29 जुलाई 2026
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अमेरिका-सऊदी संयुक्त हवाई हमले: पूर्वी इराक में ईरान समर्थित ठिकाने तबाह, IRGC की मिसाइलें भी नाकाम

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अमेरिका-सऊदी संयुक्त हवाई हमले: पूर्वी इराक में ईरान समर्थित ठिकाने तबाह, IRGC की मिसाइलें भी नाकाम

सारांश

अमेरिका और सऊदी अरब ने पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए — 30 से अधिक ड्रोन हमलों और 600 से अधिक हमले की कोशिशों के जवाब में। IRGC की बैलिस्टिक मिसाइलें भी नाकाम रहीं। सऊदी अरब का इस स्तर पर सीधे शामिल होना मध्य पूर्व में बदलते गठबंधन का संकेत है।

मुख्य बातें

अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने 29 जुलाई 2026 को पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के लॉजिस्टिक्स और हथियार ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए।
यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा ढाँचे पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों तथा फरवरी-अप्रैल 2026 के बीच 600 से अधिक हमले की कोशिशों के जवाब में हुई।
IRGC द्वारा दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलें सफलतापूर्वक रोकी गईं; कमांड ने मिसाइलों की संख्या या रक्षा प्रणाली का खुलासा नहीं किया।
20 से अधिक अमेरिकी नौसेना युद्धपोत मध्य पूर्व में तैनात; 'स्टील वॉल नाकेबंदी' के तहत 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया।
सेंटकॉम ने IRGC को चेतावनी दी कि हमले बंद न करने पर और जवाबी कार्रवाई होगी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 29 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के कई लॉजिस्टिक्स और हथियार भंडारण ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढाँचे पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।

हमले की पृष्ठभूमि और कारण

सेंटकॉम के अनुसार, फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच इराक में ईरान-समर्थित मिलिशिया ने अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों पर 600 से अधिक हमले करने की कोशिश की। कमांड ने कहा कि यह अभियान पिछले 72 घंटों के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देशन में किए गए हवाई हमलों के प्रत्युत्तर में चलाया गया।

सेंटकॉम ने स्पष्ट किया, 'अमेरिकी सेना के खिलाफ किए गए गैर-ज़रूरी हमले सफल नहीं रहे।' हालाँकि, कमांड ने यह नहीं बताया कि किन विशेष समूहों को निशाना बनाया गया, पूर्वी इराक में हमले किन-किन स्थानों पर हुए, या इस ऑपरेशन में कितना नुकसान हुआ।

IRGC की बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं

सेंटकॉम ने दावा किया कि शाम 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) पर IRGC ने ईरान से क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर अचानक हमले के उद्देश्य से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कमांड के अनुसार, 'ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया।' कमांड ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी मिसाइलें दागी गईं, उन्हें कहाँ रोका गया, किन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, या किन रक्षा प्रणालियों का उपयोग किया गया।

नौसेना तैनाती और 'स्टील वॉल नाकेबंदी'

सेंटकॉम ने एक अलग बयान में बताया कि 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत मध्य पूर्व में सैन्य मिशनों के समर्थन में तैनात हैं। इन अभियानों में ईरान के खिलाफ अमेरिका की 'स्टील वॉल नाकेबंदी' को सख्ती से लागू करना भी शामिल है।

कमांड के अनुसार, नियमों का पालन कराने के लिए 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया, दो जहाजों को रोका गया और दो अन्य की तलाशी ली गई। हालाँकि, इन जहाजों की पहचान, उनके मालिकों, उनके माल या संबंधित समुद्री क्षेत्रों की जानकारी साझा नहीं की गई।

व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ

यह संयुक्त हवाई अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब पूरे मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि यह ऐसी पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने इराक में ईरान-समर्थित ठिकानों पर कार्रवाई की हो — लेकिन सऊदी अरब का इस पैमाने पर सीधे संयुक्त ऑपरेशन में शामिल होना क्षेत्रीय गठबंधन की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव माना जा रहा है।

सेंटकॉम ने चेतावनी दी है कि 'IRGC व उसके आतंकवादी सहयोगियों को अमेरिकी सेना की और जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए ये हमले बंद करने होंगे।' आने वाले दिनों में इस तनाव के और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लक्षित स्थानों और रोकी गई मिसाइलों की संख्या पर जानबूझकर चुप्पी पारदर्शिता के गंभीर सवाल खड़े करती है। फरवरी से अप्रैल के बीच 600 से अधिक हमले की कोशिशों का आँकड़ा — जो अब सामने आया — यह भी बताता है कि यह तनाव अचानक नहीं भड़का, बल्कि महीनों से सुलग रहा था। असली सवाल यह है कि क्या यह 'जवाबी कार्रवाई' एक सीमित संदेश है या व्यापक संघर्ष की शुरुआत।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में हमले क्यों किए?
सेंटकॉम के अनुसार, यह हमले पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित मिलिशिया द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा ढाँचे पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों तथा फरवरी-अप्रैल 2026 के बीच 600 से अधिक हमले की कोशिशों के जवाब में किए गए। कमांड ने इसे IRGC के निर्देशन में चलाए गए अभियान का प्रत्युत्तर बताया।
क्या IRGC की मिसाइलें वाकई रोकी गईं?
सेंटकॉम ने दावा किया कि IRGC द्वारा ईरान से दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलें सफलतापूर्वक रोक ली गईं। हालाँकि, कमांड ने मिसाइलों की संख्या, उन्हें रोकने की जगह या उपयोग की गई रक्षा प्रणाली का कोई विवरण नहीं दिया।
पूर्वी इराक में किन ठिकानों पर हमला हुआ?
सेंटकॉम ने केवल इतना बताया कि हमले पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के लॉजिस्टिक्स और हथियार भंडारण ठिकानों पर किए गए। किन विशेष स्थानों या समूहों को निशाना बनाया गया, इसका खुलासा नहीं किया गया।
अमेरिका की 'स्टील वॉल नाकेबंदी' क्या है?
'स्टील वॉल नाकेबंदी' ईरान के खिलाफ अमेरिका का एक समुद्री नाकेबंदी अभियान है जिसे 20 से अधिक नौसेना युद्धपोत लागू कर रहे हैं। इसके तहत 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया, दो को रोका गया और दो की तलाशी ली गई।
इस संघर्ष का मध्य पूर्व पर क्या असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सऊदी अरब का अमेरिका के साथ सीधे संयुक्त सैन्य अभियान में शामिल होना क्षेत्रीय गठबंधन में बड़े बदलाव का संकेत है। सेंटकॉम की चेतावनी और IRGC की मिसाइल कार्रवाई को देखते हुए आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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