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मौलाना रजवी का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'बैठक में मुसलमान गायब', राहुल को अखिलेश से सावधान रहने की सलाह

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मौलाना रजवी का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'बैठक में मुसलमान गायब', राहुल को अखिलेश से सावधान रहने की सलाह

सारांश

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना रजवी ने इंडिया गठबंधन की बैठक को मुसलमानों के लिए 'खाली हाथ' करार दिया और राहुल गांधी को अखिलेश यादव से सतर्क रहने की सलाह दी — छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सपा की 'धोखादेही' का हवाला देते हुए।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 9 जून को बरेली से 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में मुसलमानों के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया।
उनके अनुसार, बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांप्रदायिकता व नफ़रत-विरोध जैसे विषय गठबंधन के एजेंडे से गायब थे।
रजवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस को नुकसान पहुँचाया, जिससे BJP को फायदा हुआ।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अखिलेश यादव पर भरोसा न करने और 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सपा गठबंधन पर पुनर्विचार करने की सलाह दी।
यह बयान इंडिया गठबंधन के भीतर अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को लेकर बढ़ते असंतोष को उजागर करता है।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 9 जून को बरेली से 'इंडिया' गठबंधन की हालिया बैठक पर कड़े सवाल उठाए, आरोप लगाया कि बैठक और उसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुसलमानों के हित और उनसे जुड़े मुद्दे पूरी तरह नज़रअंदाज़ किए गए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर भरोसा न करने की खुली सलाह दी।

बैठक पर मुख्य आपत्तियाँ

मौलाना रजवी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'इंडिया गठबंधन की बैठक से मुसलमान बिल्कुल गायब था। जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो वहाँ मुसलमान के हितों को नज़रअंदाज़ करके उन लोगों ने अपने हितों की बात की।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सांप्रदायिकता पर चोट करने और नफ़रत के खिलाफ मोहब्बत का पैगाम देने जैसे अहम विषय गठबंधन के एजेंडे से नदारद थे।

यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति को धार देने की कोशिश में जुटा है। मुस्लिम नेताओं की इस तरह की आलोचना गठबंधन के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत मानी जा रही है।

अखिलेश यादव पर निशाना

मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी के रवैये पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सपा ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस को भारी नुकसान पहुँचाया था। उनके अनुसार, इसी कारण इन तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनी।

उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव जिस अंदाज़ में राहुल गांधी से हाथ मिला रहे थे, मैं कांग्रेस पार्टी को याद दिलाना चाहता हूँ कि समाजवादी पार्टी ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे।' गौरतलब है कि उन चुनावों में सपा की उपस्थिति ने विपक्षी वोट विभाजित करने में भूमिका निभाई थी।

कांग्रेस को सीधी चेतावनी

मौलाना रजवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं किया जा सकता।' उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सपा के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार किया जाए, क्योंकि उनके अनुसार अखिलेश यादव 'वक्त के मुताबिक तरह-तरह के रंग बदलेंगे।'

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब कांग्रेस और सपा के बीच 2027 के लिए संभावित गठबंधन की चर्चाएँ जारी हैं। मौलाना रजवी की यह टिप्पणी विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच एक नई दरार की ओर इशारा करती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुस्लिम नेताओं का 'इंडिया' गठबंधन से इस तरह का मोहभंग गठबंधन के लिए एक चेतावनी है। आलोचकों का कहना है कि यदि गठबंधन अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को एजेंडे में शामिल नहीं करता, तो उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में उसका जनाधार कमज़ोर पड़ सकता है।

आगे देखना होगा कि कांग्रेस और सपा मौलाना रजवी की इस सार्वजनिक आलोचना पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और क्या 'इंडिया' गठबंधन अपनी रणनीति में बदलाव लाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुस्लिम मतदाता — जो विपक्ष की रीढ़ माने जाते हैं — खुद को एजेंडे से बाहर पाते हैं। यह विरोधाभास गहरा है: जिस वोट बैंक पर गठबंधन सबसे ज़्यादा निर्भर है, उसी की चिंताएँ मंच पर सबसे कम सुनाई देती हैं। 2027 से पहले यदि यह खाई नहीं पाटी गई, तो उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता की कहानी कागज़ी साबित हो सकती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना रजवी ने इंडिया गठबंधन की बैठक पर क्या आरोप लगाए?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुसलमानों के हित, सांप्रदायिकता और नफ़रत-विरोध जैसे मुद्दे पूरी तरह गायब थे। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों ने केवल अपने हितों की बात की।
मौलाना रजवी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
रजवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस को नुकसान पहुँचाया, जिससे इन राज्यों में BJP की सरकार बनी। उन्होंने अखिलेश यादव को 'अविश्वसनीय' बताया।
राहुल गांधी को मौलाना रजवी की क्या सलाह है?
मौलाना रजवी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को सलाह दी कि वे 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार करें। उनका कहना है कि अखिलेश यादव 'वक्त के मुताबिक रंग बदलते हैं' और उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
इंडिया गठबंधन में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में मुस्लिम मतदाता विपक्षी गठबंधन के लिए निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यदि गठबंधन उनकी चिंताओं को एजेंडे में जगह नहीं देता, तो 2027 के चुनाव में विपक्षी एकता कमज़ोर पड़ सकती है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी कौन हैं?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बरेली से संगठन का नेतृत्व करते हैं। वे मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर राजनीतिक दलों को समय-समय पर सार्वजनिक रूप से संबोधित करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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