एरबिल हवाई अड्डे के पास पाँच ड्रोन मार गिराए, छठे से खेतों में आग; मध्य पूर्व में तनाव चरम पर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में 24 जुलाई की सुबह एक बड़ा हमला नाकाम कर दिया गया, जब एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट पाँच ड्रोन को हवाई सुरक्षा प्रणाली ने मार गिराया। छठा ड्रोन पास के कृषि क्षेत्र में गिरा, जिससे फसलों और घास में आग भड़क उठी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, कुल छह ड्रोन ने एरबिल को निशाना बनाया। इनमें से पाँच ड्रोन हवाई अड्डे के पास ही वायु रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट कर दिए गए। छठा ड्रोन खेतों में जा गिरा और उससे लगी आग को बुझाने के लिए सिविल डिफेंस की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
माना जा रहा है कि इन हमलों का संभावित लक्ष्य एरबिल स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और हवाई अड्डे के समीप स्थित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का सैन्य अड्डा थे।
पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम
यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ दिनों में एरबिल पर कई बार ड्रोन हमले हो चुके हैं। एक कुर्द सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की वायु रक्षा प्रणाली ने दूतावास की ओर बढ़ रहे चार ड्रोन को लक्ष्य तक पहुँचने से पहले ही नष्ट कर दिया था।
इसी क्रम में एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक अहमद होश्यार ने मंगलवार को बताया कि लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के कारण कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं, हालाँकि बाद में हवाई अड्डे का संचालन पुनः शुरू कर दिया गया।
अमेरिकी सैनिक की मौत और व्यापक संदर्भ
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने रविवार को पुष्टि की कि उत्तरी इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। यह हादसा शनिवार को एक गिराए गए ईरानी आत्मघाती ड्रोन के बिना फटे विस्फोटक को नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय करने के दौरान हुआ।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य सुविधाओं पर जवाबी हमले किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है।
एरबिल पर असर
कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल ऐतिहासिक रूप से इराक के अपेक्षाकृत स्थिर हिस्सों में गिना जाता रहा है, लेकिन बार-बार हो रहे ड्रोन हमलों ने वहाँ की नागरिक सुरक्षा और हवाई संपर्क को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। हवाई अड्डे पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोके जाने से यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा।
आगे क्या
अमेरिका-ईरान तनाव के मौजूदा स्तर को देखते हुए सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एरबिल और इराक के अन्य अमेरिकी ठिकानों पर दबाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के सैन्य अड्डे की निकटता एरबिल को इस क्षेत्रीय टकराव में एक संवेदनशील बिंदु बनाए हुए है।