आयुष्मान खुराना ने दी आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि, जनाई भोसले का संदेश- जिंदगी को जिएं उनके जैसे
सारांश
Key Takeaways
- आयुष्मान खुराना ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने के लिए एक वीडियो साझा किया।
- जनाई भोसले ने अपनी दादी की याद में भावुक वीडियो बनाया।
- आशा भोसले का संगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
- प्रेम और यादों के माध्यम से हम अपने प्रियजनों को हमेशा जीवित रख सकते हैं।
- संगीत ने जीवन को कैसे समृद्ध किया है, यह इस घटना से स्पष्ट होता है।
मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आशा भोसले के गानों ने संगीत की दुनिया में वर्षों तक लोगों के दिलों को छू लिया है। उनके निधन के बाद, लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इस मौके पर अभिनेता आयुष्मान खुराना और उनकी पोती जनाई भोसले ने भावनात्मक स्वर में उन्हें याद किया।
आयुष्मान खुराना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह गिटार बजाते हुए पंजाबी लोकगीत 'दस मेरेया दिलबरा वे, तू केड़े अर्श दा तारा' गाते हुए दिख रहे हैं। यह गीत अपनी लय और बोल के कारण बहुत खास है। आयुष्मान इसे दिल से गाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ''यह मेरा प्रिय पंजाबी गीत है, जिसे आशा भोसले ने अपनी अनोखी शैली में गाया था। मैं उनकी आवाज सुनते हुए बड़ा हुआ हूं। उनके शब्दों में एक गहराई और अपनापन है। ऐसी आवाज कभी खत्म नहीं होती, बल्कि वह हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।''
आयुष्मान के इस पोस्ट पर उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप ने भी प्यार जताते हुए हार्ट इमोजी के जरिए प्रतिक्रिया दी।
गाने की बात करें, तो 'दस मेरेया दिलबरा वे' में आशा भोसले के साथ मोहम्मद रफी ने भी अपनी आवाज दी थी। यह एक रोमांटिक गीत है, जिसमें प्रेमिका अपने साथी से सवाल करती है।
इसके अलावा, जनाई भोसले ने अपनी दादी को याद करते हुए एक भावुक वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें वह अपनी दादी आशा भोसले के साथ बालकनी में खड़ी नजर आ रही हैं और नीचे गुजर रही रैली को देख रही हैं। दोनों के चेहरे पर मुस्कान है। वीडियो का एक खास पल तब आता है, जब जनाई अपनी दादी के माथे पर प्यार से किस करती हैं।
इस वीडियो में जनाई ने 1980 की बॉलीवुड फिल्म 'लूटमार' का एक प्रसिद्ध गाना, 'जब छाए मेरा जादू' का इस्तेमाल किया है। इस गाने को आशा भोसले ने गाया है और इसका संगीत राजेश रोशन ने दिया है।
जनाई ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, ''उन्हें हमेशा यह पसंद था कि लोग जिंदगी को उसी तरह मनाएं, जैसे उन्होंने खुद हर पल को पूरे दिल से जीया।''