दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख भूमिका: ‘डिजिटल इंडिया’ को साकार करने में केशव प्रसाद मौर्य का दृष्टिकोण
सारांश
Key Takeaways
- दूरसंचार क्षेत्र की भूमिका डिजिटल इंडिया के लक्ष्य में निर्णायक है।
- प्रधानमंत्री मोदी के अभियान को साकार करने में दूरसंचार विभाग का योगदान महत्वपूर्ण है।
- उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों की तकनीकी दक्षता की सराहना की।
- सरकार अधिकारियों के जायज हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
- उत्तर प्रदेश को ‘सर्वोत्तम’ प्रदेश बनाने के लिए मजबूत दूरसंचार प्रणाली आवश्यक है।
लखनऊ, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ‘डिजिटल इंडिया’ के लक्ष्य को पूरा करने में दूरसंचार क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का योगदान अनिवार्य रहा है। उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लखनऊ के भूतनाथ में स्थित सभागार में दूरसंचार विभाग के अधिकारी संघ (एआईएसीई) की सेंट्रल एक्जीक्यूटिव कमेटी (सीईसी) की बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार साझा किए।
बैठक में पहुंचने पर संघ के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को वास्तविकता में बदलने में दूरसंचार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज की दुनिया में संचार को शक्ति माना जाता है और दूरसंचार नेटवर्क के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना संभव हुआ है।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की, जिसके कारण देश में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार तेजी से हुआ है। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और विभागीय चुनौतियों को उपमुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।
मौर्य ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि अधिकारियों के वैध हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है और आवश्यक सुझावों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा, ताकि विभाग की कार्यक्षमता और बेहतर हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका को और मजबूत बनाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम’ से ‘सर्वोत्तम’ प्रदेश बनाने के लिए मजबूत दूरसंचार प्रणाली और बेहतर कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक है।