एरबिल में 4 ड्रोन क्रैश: कुर्दिस्तान के रिहायशी इलाकों में नुकसान, कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
इराक के अर्द्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में बुधवार, 12 अगस्त को चार अज्ञात ड्रोन अलग-अलग रिहायशी और ग्रामीण इलाकों में गिरे, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। एक कुर्द सुरक्षा सूत्र के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी साझा की।
कहाँ-कहाँ गिरे ड्रोन
सुरक्षा सूत्र के अनुसार, सोरान इलाके में एक ड्रोन सीधे एक रिहायशी मकान से टकराया, जिससे उस घर को नुकसान पहुंचा और आसपास के घरों की खिड़कियाँ टूट गईं। खलीफान इलाके के निकट दो और ड्रोन गिरे, जबकि चौथा ड्रोन हरीर इलाके के पास क्रैश हुआ, जिसके कारण आसपास की घास में आग भड़क उठी।
सिविल डिफेंस टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और हरीर में लगी आग को काबू में कर लिया। किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
ईरान का व्यापक हमला: पेशमर्गा के ठिकाने निशाने पर
कुर्दिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने उसी दिन उत्तरी एरबिल प्रांत में ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों के ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। एक पेशमर्गा कमांडर के हवाले से बताया गया कि ये हमले एरबिल प्रांत की अलामा घाटी में कोमाला पार्टी और कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ईरान (KDPI) के लड़ाकों को निशाना बनाकर किए गए। इन हमलों में किसी के हताहत होने की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बरजानी की चेतावनी: '1,000 से अधिक बार निशाना बनाया गया'
कुर्दिस्तान रीजनल गवर्नमेंट (KRG) के प्रधानमंत्री मसरूर बरजानी ने अल जजीरा के शो 'द इंटरव्यू' में कहा, 'हमें ईरान से या इराक के अंदर से कुछ विद्रोही गुटों ने सीधे मिसाइलों और ड्रोन से 1,000 से ज़्यादा बार निशाना बनाया है।' उन्होंने कहा, 'बदकिस्मती से, हमारे लोग हताहत हुए और हमने अपने लोगों को खोया। हमारी कई संपत्तियों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया है।' बरजानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुर्दिस्तान पर ये सभी हमले गलत हैं और इस इलाके ने इस संघर्ष में 'भारी कीमत चुकाई है।'
क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से कुर्द इलाके में सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन गिर चुके हैं, और इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति लगातार बढ़ रही है।
आने वाले दिनों में KRG की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रुख पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।