30 अक्टूबर 2026
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सोहा अली खान पर फतवा गलत, धार्मिक स्थल पर जाना भाईचारे की मिसाल: भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी

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सोहा अली खान पर फतवा गलत, धार्मिक स्थल पर जाना भाईचारे की मिसाल: भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी

सारांश

भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने सोहा अली खान पर जारी फतवे को अनुचित बताते हुए फतवा जारी करने वाले मौलानाओं के आचरण पर ही सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने दिवाली-धनतेरस के बीच 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारियों और यातायात की चिंताएँ सामने रखीं।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 29 अक्टूबर 2026 को सोहा अली खान के खिलाफ जारी फतवे को गलत करार दिया।
जिलानी ने कहा कि सामाजिक सद्भाव के लिए दूसरे धर्म के स्थल पर जाना भारतीय संस्कृति में भाईचारे की मिसाल है।
अभिनेत्री सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा का भी जिलानी ने हवाला दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मौलानाओं को चोरी, डकैती और दुष्कर्म जैसे मामलों पर भी फतवे जारी करने चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर जिलानी ने कहा, रैली स्थल के 5 किलोमीटर दायरे में 8 बड़े थोक बाज़ार हैं; त्योहारी सीजन में व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी होगी।
जिलानी ने 10 लाख से अधिक भीड़ के दावे पर यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 29 अक्टूबर 2026 को अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ जारी फतवे को अनुचित करार देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक स्थलों पर जाने का अधिकार है। जिलानी के अनुसार, यदि कोई सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की भावना से दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाता है, तो यह भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट मिसाल है।

फतवे पर भाजपा का कड़ा रुख

जिलानी ने कहा कि समाज में कुछ लोग खुद को समाज का ठेकेदार समझने लगते हैं। उन्होंने कुछ तथाकथित मौलानाओं पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि वे उन लोगों के जीवन, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में पूरी जानकारी लिए बिना टिप्पणी करते हैं। भाजपा प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया उस फतवे के संदर्भ में आई है जो कथित तौर पर सोहा अली खान के किसी धार्मिक स्थल पर जाने को लेकर जारी किया गया था।

सारा अली खान का भी उल्लेख

जिलानी ने अभिनेत्री सारा अली खान का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह भी बाबा के दर्शन के लिए गई थीं। उन्होंने बताया कि सारा अली खान की एक फिल्म की शूटिंग पहले केदारनाथ में हो चुकी है। उनका तर्क था कि इस तरह की धार्मिक यात्राएँ आपसी सौहार्द का प्रतीक हैं और इन पर फतवा जारी करना उचित नहीं है।

फतवा जारी करने वालों के आचरण पर सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह फतवे जारी करने से फतवा देने वालों के अपने आचरण पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मौलानाओं को सलाह दी कि वे पहले अपने व्यवहार और समाज के भीतर मौजूद समस्याओं पर ध्यान दें। जिलानी ने यह भी कहा कि यदि उनके पास इतनी शक्ति है, तो उन्हें चोरी, डकैती, दुष्कर्म और सूद के पैसे से जुड़े मामलों के खिलाफ भी फतवे जारी करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मौलाना इस तरह के फतवों के जरिए राजनीति करते हैं।

कांग्रेस की रैली और त्योहारी सीजन पर चिंता

जिलानी ने 1 नवंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धनतेरस और दिवाली के त्योहारी अवसर पर बाज़ारों में पहले से ही भारी भीड़ होती है। रैली स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 8 बड़े थोक बाज़ार और कई छोटी गलियों में बाज़ार हैं, जिनके व्यापार पर असर पड़ सकता है।

यातायात और व्यापारियों की चिंता

कांग्रेस नेताओं के 10 लाख से अधिक लोगों के रैली में शामिल होने के दावे पर सवाल उठाते हुए जिलानी ने पूछा कि इतनी भारी भीड़ के आने से यातायात व्यवस्था कैसे संचालित होगी। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस को यातायात में बदलाव, बैरिकेड और सड़क बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिससे नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ेगी। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि दिल्ली के व्यापारी रैली को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपनी योजना पर अड़ी हुई है।

जिलानी ने अंत में कहा कि सत्ता परिवर्तन जनता अपने वोट की ताकत से करती है और रैली में अव्यवस्था होने पर जनता कांग्रेस को फिर से नकार सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे बयान को सांप्रदायिक रंग देने से बचा जा सके। दूसरी ओर, दिवाली-धनतेरस के बीच कांग्रेस रैली को लेकर उठाई गई चिंताएँ वैध हो सकती हैं, लेकिन इनका समय और तरीका स्पष्ट रूप से राजनीतिक है। यह भी गौरतलब है कि फतवे की वैधता, उसे जारी करने वाले की पहचान और उसका वास्तविक असर — इनमें से किसी की भी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं है, जो इसे एकतरफा बनाता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोहा अली खान पर किसने और क्यों फतवा जारी किया?
कथित तौर पर कुछ मौलानाओं ने अभिनेत्री सोहा अली खान के किसी धार्मिक स्थल पर जाने को लेकर फतवा जारी किया। भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी के अनुसार, यह फतवा अनुचित है और फतवा जारी करने वालों के अपने आचरण पर सवाल खड़े करता है।
भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने फतवे पर क्या कहा?
जिलानी ने कहा कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के उद्देश्य से दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाना भारतीय संस्कृति में भाईचारे की मिसाल है। उन्होंने मौलानाओं को सुझाया कि वे इस तरह के फतवे जारी करने की बजाय समाज में चोरी, डकैती और दुष्कर्म जैसी वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दें।
सारा अली खान का इस विवाद से क्या संबंध है?
भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने सारा अली खान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी बाबा के दर्शन के लिए गई थीं और केदारनाथ में उनकी फिल्म की शूटिंग पहले हो चुकी है। जिलानी ने इसे भाईचारे की सकारात्मक मिसाल के रूप में पेश किया।
1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की रैली को लेकर क्या चिंता जताई गई?
जिलानी ने कहा कि धनतेरस और दिवाली के त्योहारी मौसम में रैली स्थल के 5 किलोमीटर दायरे में 8 बड़े थोक बाज़ार हैं, जिससे व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने 10 लाख से अधिक की भीड़ के कांग्रेस के दावे पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
क्या फतवे के खिलाफ भाजपा की यह पहली प्रतिक्रिया है?
यह विशेष प्रतिक्रिया 29 अक्टूबर 2026 को सामने आई है। भाजपा समय-समय पर इस तरह के धार्मिक फतवों की आलोचना करती रही है, और इस बार पार्टी ने अपने मुस्लिम प्रवक्ता यासिर जिलानी के माध्यम से अपनी बात रखी है।
राष्ट्र प्रेस
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