14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नैनीताल में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत, 10 अप्रैल से पहला चरण शुरू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नैनीताल में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत, 10 अप्रैल से पहला चरण शुरू

सारांश

नैनीताल में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। डिजिटल तरीके से होने वाली इस जनगणना में आम लोगों की भागीदारी को सरल बनाया गया है। जानें पूरी प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

जनगणना 2027 की प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हुई है।
यह प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जाएगी।
स्व-गणना के लिए सरकार ने लिंक उपलब्ध कराया है।
प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे।
जागरूकता अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा।

नैनीताल, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नैनीताल के अपर जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह नेगी ने भारत में होने वाली जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है और इसकी तैयारियां पहले से ही प्रारंभ हो गई हैं। इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से भी किया जाएगा, जिससे आम जनता की भागीदारी और सरल हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जिसकी शुरुआत 10 अप्रैल से हो चुकी है। यह प्रक्रिया पहले 24 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के रूप में की जाएगी। इसके बाद, 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणक (एन्यूमरेटर) और सुपरवाइजर घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे।

शैलेंद्र सिंह नेगी ने समझाया कि इस बार लोगों को एक डिजिटल विकल्प दिया गया है, जिससे वे स्वयं अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने एक लिंक उपलब्ध कराया है, जहाँ कोई भी भारतीय नागरिक लॉगिन करके अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। यह सुविधा मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप सभी पर उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में लगभग 8 सरल स्टेप्स होंगे, जिन्हें पूरा करके कोई भी व्यक्ति अपनी जानकारी भर सकता है। प्रक्रिया पूरी होने पर व्यक्ति को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना होगा। जब सरकारी कर्मचारी घर पर आएंगे, तो उसी आईडी के माध्यम से जानकारी को वेरीफाई किया जाएगा और अंतिम रूप से सबमिट किया जाएगा।

एडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं से यह ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता है, तो यह चिंता की बात नहीं है। 25 अप्रैल से 24 मई के बीच जब प्रगणक घर-घर जाएंगे, तो वे स्वयं यह कार्य पूरा कर देंगे। इस बार प्रशासन का ध्यान अधिक से अधिक लोगों को इस डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ने पर है, ताकि कार्य तेजी और सटीकता से हो सके। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने तीन चरणों में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

पहले चरण में जिले के जनप्रतिनिधियों जैसे मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। उनके घर जाकर उन्हें सेल्फ एन्यूमरेशन के बारे में बताया जाएगा और उनसे यह प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।

दूसरे चरण में सभी सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। चाहे वे ऑफिस में काम करते हों या फील्ड में, सभी को अपनी जानकारी स्वयं भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे एक बड़ा वर्ग इस डिजिटल पहल से जुड़ जाएगा।

तीसरे चरण में आम जनता तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत नगर निगम, नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग, बैनर और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा। यहाँ तक कि कूड़ा उठाने वाले वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इस संदेश को फैलाया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। गांव-गांव में लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और स्कूल शिक्षक लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में समझाएंगे। स्कूलों में बच्चों को भी सिखाया जा रहा है कि सेल्फ एन्यूमरेशन कैसे करना है, ताकि वे अपने परिवार की मदद कर सकें।

शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में लगभग हर व्यक्ति मोबाइल का उपयोग करता है, ऐसे में यह एक अद्भुत अवसर है कि लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में भागीदार बनें। इससे न केवल जनगणना तेजी से पूरी होगी, बल्कि आंकड़े भी ज्यादा सटीक और विश्वसनीय प्राप्त होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी है कि वे अपनी जानकारी को सीधे सरकार के साथ साझा करें। यह डिजिटल पहल समय की मांग है और इससे आंकड़ों की सटीकता में वृद्धि होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 कब शुरू होगी?
जनगणना 2027 की प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
क्या जनगणना डिजिटल तरीके से होगी?
हाँ, इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
क्या अगर मैं ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता?
यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं, तो प्रगणक घर-घर जाकर आपकी जानकारी इकट्ठा करेंगे।
इस जनगणना में भाग लेने का क्या महत्व है?
इस जनगणना में भाग लेना नागरिकों के लिए एक अवसर है कि वे अपनी जानकारी साझा करके इस राष्ट्रीय प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले