटल समावेश और कृषि-सशक्तिकरण की दिशा में गुजरात सरकार की व्यापक नीतिगत प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं।

आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्व-गणना अभियान में भागीदारी का यह आँकड़ा राज्यभर में किस गति से बढ़ता है और किसान परिवहन योजना का लाभ कितने किसानों तक वास्तव में पहुँच पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की भागीदारी प्रभावशाली लगती है, लेकिन गुजरात की कुल आबादी के अनुपात में यह अभी शुरुआती चरण ही है — असली परीक्षा यह होगी कि यह डिजिटल प्रक्रिया उन नागरिकों तक कैसे पहुँचती है जिनके पास इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता की सीमित पहुँच है। सनेडो सब्सिडी में वृद्धि किसानों की पुरानी माँग का जवाब ज़रूर है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि पिछली सीमा ₹25,000 इतने वर्षों तक अपरिवर्तित क्यों रही जबकि कृषि वाहनों की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं। दोनों घोषणाओं का क्रियान्वयन ही उनकी वास्तविक सफलता तय करेगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का स्व-गणना अभियान क्या है?
स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसके तहत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह आगामी जनगणना प्रक्रिया को तेज़ और सटीक बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
गुजरात में कितने नागरिक स्व-गणना अभियान से जुड़ चुके हैं?
मुख्य सचिव एमके दास के अनुसार, 19 मई तक गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिक इस अभियान में भाग ले चुके हैं। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इससे जुड़ने की अपील की है।
सनेडो वाहन क्या है और इसकी सब्सिडी में क्या बदलाव हुआ है?
'सनेडो' तीन पहियों वाला राइड ऑन सेल्फ-प्रोपेल्ड मल्टीपर्पस टूल बार है, जो सौराष्ट्र क्षेत्र के किसानों में लोकप्रिय है। सामान्य वर्ग के किसानों के लिए सब्सिडी की ऊपरी सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹60,000 (40%) कर दी गई है।
SC/ST और महिला किसानों को सनेडो पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत और महिला किसानों को वाहन की कुल कीमत का 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹75,000 निर्धारित की गई है।
किसान परिवहन योजना में सब्सिडी क्यों बढ़ाई गई?
कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि किसानों और कृषि संगठनों की बार-बार की गई माँगों के बाद यह निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत को कम करना है।
राष्ट्र प्रेस
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