क्या अखिलेश यादव मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं? : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
सारांश
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बरेली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने पर मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि किसी भी मुसलमान का वोट नहीं काटा गया है। उन्होंने आयोग द्वारा कराए गए एसआईआर की सराहना की।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर पर दिए गए बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि वे केवल मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं। एसआईआर के माध्यम से किसी मुसलमान का वोट नहीं काटा गया है, वे केवल भ्रम फैलाकर मुसलमानों और देश को गुमराह कर रहे हैं। आयोग ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट को सुधारने का कार्य किया है।
बरेली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बताया कि भारत के चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को सही करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। कई राज्यों में अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाया है। मृत वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं, और सही वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने के लिए डुप्लीकेट एंट्री को ठीक किया गया है। अपडेटेड लिस्ट का पहला ड्राफ्ट अब जारी कर दिया गया है, और यह प्रशंसा का पात्र है कि चुनाव आयोग ने यह कार्य जिम्मेदारी से किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का कहना है कि मुसलमानों के वोट काट दिए गए हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि किसी का वोट नहीं काटा गया है। मुसलमानों को वे केवल भ्रमित कर रहे हैं। एसआईआर के मामले में मुसलमानों ने जिम्मेदारी से फॉर्म भरा है।
ज्ञात हो कि राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है। लिस्ट में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 नाम शामिल किए गए हैं। गिनती का कार्य पूरा हो गया है। गिनती की प्रक्रिया 4 नवंबर, 2025 को शुरू हुई थी और 26 दिसंबर, 2025 तक चली। 27 अक्टूबर, 2025 तक उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में शामिल हर वोटर से संपर्क करने की कोशिश की गई। फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को पब्लिश की जाएगी।