विनोद मेहरा पुण्यतिथि: 100+ फिल्में, तीन शादियाँ और रेखा से रहस्यमय रिश्ते की दास्तान
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता विनोद मेहरा की 36वीं पुण्यतिथि पर आज उनके अनूठे सफर को याद किया जा रहा है — एक ऐसा कलाकार जो 1970 और 1980 के दशक में अपनी स्वाभाविक और भावनात्मक अभिनय शैली के दम पर हिंदी सिनेमा की अग्रिम पंक्ति में शामिल था। 30 अक्टूबर 1990 को महज 45 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से उनका असमय निधन हो गया था, लेकिन पर्दे पर उनकी छाप आज भी बनी हुई है।
शुरुआती जीवन और बाल कलाकार के रूप में पहचान
विनोद मेहरा का जन्म 13 फरवरी 1945 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उनके पिता का नाम परमेश्वरीदास मेहरा और माता का नाम कमला मेहरा था। बचपन से ही अभिनय की ओर झुकाव रखने वाले विनोद ने महज 10 वर्ष की उम्र में बाल कलाकार के रूप में फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। 1950 के दशक के मध्य में उन्होंने फिल्म 'अदल-ए-जहांगीर' और 'रागिनी' से अपने अभिनय करियर की नींव रखी।
मुख्य अभिनेता के रूप में शानदार करियर
मुख्य अभिनेता के रूप में विनोद मेहरा ने 1971 की फिल्म 'एक थी रीटा' से छलांग लगाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। तीन दशकों के अपने करियर में उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'अनुराग', 'घर', 'जानी दुश्मन', 'अमर प्रेम', 'बेमिसाल', 'जुर्माना', 'द बर्निंग ट्रेन', 'नागिन', 'खुद्दार', 'साजन बिना सुहागन', 'प्रेम प्रतिज्ञा' और 'लाल पत्थर' जैसी यादगार कृतियाँ शामिल हैं।
गौरतलब है कि अभिनय के अलावा उन्होंने फिल्म 'गुरुदेव' का निर्माण और निर्देशन भी किया था, जो उनके निधन के पश्चात 1993 में रिलीज़ हुई। यह इस बात का प्रमाण है कि वे परदे के पीछे भी उतने ही सक्रिय थे जितने परदे पर।
तीन विवाह और उलझी निजी ज़िंदगी
विनोद मेहरा की फिल्मी उपलब्धियों के साथ-साथ उनकी निजी ज़िंदगी भी अक्सर सुर्खियों में रही। कहा जाता है कि उन्होंने तीन विवाह किए। पहली शादी माँ की पसंद से मीना ब्रोका से हुई, किंतु यह रिश्ता अधिक समय तक नहीं टिक सका और 1978 में दोनों का तलाक हो गया।
इसके बाद उन्होंने अभिनेत्री बिंदिया गोस्वामी से दूसरा विवाह किया, लेकिन कुछ ही वर्षों में यह रिश्ता भी बिखर गया। तीसरी शादी उन्होंने किरण मेहरा से की, जिनसे उनके दो बच्चे भी हुए।
रेखा से कथित रिश्ते की चर्चा
तीन विवाहों से परे, विनोद मेहरा का नाम कथित तौर पर अभिनेत्री रेखा के साथ भी चर्चा में रहा। दोनों के बीच कथित अफेयर और एक गुपचुप विवाह की खबरें उस दौर में काफी सुर्खियाँ बटोरती थीं, हालाँकि इन दावों की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
असमय विदाई और विरासत
30 अक्टूबर 1990 को 45 वर्ष की अल्प आयु में हृदयाघात ने विनोद मेहरा को हिंदी सिनेमा से छीन लिया। यह ऐसे समय में था जब वे अभी भी सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और उनकी आखिरी फिल्म भी पूरी तरह रिलीज़ नहीं हुई थी। उनकी पुण्यतिथि पर उनके प्रशंसक और सिनेमाप्रेमी उनके योगदान को याद करते हैं, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।