ईरान पर अमेरिकी हमलों की आठवीं रात, 50,000 से अधिक सैनिक हाई अलर्ट पर; कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 19 जुलाई को पुष्टि की कि मध्य पूर्व में तैनात 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पूर्ण सतर्कता की स्थिति में हैं और ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की लगातार आठवीं रात सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। यह संघर्ष उस समय और तीव्र हो गया है जब ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी ड्रोन हमलों का दावा किया।
मुख्य घटनाक्रम
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा, 'अमेरिकी हमलों की लगातार आठवीं रात में हमारी सेनाओं ने ईरान की सैन्य तटीय निगरानी और हवाई रक्षा सुविधाओं, समुद्री क्षमताओं, तथा मिसाइल व ड्रोन भंडारण स्थलों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार कमज़ोर किया जा सके।'
अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उन ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिनके बारे में सेंटकॉम का कहना है कि उन्होंने 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए थे।
ईरान का पलटवार
ईरानी सेना ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में दावा किया कि उसने अमेरिका द्वारा ईरान के नागरिक ढाँचे — जिसमें पुल भी शामिल हैं — पर किए गए हमलों के जवाब में कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन हमलों के ज़रिये निशाना बनाया। ईरानी सेना के अनुसार, अल-अदिरी कैंप और अली अल सलेम एयर बेस इन हमलों के निशाने पर थे।
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को भी अमेरिकी सेना ने ईरान की तटीय निगरानी और हवाई रक्षा सुविधाओं को निशाना बनाया था, जो इस संघर्ष की क्रमिक और व्यवस्थित प्रकृति को दर्शाता है।
परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि रविवार को दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुजेस्तान प्रांत में स्थित डार्कहोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण स्थल पर अमेरिकी हमले हुए। संगठन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। यह आरोप, यदि सत्यापित होता है, तो इस संघर्ष के कूटनीतिक और कानूनी आयामों को और जटिल बना सकता है।
सैनिकों की स्थिति और तैयारी
सेंटकॉम ने स्पष्ट किया, 'मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी पुरुष और महिलाएं वर्दी में तैनात हैं। वे पूरी तरह सतर्क हैं, अपने मिशन पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं, कार्रवाई के लिए तैयार हैं और ज़रूरत पड़ने पर जवाब देने में सक्षम हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला लगातार जारी है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और किसी भी कूटनीतिक समाधान के संकेत फिलहाल नज़र नहीं आ रहे। परमाणु संयंत्र पर हमले के आरोप और कुवैत में ईरानी जवाबी हमलों से यह संघर्ष एक व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका अगले कुछ घंटों में निर्णायक साबित हो सकती है।