अमेरिका-सऊदी संयुक्त हवाई हमले: पूर्वी इराक में ईरान समर्थित ठिकाने तबाह, IRGC की मिसाइलें भी नाकाम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 29 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के कई लॉजिस्टिक्स और हथियार भंडारण ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह संयुक्त सैन्य कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढाँचे पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।
हमले की पृष्ठभूमि और कारण
सेंटकॉम के अनुसार, फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच इराक में ईरान-समर्थित मिलिशिया ने अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों पर 600 से अधिक हमले करने की कोशिश की। कमांड ने कहा कि यह अभियान पिछले 72 घंटों के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देशन में किए गए हवाई हमलों के प्रत्युत्तर में चलाया गया।
सेंटकॉम ने स्पष्ट किया, 'अमेरिकी सेना के खिलाफ किए गए गैर-ज़रूरी हमले सफल नहीं रहे।' हालाँकि, कमांड ने यह नहीं बताया कि किन विशेष समूहों को निशाना बनाया गया, पूर्वी इराक में हमले किन-किन स्थानों पर हुए, या इस ऑपरेशन में कितना नुकसान हुआ।
IRGC की बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं
सेंटकॉम ने दावा किया कि शाम 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) पर IRGC ने ईरान से क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर अचानक हमले के उद्देश्य से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कमांड के अनुसार, 'ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया।' कमांड ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी मिसाइलें दागी गईं, उन्हें कहाँ रोका गया, किन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, या किन रक्षा प्रणालियों का उपयोग किया गया।
नौसेना तैनाती और 'स्टील वॉल नाकेबंदी'
सेंटकॉम ने एक अलग बयान में बताया कि 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत मध्य पूर्व में सैन्य मिशनों के समर्थन में तैनात हैं। इन अभियानों में ईरान के खिलाफ अमेरिका की 'स्टील वॉल नाकेबंदी' को सख्ती से लागू करना भी शामिल है।
कमांड के अनुसार, नियमों का पालन कराने के लिए 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया, दो जहाजों को रोका गया और दो अन्य की तलाशी ली गई। हालाँकि, इन जहाजों की पहचान, उनके मालिकों, उनके माल या संबंधित समुद्री क्षेत्रों की जानकारी साझा नहीं की गई।
व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ
यह संयुक्त हवाई अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब पूरे मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि यह ऐसी पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने इराक में ईरान-समर्थित ठिकानों पर कार्रवाई की हो — लेकिन सऊदी अरब का इस पैमाने पर सीधे संयुक्त ऑपरेशन में शामिल होना क्षेत्रीय गठबंधन की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव माना जा रहा है।
सेंटकॉम ने चेतावनी दी है कि 'IRGC व उसके आतंकवादी सहयोगियों को अमेरिकी सेना की और जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए ये हमले बंद करने होंगे।' आने वाले दिनों में इस तनाव के और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।