एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास विस्फोटक ड्रोन नष्ट, एक दिन पहले 6 ड्रोन हमले
सारांश
मुख्य बातें
इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को एक विस्फोटक से लदे ड्रोन को मार गिराया गया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के एयर डिफेंस सिस्टम ने दोपहर में इस ड्रोन को रोककर नष्ट किया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
यह घटना उस समय हुई जब एक दिन पहले — शुक्रवार सुबह — उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान इलाके में एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास कुल 6 ड्रोन ने हमले की कोशिश की थी। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इनमें से 5 ड्रोन एयरपोर्ट के निकट मार गिराए गए, जबकि छठा ड्रोन पास के खेती वाले इलाके में क्रैश हो गया, जिससे फसलों और घास में आग लग गई। सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया।
एरबिल पर बढ़ते ड्रोन हमले
हाल के दिनों में एरबिल पर ड्रोन हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप स्थित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बेस बार-बार निशाने पर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा किए जा रहे हैं, हालाँकि किसी भी हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी अभी तक नहीं ली गई है।
कुवैत सीमा पर भी हमला
इसी क्रम में, कुवैत ने गुरुवार को घोषणा की कि एक 'दुश्मन के ड्रोन' ने इराक से लगती अल-अब्दाली सीमा चौकी पर हमला किया। कुवैती सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस हमले में संपत्ति का नुकसान हुआ, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। सेना ने तुरंत विशेष टीमें घटनास्थल पर भेजीं और विस्फोटक निरोधक दल ड्रोन के मलबे को हटाने में जुट गए। कुवैती सेना ने हमले के पीछे किसी समूह की पहचान नहीं की और न ही हमले में इस्तेमाल ड्रोनों की संख्या का खुलासा किया।
व्यापक क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव तेज़ी से बढ़ा है। गौरतलब है कि इराक का कुर्दिस्तान क्षेत्र अमेरिकी सैन्य और कूटनीतिक उपस्थिति का प्रमुख केंद्र रहा है, जिसे ईरान समर्थित ताकतें लगातार चुनौती देती रही हैं।
आगे क्या
अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और हमलों की जाँच जारी है। क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के मद्देनज़र आने वाले दिनों में और घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।