सुनील जाखड़ का आरोप: पंजाब में AAP सरकार गुंडों को संरक्षण दे रही, राज्यपाल को पत्र लिखकर आचार संहिता की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ पंजाब नेता सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भगवंत मान सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की वार्षिक मैराथन को 'कानून-व्यवस्था बिगड़ी है' का हवाला देकर अनुमति न देना पंजाब के माथे पर कलंक है। जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर पंजाब में तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग की है।
मैराथन पर रोक और सरकार का तर्क
2018 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस मैराथन का स्लोगन है — 'नशों से दूर, खेलों की ओर'। आठ वर्षों में केवल कोरोना काल के दौरान यह आयोजन नहीं हो सका था। इस बार सातवीं मैराथन के लिए जब अनुमति माँगी गई तो पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर मना कर दिया।
जाखड़ ने कहा कि नशे के खिलाफ आयोजित एक खेल कार्यक्रम को रोकना सरकार की अपनी नाकामी की स्वीकृति है। उन्होंने कहा, 'इससे बुरी बात और क्या हो सकती है — सरकार ने स्वयं अपनी कमज़ोरी और नालायकी स्वीकार कर ली है।'
नशे की त्रासदी और पुलिस पर आरोप
जाखड़ ने आरोप लगाया कि अमृतसर, खेमकरण, तरनतारन, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, लुधियाना सहित अनेक स्थानों पर नशे से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नशे के खिलाफ आवाज़ उठाई, उन्हें कथित तौर पर गैंगस्टरों और ड्रग माफिया के निशाने पर डाला गया और पुलिस प्रताड़ना से कुछ को आत्महत्या तक करनी पड़ी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतकों के शव तक पंजाब पुलिस जबरन उठा ले जा रही है। उनके अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले फाज़िल्का ज़िले के जलालाबाद से सूचना मिली कि एक 16 वर्षीय बच्चे की नशे के कारण मौत हो गई, जबकि उसके पिता की भी पहले नशे से मृत्यु हो चुकी थी।
केजरीवाल और सिसोदिया पर सीधा हमला
जाखड़ ने कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की नीतियों को इस संकट का ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सिसोदिया ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) 'साम, दाम, दंड, भेद, लड़ाई-झगड़ा, झूठ-सच — सब कुछ करेगी।' जाखड़ के अनुसार, इसी नीति के तहत गुंडों को संरक्षण दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्रकैद की सज़ा काट रहे अपराधियों को पैरोल दिलाई गई और बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले कुछ आरोपियों को रिश्वत लेकर विदेश भगाया गया। उनके मुताबिक इन मामलों की आँच मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुँच रही है।
ड्रोन तस्करी और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल
जाखड़ ने बताया कि एंटी-ड्रोन सिस्टम में तैनात एक सिपाही ने स्वयं पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की है और 24 ड्रोन ड्रॉप्स के ज़रिए हेरोइन और हथियार मँगवाने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तार सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुँचते हैं।
उन्होंने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी जैसे अधिकारियों का राजनीतिक मंचों पर जाकर सरकार के पक्ष में भाषण देने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह प्रशासनिक निष्पक्षता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
क़ानूनी विकल्प और आगे की राह
जाखड़ ने कहा कि वे राज्यपाल को पत्र लिखकर पंजाब में तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग करेंगे। उन्होंने उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाने के विकल्प का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग से भी उनकी अपील है कि पंजाब की जनता और युवाओं को इस संकट से बचाया जाए। उनका कहना है कि यदि आचार संहिता लागू करने में देरी हुई तो पंजाब की युवा पीढ़ी को इसकी और बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।