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बलूचिस्तान में दो बलूच नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप, मानवाधिकार संगठनों ने जांच माँगी

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बलूचिस्तान में दो बलूच नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप, मानवाधिकार संगठनों ने जांच माँगी

सारांश

बलूचिस्तान में दो और बलूच नागरिकों के शव बरामद — एक केच से, एक पंजगुर से। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि दोनों को जबरन लापता करने के बाद मार दिया गया। अंतरराष्ट्रीय जांच और जवाबदेही की माँग तेज।

मुख्य बातें

आदिल बलूच का शव 23 अक्टूबर को केच जिले के सर्नकिन क्षेत्र से बरामद हुआ; कथित तौर पर 3 दिन पहले जबरन लापता किया गया था।
बाबा बलूच (24 वर्ष) का क्षत-विक्षत शव 14 अक्टूबर को पंजगुर जिले के रख्शान कौर में मिला; कथित रूप से 17 दिनों से लापता थे।
बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने आदिल सहित 3 अन्य युवकों की हिरासत की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की।
बलोच यकजेहती समिति (BYC) ने आरोप लगाया कि बलूच समुदाय सामूहिक दंड जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
दोनों संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से हस्तक्षेप और पाकिस्तान से जवाबदेही की माँग की है।

मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में दो बलूच नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या कर दी — यह घटनाएँ ऐसे समय सामने आई हैं जब प्रांत में कथित जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता लगातार गहरी हो रही है। दोनों पीड़ितों के शव अलग-अलग जिलों से बरामद हुए, और दोनों ही मामलों में परिवारों को गुमशुदगी के दौरान कोई सूचना नहीं दी गई।

आदिल बलूच का मामला: केच जिले में शव बरामद

मानवाधिकार संगठन बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बताया कि आदिल बलूच का शव 23 अक्टूबर को केच जिले के सर्नकिन क्षेत्र से बरामद किया गया। संगठन के अनुसार, शव मिलने से तीन दिन पहले उन्हें कथित तौर पर जबरन लापता किया गया था।

BVJ के मुताबिक, आदिल और तीन अन्य युवकों को कोहार बाजार में छापेमारी के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और कथित रूप से राज्य समर्थित समूहों द्वारा हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया, जिससे उनके परिवार उनकी स्थिति या ठिकाने का पता नहीं लगा सके।

संगठन ने कहा कि आदिल का शव मिलने से उनकी मौत की परिस्थितियों और हिरासत के दौरान कथित व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। BVJ ने इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ हिरासत में लिए गए तीनों अन्य युवकों की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की है।

बाबा बलूच का मामला: पंजगुर में क्षत-विक्षत शव

बलोच यकजेहती समिति (BYC) ने एक अलग घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि 24 वर्षीय चालक बाबा बलूच का क्षत-विक्षत शव 14 अक्टूबर को पंजगुर जिले के रख्शान कौर क्षेत्र में मिला था। संगठन के अनुसार, बाबा 17 दिनों से कथित रूप से जबरन लापता थे।

BYC ने आरोप लगाया कि बलूच समुदाय सामूहिक दंड जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है और कई लोगों की बिना किसी औचित्य के हत्या की जा रही है। संगठन ने इन घटनाओं की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की माँग की है।

व्यापक संदर्भ: बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार संकट

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के आरोप वर्षों से लगते आए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ इन मामलों पर पाकिस्तान से जवाबदेही की माँग करती रही हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब बलूच नागरिक अधिकार आंदोलन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज तेज की है।

मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इन मामलों में पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। आलोचकों का मानना है कि जवाबदेही के अभाव में ऐसी घटनाएँ रुकने की बजाय बढ़ती जा रही हैं।

मानवाधिकार संगठनों की माँगें

BVJ और BYC दोनों संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और कार्यकर्ताओं से इन घटनाओं पर आवाज उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान से यह जवाब माँगा जाना चाहिए कि युवाओं को बार-बार क्यों निशाना बनाया जा रहा है।

संगठनों ने यह भी कहा कि सभी व्यक्तियों को जीवन और सुरक्षा का अधिकार है, और जब तक इन मामलों में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संकट जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जवाबदेही का तंत्र लगभग अनुपस्थित रहा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन घटनाओं को 'सुरक्षा अभियान' के नज़रिये से देखती है, जबकि पीड़ित परिवारों की आवाज़ें और स्वतंत्र सत्यापन की माँग हाशिये पर रहती है। पाकिस्तान सरकार की चुप्पी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हालात में कोई ठोस बदलाव न आना यह दर्शाता है कि सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा — संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार निकायों को बाध्यकारी जांच तंत्र की माँग करनी होगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में गैर-न्यायिक हत्या के ताज़ा मामले क्या हैं?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, आदिल बलूच का शव 23 अक्टूबर को केच जिले से और बाबा बलूच (24 वर्ष) का शव 14 अक्टूबर को पंजगुर जिले से बरामद हुआ। दोनों को कथित तौर पर जबरन लापता करने के बाद मृत पाया गया।
बलोच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) ने क्या माँग की है?
BVJ ने आदिल बलूच की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, तथा कोहार बाजार छापेमारी में हिरासत में लिए गए तीन अन्य युवकों की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की है।
बाबा बलूच कितने समय से लापता थे?
बलोच यकजेहती समिति (BYC) के अनुसार, बाबा बलूच 17 दिनों से कथित रूप से जबरन लापता थे। इसके बाद 14 अक्टूबर को पंजगुर जिले के रख्शान कौर क्षेत्र में उनका क्षत-विक्षत शव मिला।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी पुरानी है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के आरोप वर्षों से लगते आए हैं। संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाएँ इन मामलों पर पाकिस्तान से जवाबदेही की माँग करती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाबदेही तंत्र स्थापित नहीं हुआ है।
इन मामलों में पाकिस्तान सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही है?
रिपोर्टों के अनुसार, इन दोनों विशेष मामलों में पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकारी चुप्पी जवाबदेही की कमी को और गहरा करती है।
राष्ट्र प्रेस
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