नित्यानंद राय ने 'जनगणना 2027' की स्व-गणना प्रक्रिया में लिया भाग, नागरिकों से किया अपील

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नित्यानंद राय ने 'जनगणना 2027' की स्व-गणना प्रक्रिया में लिया भाग, नागरिकों से किया अपील

सारांश

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 'जनगणना 2027' की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से भी स्व-गणना प्रपत्र भरने की अपील की, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँचेगा।

Key Takeaways

  • नित्यानंद राय ने 'जनगणना 2027' की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया।
  • सभी नागरिकों को स्व-गणना प्रपत्र भरने की अपील की गई।
  • यह प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसे अमित शाह के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है।
  • जनगणना का पहला चरण आवास गणना है।
  • नागरिकों को 33 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर 'जनगणना 2027' की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से स्व-गणना प्रपत्र भरने की अपील की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में नित्यानंद राय ने कहा, "जनगणना 2027 के पहले चरण 'आवास गणना' के अंतर्गत, आज मैंने अपने सरकारी आवास पर स्व-गणना प्रपत्र भरा। यह प्रक्रिया भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरणादायक नेतृत्व में देश के विकास को और तेज करेगी, और सरकारी योजनाओं को हर नागरिक तक प्रभावी रूप से पहुँचाने में सहायता करेगी।"

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में जनगणना पहली बार डिजिटल रूप में प्रारंभ हो रही है, जिससे यह प्रक्रिया सरल और प्रभावी बन गई है।

लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "आप भी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के अनुसार स्व-गणना कर सकते हैं। प्रगणक शीघ्र ही आपके घर आएंगे। आपसे अनुरोध है कि आप आवश्यक जानकारी प्रदान कर इस राष्ट्रीय कर्तव्य में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें।"

इससे पहले बुधवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी गिनती का काम पूरा किया था। शुक्रवार को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया।

जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होने जा रही है, जो 150 से अधिक वर्षों से चली आ रही पारंपरिक कागज-आधारित प्रणाली से हटकर होगी। यह प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत दो चरणों में आयोजित की जा रही है।

पहला चरण, जिसे हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना (एचएलओ) कहा जाता है, आवास की स्थितियों, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित डेटा इकट्ठा करने पर केंद्रित है। इस चरण में नागरिकों को 33 अधिसूचित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।

Point of View

जो सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

जनगणना 2027 क्या है?
जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है, जो 150 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक प्रणाली से हटकर होगी।
स्व-गणना प्रक्रिया का महत्व क्या है?
स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को अपने डेटा को सही तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर देती है, जिससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
कब तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी?
स्व-गणना प्रक्रिया का समय निर्धारित किया जाएगा, लेकिन नागरिकों को जल्द ही अपने प्रगणक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्व-गणना कैसे करें?
आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के अनुसार स्व-गणना कर सकते हैं।
क्या यह जनगणना डिजिटल होगी?
हाँ, जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल रूप में होगी।
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