गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिकों ने स्व-गणना अभियान में भाग लिया, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद किया पंजीकरण
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्य सचिव एमके दास ने मंगलवार, 19 मई को भारत सरकार के स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान में सहभागिता दर्ज कराई और ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार की जानकारी भरकर इस डिजिटल पहल का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि अब तक गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।
मुख्य सचिव की सहभागिता और अपील
मुख्य सचिव एमके दास ने इस अवसर पर कहा कि स्व-गणना की यह प्रक्रिया 'अत्यंत सरल और पारदर्शी' है। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। दास ने यह भी कहा कि इस डिजिटल सुविधा के चलते आगामी जनगणना की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ और सटीक होगी।
गौरतलब है कि भारत में जनगणना की प्रक्रिया कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 से लंबित है। स्व-गणना का यह डिजिटल विकल्प नागरिकों को गणकों की प्रतीक्षा किए बिना स्वयं अपना डेटा दर्ज करने की सुविधा देता है — जो पारंपरिक जनगणना पद्धति से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
किसान परिवहन योजना में बड़ा बदलाव
इसी दिन गुजरात सरकार ने 'किसान परिवहन योजना' के अंतर्गत 'सनेडो' — यानी राइड ऑन सेल्फ-प्रोपेल्ड मल्टीपर्पस टूल बार — की खरीद पर दी जाने वाली सब्सिडी में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की। यह तीन पहियों वाला कृषि वाहन विशेष रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र के किसानों के बीच व्यापक रूप से प्रचलित है।
राज्य के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों और कृषि संगठनों की लंबे समय से चली आ रही माँगों के बाद यह संशोधन लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत को कम करना है।
संशोधित सब्सिडी का ब्यौरा
संशोधित योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को अब वाहन की कुल कीमत पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹60,000 निर्धारित की गई है। इससे पहले यह सीमा मात्र ₹25,000 थी — यानी लगभग 2.4 गुना की वृद्धि।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसानों के साथ-साथ लघु, सीमांत और महिला किसानों के लिए सब्सिडी को बढ़ाकर कुल कीमत का 50 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसकी ऊपरी सीमा ₹75,000 रखी गई है। यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
आम जनता पर असर
स्व-गणना अभियान से जहाँ जनगणना की प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी, वहीं सनेडो सब्सिडी में वृद्धि से विशेष रूप से सौराष्ट्र और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। दोनों पहलें डिजिटल समावेश और कृषि-सशक्तिकरण की दिशा में गुजरात सरकार की व्यापक नीतिगत प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं।
आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्व-गणना अभियान में भागीदारी का यह आँकड़ा राज्यभर में किस गति से बढ़ता है और किसान परिवहन योजना का लाभ कितने किसानों तक वास्तव में पहुँच पाता है।