सोहा अली खान पर फतवा गलत, धार्मिक स्थल पर जाना भाईचारे की मिसाल: भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने 29 अक्टूबर 2026 को अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ जारी फतवे को अनुचित करार देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक स्थलों पर जाने का अधिकार है। जिलानी के अनुसार, यदि कोई सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की भावना से दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाता है, तो यह भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट मिसाल है।
फतवे पर भाजपा का कड़ा रुख
जिलानी ने कहा कि समाज में कुछ लोग खुद को समाज का ठेकेदार समझने लगते हैं। उन्होंने कुछ तथाकथित मौलानाओं पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि वे उन लोगों के जीवन, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में पूरी जानकारी लिए बिना टिप्पणी करते हैं। भाजपा प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया उस फतवे के संदर्भ में आई है जो कथित तौर पर सोहा अली खान के किसी धार्मिक स्थल पर जाने को लेकर जारी किया गया था।
सारा अली खान का भी उल्लेख
जिलानी ने अभिनेत्री सारा अली खान का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह भी बाबा के दर्शन के लिए गई थीं। उन्होंने बताया कि सारा अली खान की एक फिल्म की शूटिंग पहले केदारनाथ में हो चुकी है। उनका तर्क था कि इस तरह की धार्मिक यात्राएँ आपसी सौहार्द का प्रतीक हैं और इन पर फतवा जारी करना उचित नहीं है।
फतवा जारी करने वालों के आचरण पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह फतवे जारी करने से फतवा देने वालों के अपने आचरण पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मौलानाओं को सलाह दी कि वे पहले अपने व्यवहार और समाज के भीतर मौजूद समस्याओं पर ध्यान दें। जिलानी ने यह भी कहा कि यदि उनके पास इतनी शक्ति है, तो उन्हें चोरी, डकैती, दुष्कर्म और सूद के पैसे से जुड़े मामलों के खिलाफ भी फतवे जारी करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मौलाना इस तरह के फतवों के जरिए राजनीति करते हैं।
कांग्रेस की रैली और त्योहारी सीजन पर चिंता
जिलानी ने 1 नवंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धनतेरस और दिवाली के त्योहारी अवसर पर बाज़ारों में पहले से ही भारी भीड़ होती है। रैली स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 8 बड़े थोक बाज़ार और कई छोटी गलियों में बाज़ार हैं, जिनके व्यापार पर असर पड़ सकता है।
यातायात और व्यापारियों की चिंता
कांग्रेस नेताओं के 10 लाख से अधिक लोगों के रैली में शामिल होने के दावे पर सवाल उठाते हुए जिलानी ने पूछा कि इतनी भारी भीड़ के आने से यातायात व्यवस्था कैसे संचालित होगी। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस को यातायात में बदलाव, बैरिकेड और सड़क बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिससे नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ेगी। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि दिल्ली के व्यापारी रैली को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपनी योजना पर अड़ी हुई है।
जिलानी ने अंत में कहा कि सत्ता परिवर्तन जनता अपने वोट की ताकत से करती है और रैली में अव्यवस्था होने पर जनता कांग्रेस को फिर से नकार सकती है।