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राजीव बिंदल का कांग्रेस पर हमला: PM आवास मार्च संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती, पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान

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राजीव बिंदल का कांग्रेस पर हमला: PM आवास मार्च संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती, पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान

सारांश

हिमाचल BJP अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कांग्रेस के PM आवास मार्च को लोकतंत्र नहीं बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती करार दिया। साथ ही पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के सरकारी फैसले का ऐलान किया और कहा — युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य बातें

हिमाचल BJP अध्यक्ष राजीव बिंदल ने 24 जुलाई को शिमला में कांग्रेस पर संवैधानिक मर्यादाएँ तोड़ने का आरोप लगाया।
बिंदल ने PM आवास मार्च और BJP मुख्यालय घेराव को लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती बताया।
केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है; संबंधित विभागों को निर्देश जारी।
सरकार ने पेपर लीक सामने आने पर CBI जाँच , आरोपियों की गिरफ्तारी, दोबारा परीक्षा और तकनीकी सुधार जैसे कदम उठाए।
बिंदल ने कांग्रेस से सवाल किया कि संसद में चर्चा छोड़कर सड़क पर ड्रामेबाज़ी क्यों की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने शुक्रवार, 24 जुलाई को शिमला में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस और उसके केंद्रीय नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं को कमज़ोर करने पर उतारू है — संसद में रचनात्मक चर्चा छोड़कर सड़कों पर हंगामे और टकराव की राजनीति को अपना हथियार बना रही है।

PM आवास मार्च पर बिंदल का सीधा सवाल

राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करना, BJP मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश करना और हिंसा का माहौल बनाना लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है। उनके अनुसार यह संवैधानिक संस्थाओं को सोची-समझी चुनौती देने की रणनीति है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सीधे सवाल किया — "क्या लोकतांत्रिक विरोध अब हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में घुसने और राजनीतिक टकराव पैदा करने तक सीमित रह गया है?"

पेपर लीक पर सरकार की कार्रवाई

बिंदल ने बताया कि केंद्र सरकार ने परीक्षा पेपर लीक के मामलों में दोषियों को त्वरित और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का बड़ा फैसला किया है। उन्होंने कहा, "पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि मुकदमों का जल्द निपटारा हो और दोषियों को बिना देरी के सख्त सज़ा मिल सके। इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए जा चुके हैं।"

बिंदल के अनुसार जैसे ही पेपर लीक का मामला सामने आया, केंद्र सरकार ने जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी, आरोपियों को गिरफ्तार किया, दोबारा परीक्षा कराई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक तकनीकी सुधार किए और अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय भी लिया है।

युवाओं के भविष्य की रक्षा का संकल्प

बिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जो भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP छात्रों के साथ मज़बूती से खड़ी है और परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस पर आरोप: संसद में बाधा, सड़कों पर ड्रामा

बिंदल ने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में छात्रों की चिंता करती, तो वह संसद में रचनात्मक चर्चा में भाग लेकर सार्थक सुझाव देती। लेकिन कांग्रेस ने संसद में बाधा डालने, सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने और राजनीतिक ड्रामेबाज़ी का रास्ता चुना। यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।

आगे क्या

फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा और उनके अधिकार क्षेत्र का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने आना बाकी है। गौरतलब है कि पेपर लीक के मामले में CBI जाँच और तकनीकी सुधारों की प्रक्रिया पहले से जारी है। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से यह देखना होगा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन अदालतों के गठन की समयसीमा, अधिकार क्षेत्र और संसाधन क्या होंगे — जिसका ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। कांग्रेस की आलोचना करते हुए बिंदल ने संसद में बाधा का उल्लेख किया, लेकिन यह नहीं बताया कि सत्तापक्ष ने विपक्ष की माँगों पर सदन के भीतर कितनी गंभीर चर्चा की पेशकश की।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव बिंदल ने PM आवास मार्च को संवैधानिक चुनौती क्यों बताया?
हिमाचल BJP अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करना और BJP मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश करना लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को सोची-समझी चुनौती है। उनके अनुसार कांग्रेस को संसद में रचनात्मक बहस करनी चाहिए थी, न कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलानी चाहिए थी।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या होंगे?
केंद्र सरकार ने परीक्षा पेपर लीक के सभी मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है, ताकि दोषियों को बिना देरी के कड़ी सज़ा मिल सके। बिंदल के अनुसार संबंधित विभागों और अधिकारियों को इस संबंध में ज़रूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पेपर लीक विवाद में केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
बिंदल के अनुसार सरकार ने मामला सामने आते ही CBI जाँच शुरू कराई, आरोपियों को गिरफ्तार किया, प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक तकनीकी सुधार किए और अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय भी लिया है।
BJP का कांग्रेस के विरोध पर क्या रुख है?
BJP का कहना है कि कांग्रेस छात्रों की वास्तविक चिंता के बजाय राजनीतिक एजेंडे के लिए विरोध कर रही है। बिंदल ने कहा कि अगर कांग्रेस सचमुच छात्रों की परवाह करती, तो वह संसद में सार्थक सुझाव देती — न कि सड़कों पर ड्रामेबाज़ी करती।
हिमाचल BJP अध्यक्ष राजीव बिंदल कौन हैं?
राजीव बिंदल हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे हिमाचल प्रदेश की राजनीति में BJP के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर समर्थक रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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