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आशा भोसले ने स्टेज पर बुलाया लेस्ली लुईस को, बोलीं — 'इनके बिना यह अवॉर्ड मुमकिन नहीं था'

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आशा भोसले ने स्टेज पर बुलाया लेस्ली लुईस को, बोलीं — 'इनके बिना यह अवॉर्ड मुमकिन नहीं था'

सारांश

एक अवॉर्ड शो में आशा भोसले ने लेस्ली लुईस को मंच पर बुलाकर कहा — 'इनके बिना यह अवॉर्ड मुमकिन नहीं था।' लेस्ली ने इस पल को करियर का सबसे खास सम्मान बताया और 'जानम समझा करो' से लेकर आर.डी. बर्मन के रीमिक्स तक की यादगार जोड़ी को याद किया।

मुख्य बातें

आशा भोसले ने एक अवॉर्ड शो में लेस्ली लुईस को स्टेज पर बुलाकर सार्वजनिक रूप से उनके योगदान को सम्मानित किया था।
लेस्ली ने कहा कि आशा भोसले ने उन्हें एक स्वतंत्र निर्माता के रूप में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
दोनों का सबसे चर्चित सहयोग इंडिपॉप एल्बम 'जानम समझा करो' का गाना 'रात शबनमी' रहा, जिसके बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे।
दोनों ने 'राहुल एंड आई' एल्बम और आर.डी.
बर्मन के क्लासिक गानों के नए संस्करण भी साथ तैयार किए।
लेस्ली के अनुसार, आशा भोसले अपने मूड के अनुसार रिकॉर्डिंग करती थीं — और जब गाती थीं तो नतीजा हमेशा असाधारण होता था।

दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले ने एक अवॉर्ड समारोह में संगीतकार-गायक लेस्ली लुईस को मंच पर बुलाकर उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया था — यह स्मृति लेस्ली ने हाल ही में साझा की है। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती और निर्णायक दौर में आशा भोसले का यह भरोसा उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं था।

मंच पर मिला अविस्मरणीय सम्मान

लेस्ली लुईस ने बताया, ''एक अवॉर्ड शो के दौरान आशा भोसले ने मुझे स्टेज पर बुलाकर मेरे काम को सम्मान दिया था। उस समय मैं इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा था और एक बड़े कलाकार से मिला ऐसा प्रोत्साहन मेरे लिए बहुत खास था।'' उन्होंने कहा कि जब आशा भोसले को वह सम्मान मिला, तो उन्होंने स्टेज से कहा कि लेस्ली को भी बुलाया जाए, क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं होता।

स्टूडियो की यादें और संगीत का जादू

लेस्ली ने आशा भोसले के साथ स्टूडियो में बिताए पलों को भी याद किया। उनके अनुसार, ''आशा भोसले जैसी महान कलाकार के साथ काम करना किसी सम्मान से कम नहीं था — चाहे उनके जन्मदिन पर स्टूडियो में केक काटना हो या उनके साथ काम का मौका मिलना हो। हम उनके सामने खुद को बहुत छोटा महसूस करते हैं।''

लेस्ली ने यह भी बताया कि आशा भोसले अपने काम को लेकर बेहद सहज थीं। ''वह कभी-कभी कहती थीं कि आज उनका गाने का मूड नहीं है और जब मन होगा तभी रिकॉर्ड करेंगी। यही उनकी कला का जादू था कि जब वह गाती थीं तो नतीजा हमेशा शानदार होता था।''

एक स्वतंत्र निर्माता के रूप में पहचान

लेस्ली लुईस के अनुसार, आशा भोसले ने उन्हें न केवल संगीत बल्कि काम करने का तरीका भी सिखाया। ''उन्होंने मुझे एक स्वतंत्र निर्माता के तौर पर पहचान बनाने में काफी मदद की।'' उन्होंने कहा कि एक युवा कलाकार के लिए किसी अनुभवी और स्थापित कलाकार की ओर से मिलने वाला ऐसा समर्थन बेहद दुर्लभ और मूल्यवान होता है।

साझा संगीत विरासत

लेस्ली लुईस और आशा भोसले ने मिलकर कई यादगार रचनाएँ दीं। दोनों के सहयोग का सबसे चर्चित इंडिपॉप एल्बम 'जानम समझा करो' का गाना 'रात शबनमी' रहा, जिसे लेस्ली ने कंपोज किया और जिसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। इसके अलावा दोनों ने 'राहुल एंड आई' एल्बम के साथ-साथ आर.डी. बर्मन के क्लासिक गानों 'ओ मेरे सोना रे' और 'पिया तू अब तो आजा' के नए संस्करण भी तैयार किए।

यह सहयोग भारतीय इंडिपॉप के स्वर्णिम दौर की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है, और लेस्ली की ये यादें उस युग की गर्माहट को एक बार फिर ताज़ा करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आज के स्ट्रीमिंग-केंद्रित उद्योग में दुर्लभ होती जा रही है। गौरतलब है कि 'जानम समझा करो' जैसे एल्बम ने 1990 के दशक में हिंदी इंडिपॉप को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई थी — और इस जोड़ी की विरासत को इस नज़रिए से भी समझा जाना चाहिए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा भोसले ने लेस्ली लुईस को स्टेज पर क्यों बुलाया था?
एक अवॉर्ड शो के दौरान जब आशा भोसले को सम्मान मिला, तो उन्होंने मंच से कहा कि लेस्ली लुईस को भी बुलाया जाए क्योंकि उनके बिना यह अवॉर्ड संभव नहीं होता। लेस्ली ने इस पल को अपने करियर का सबसे खास सम्मान बताया है।
लेस्ली लुईस और आशा भोसले ने कौन-से मशहूर गाने साथ किए?
दोनों ने इंडिपॉप एल्बम 'जानम समझा करो' का गाना 'रात शबनमी' साथ किया, जिसे लेस्ली ने कंपोज किया और मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा। इसके अलावा 'राहुल एंड आई' एल्बम और आर.डी. बर्मन के क्लासिक गानों 'ओ मेरे सोना रे' व 'पिया तू अब तो आजा' के नए संस्करण भी तैयार किए।
लेस्ली लुईस ने आशा भोसले से क्या सीखा?
लेस्ली लुईस के अनुसार उन्होंने आशा भोसले से संगीत के साथ-साथ काम करने का तरीका भी सीखा। उन्होंने बताया कि आशा भोसले ने उन्हें एक स्वतंत्र निर्माता के रूप में पहचान दिलाने में भी अहम मदद की।
आशा भोसले की रिकॉर्डिंग शैली कैसी थी?
लेस्ली लुईस के अनुसार, आशा भोसले अपने मूड के अनुसार रिकॉर्डिंग करती थीं और कभी-कभी कहती थीं कि जब मन होगा तभी गाएँगी। लेकिन जब भी वह गाती थीं, नतीजा हमेशा असाधारण होता था।
'जानम समझा करो' एल्बम का 'रात शबनमी' गाना किसने बनाया था?
'रात शबनमी' गाने को लेस्ली लुईस ने कंपोज किया था और इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। आशा भोसले की आवाज़ में यह गाना इंडिपॉप के दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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