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मुसलमान सपा से नाराज, अखिलेश यादव गलतफहमी में: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

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मुसलमान सपा से नाराज, अखिलेश यादव गलतफहमी में: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

सारांश

बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव को 'गलतफहमी का शिकार' बताया और कहा कि जमीनी स्तर पर मुसलमान सपा से नाराज हैं। साथ ही उज्जैन पत्थरबाजों की गिरफ्तारी की माँग की और हिंदी भाषा पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का समर्थन किया।

मुख्य बातें

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 29 सितंबर को बरेली में कहा कि जमीनी स्तर पर मुसलमान समाजवादी पार्टी से नाराज हैं।
अखिलेश यादव पर आरोप — रायबरेली से रथ यात्रा शुरू कर कांग्रेस को चुनौती दी, लेकिन यह 'गलतफहमी' है।
उज्जैन मस्जिद विवाद में पत्थरबाजों की पहचान कर गिरफ्तारी और जेल भेजने की माँग।
स्थानीय मुसलमानों द्वारा खुद मस्जिद की दीवार हटाने के फैसले की सराहना — 'बड़ा दिल' दिखाया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हिंदी-समर्थक बयान का खुला समर्थन; कहा — इस्लामी साहित्य भी अब हिंदी में।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 29 सितंबर को बरेली में कहा कि जमीनी स्तर पर मुसलमान समाजवादी पार्टी (सपा) से नाराज हैं और अखिलेश यादव गलतफहमी के शिकार होकर दिन में ख्वाब देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने उज्जैन मस्जिद विवाद में पत्थरबाजी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हिंदी-समर्थक बयान का खुलकर समर्थन किया।

अखिलेश यादव और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर टिप्पणी

मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव ने रायबरेली से रथ यात्रा की शुरुआत करके कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को बताने की कोशिश की है कि हम आपके मोहताज नहीं हैं।'

मौलाना ने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव के न जाने की घोषणा से साफ है कि वे कांग्रेस को नीचा दिखाने और खुद को बड़ा साबित करने की कोशिश में हैं। उनके अनुसार, यह रणनीति ज़मीनी हकीकत से कटी हुई है क्योंकि मुस्लिम मतदाता सपा से असंतुष्ट हैं।

उज्जैन मस्जिद विवाद और पत्थरबाजी पर कड़ा रुख

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद की दीवार हटाने के मामले में मौलाना रजवी बरेलवी ने स्थानीय मुसलमानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वहाँ के मुसलमानों ने 'बड़ा दिल' दिखाते हुए खुद ही तीन फीट की रुकावट हटाने का फैसला किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बना रहा।

हालाँकि, उन्होंने कुछ 'शरारती और असामाजिक तत्वों' द्वारा की गई पत्थरबाजी की कड़ी निंदा करते हुए माँग की कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए। उनके अनुसार ये वे राजनीतिक तत्व हैं जो देश की गंगा-जमुनी संस्कृति और भाईचारे को नष्ट करना चाहते हैं।

हिंदी भाषा पर ब्रजेश पाठक के बयान का समर्थन

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हिंदी भाषा को बढ़ावा देने संबंधी बयान पर मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा, 'उनके इस बयान का मैं समर्थन करता हूँ। हिंदी हमारे भारत की जुबान है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामी साहित्य भी अब हिंदी में आ रहा है, जिससे आम जनता तक धार्मिक ज्ञान पहुँचाना आसान हो रहा है।

यह बयान इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि एक प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु का हिंदी-समर्थक रुख सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देता है। गौरतलब है कि हिंदी को लेकर अक्सर राजनीतिक विवाद उठते रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी वरिष्ठ मुस्लिम धर्मगुरु द्वारा सपा की खुली आलोचना उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। मौलाना रजवी बरेलवी के बयान से सपा के परंपरागत मुस्लिम वोट बैंक में दरार की आशंका और गहरी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुस्लिम नेतृत्व में असंतोष के ये संकेत 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के लिए चेतावनी की घंटी हैं। उज्जैन प्रकरण में मौलाना का संयमित और सद्भावपूर्ण रुख — और साथ ही पत्थरबाजों पर कड़ी कार्रवाई की माँग — मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है, जो इस बयान की जटिलता और राजनीतिक वज़न को कम आँकती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव के बारे में क्या कहा?
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव गलतफहमी के शिकार हैं और दिन में ख्वाब देख रहे हैं। उनके अनुसार जमीनी स्तर पर मुसलमान समाजवादी पार्टी से नाराज हैं।
उज्जैन मस्जिद विवाद में मौलाना का क्या रुख है?
मौलाना रजवी बरेलवी ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए खुद मस्जिद की दीवार हटाने वाले स्थानीय मुसलमानों की सराहना की। साथ ही पत्थरबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की माँग की।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर मौलाना की क्या राय है?
मौलाना के अनुसार अखिलेश यादव ने रायबरेली से रथ यात्रा शुरू कर और 'इंडिया' गठबंधन की बैठक से दूरी बनाकर कांग्रेस को संदेश दे दिया है कि सपा उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ सकती है। यह गठबंधन का अंदरूनी मामला है, लेकिन इससे सपा की रणनीति स्पष्ट होती है।
मौलाना ने हिंदी भाषा पर क्या कहा?
मौलाना रजवी बरेलवी ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हिंदी-समर्थक बयान का समर्थन किया और कहा कि हिंदी भारत की जुबान है। उन्होंने यह भी बताया कि इस्लामी साहित्य भी अब हिंदी में आ रहा है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात क्या है और मौलाना रजवी बरेलवी कौन हैं?
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात एक प्रमुख मुस्लिम धार्मिक-सामाजिक संगठन है। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बरेली से संचालन करते हैं। वे बरेलवी मुस्लिम परंपरा के प्रमुख धर्मगुरुओं में गिने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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