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पेपर लीक पर विपक्ष छात्रों को हथियार बना रहा है: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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पेपर लीक पर विपक्ष छात्रों को हथियार बना रहा है: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि वह छात्रों की आड़ में राजनीति कर रहा है। PM मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले को 'ऐतिहासिक' बताते हुए धामी ने कांग्रेस-शासित राज्यों में परीक्षा रद्द होने का हवाला भी दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 जुलाई को देहरादून में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को हथियार बनाकर राजनीति कर रहा है।
PM मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है, जिसे धामी ने 'ऐतिहासिक कदम' बताया।
धामी के अनुसार, मोदी सरकार में 17 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला, जबकि 2004–2014 के बीच केवल 2 करोड़ को नौकरी मिली।
धामी ने कांग्रेस-शासित राज्यों , विशेषकर पंजाब , में परीक्षाएँ रद्द होने का हवाला दिया।
धामी ने कहा कि विपक्ष देश में अस्थिरता और हिंसा का माहौल बनाना चाहता है, लेकिन जनता सब देख रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 जुलाई को देहरादून में स्पष्ट आरोप लगाया कि विपक्ष को छात्रों के वास्तविक हित से कोई सरोकार नहीं है — वह केवल छात्रों की आड़ में राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है। उनका यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को कड़ी सजा देने का संकल्प व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी का विपक्ष पर सीधा हमला

धामी ने कहा कि विपक्ष का रवैया बेहद नकारात्मक है। उनके अनुसार, 'विपक्ष पहले ही अपनी राजनीतिक जमीन खो चुका है और अब बच्चों को हथियार बनाकर आगे करना चाहता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने देश के युवाओं को हमेशा केवल वोट बैंक की तरह देखा है, न कि भविष्य की शक्ति के रूप में। धामी ने यह भी कहा कि कुछ तत्व देश में अस्थिरता, तोड़फोड़ और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट का समर्थन

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस एलान का पुरज़ोर समर्थन किया जिसमें पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई है। धामी ने इसे 'ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम' बताते हुए कहा कि इससे पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और करोड़ों छात्रों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी मेहनत के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।

रोज़गार के आँकड़ों पर तुलनात्मक दावा

धामी ने युवा रोज़गार के मोर्चे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में 17 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला, जबकि 2004 से 2014 के बीच केवल 2 करोड़ लोगों को ही नौकरी मिल सकी थी। धामी ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने, स्किल डेवलपमेंट विभाग की स्थापना और युवाओं के लिए अवसर सृजन को मोदी सरकार की उपलब्धि बताया।

कांग्रेस शासित राज्यों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है, जबकि कांग्रेस-शासित राज्यों में परीक्षाएँ रद्द होती रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से पंजाब का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ भी हाल ही में परीक्षा रद्द हुई। धामी ने यह भी जोड़ा कि संवाद का रास्ता खुला है, लेकिन विपक्ष समस्याएँ सुलझाने की बजाय राजनीति करना चाहता है।

आगे क्या

पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया और समयसीमा अभी सरकार की ओर से स्पष्ट की जानी बाकी है। देश की जनता और छात्र समुदाय इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर नज़र बनाए रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे सरकारी दावे हैं और स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों के बीच इन पर बहस जारी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की व्यवस्थागत खामियाँ — परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही, डेटा सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता — कब और कैसे दुरुस्त होंगी। सज़ा देना ज़रूरी है, लेकिन रोकथाम उससे भी ज़रूरी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष को छात्रों के हित से कोई मतलब नहीं है और वह केवल छात्रों को आगे करके राजनीति करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने युवाओं को हमेशा वोट बैंक की तरह देखा है।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सज़ा मिल सके। CM धामी ने इसे करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
धामी ने रोज़गार के कौन से आँकड़े पेश किए?
धामी ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 17 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला, जबकि 2004 से 2014 के बीच केवल 2 करोड़ लोगों को ही नौकरी मिली थी। ये आँकड़े सरकारी दावे हैं।
धामी ने कांग्रेस-शासित राज्यों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि BJP सरकार परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है, जबकि कांग्रेस-शासित राज्यों में परीक्षाएँ रद्द होती रही हैं। उन्होंने पंजाब का विशेष उल्लेख किया जहाँ हाल ही में परीक्षा रद्द हुई।
पेपर लीक विवाद में विपक्ष की भूमिका पर धामी का क्या कहना है?
धामी के अनुसार विपक्ष छात्रों की समस्याओं को सुलझाने की बजाय उन्हें राजनीतिक हथियार बनाना चाहता है और देश में अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन सबको देख रही है और विपक्ष को उचित जवाब देगी।
राष्ट्र प्रेस
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