29 अक्टूबर 2026
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सुनील जाखड़ का आरोप: पंजाब में AAP सरकार गुंडों को संरक्षण दे रही, राज्यपाल को पत्र लिखकर आचार संहिता की माँग

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सुनील जाखड़ का आरोप: पंजाब में AAP सरकार गुंडों को संरक्षण दे रही, राज्यपाल को पत्र लिखकर आचार संहिता की माँग

सारांश

BJP के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार पर नशा-विरोधी मैराथन रोकने, गुंडों को संरक्षण देने और पुलिस द्वारा शव छीनने के गंभीर आरोप लगाए। 16 साल के बच्चे की नशे से मौत का हवाला देते हुए उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग की।

मुख्य बातें

BJP नेता सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला।
2018 से चली आ रही अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की सातवीं मैराथन को सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ी होने का हवाला देकर अनुमति नहीं दी।
जाखड़ ने फाज़िल्का के जलालाबाद में 16 वर्षीय बच्चे की नशे से मौत का ज़िक्र किया; उसके पिता की भी नशे से पहले मृत्यु हो चुकी थी।
एंटी-ड्रोन सिपाही द्वारा 24 ड्रोन ड्रॉप्स से हेरोइन और हथियार मँगवाने की बात सामने आने का दावा किया।
जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखने और ज़रूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाने की घोषणा की।
उन्होंने चुनाव आयोग से भी पंजाब में तत्काल आचार संहिता लागू करने की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ पंजाब नेता सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भगवंत मान सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की वार्षिक मैराथन को 'कानून-व्यवस्था बिगड़ी है' का हवाला देकर अनुमति न देना पंजाब के माथे पर कलंक है। जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर पंजाब में तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग की है।

मैराथन पर रोक और सरकार का तर्क

2018 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस मैराथन का स्लोगन है — 'नशों से दूर, खेलों की ओर'। आठ वर्षों में केवल कोरोना काल के दौरान यह आयोजन नहीं हो सका था। इस बार सातवीं मैराथन के लिए जब अनुमति माँगी गई तो पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर मना कर दिया।

जाखड़ ने कहा कि नशे के खिलाफ आयोजित एक खेल कार्यक्रम को रोकना सरकार की अपनी नाकामी की स्वीकृति है। उन्होंने कहा, 'इससे बुरी बात और क्या हो सकती है — सरकार ने स्वयं अपनी कमज़ोरी और नालायकी स्वीकार कर ली है।'

नशे की त्रासदी और पुलिस पर आरोप

जाखड़ ने आरोप लगाया कि अमृतसर, खेमकरण, तरनतारन, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, लुधियाना सहित अनेक स्थानों पर नशे से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नशे के खिलाफ आवाज़ उठाई, उन्हें कथित तौर पर गैंगस्टरों और ड्रग माफिया के निशाने पर डाला गया और पुलिस प्रताड़ना से कुछ को आत्महत्या तक करनी पड़ी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतकों के शव तक पंजाब पुलिस जबरन उठा ले जा रही है। उनके अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले फाज़िल्का ज़िले के जलालाबाद से सूचना मिली कि एक 16 वर्षीय बच्चे की नशे के कारण मौत हो गई, जबकि उसके पिता की भी पहले नशे से मृत्यु हो चुकी थी।

केजरीवाल और सिसोदिया पर सीधा हमला

जाखड़ ने कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की नीतियों को इस संकट का ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सिसोदिया ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) 'साम, दाम, दंड, भेद, लड़ाई-झगड़ा, झूठ-सच — सब कुछ करेगी।' जाखड़ के अनुसार, इसी नीति के तहत गुंडों को संरक्षण दिया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्रकैद की सज़ा काट रहे अपराधियों को पैरोल दिलाई गई और बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले कुछ आरोपियों को रिश्वत लेकर विदेश भगाया गया। उनके मुताबिक इन मामलों की आँच मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुँच रही है।

ड्रोन तस्करी और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल

जाखड़ ने बताया कि एंटी-ड्रोन सिस्टम में तैनात एक सिपाही ने स्वयं पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की है और 24 ड्रोन ड्रॉप्स के ज़रिए हेरोइन और हथियार मँगवाने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तार सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुँचते हैं।

उन्होंने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी जैसे अधिकारियों का राजनीतिक मंचों पर जाकर सरकार के पक्ष में भाषण देने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह प्रशासनिक निष्पक्षता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

क़ानूनी विकल्प और आगे की राह

जाखड़ ने कहा कि वे राज्यपाल को पत्र लिखकर पंजाब में तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग करेंगे। उन्होंने उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाने के विकल्प का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग से भी उनकी अपील है कि पंजाब की जनता और युवाओं को इस संकट से बचाया जाए। उनका कहना है कि यदि आचार संहिता लागू करने में देरी हुई तो पंजाब की युवा पीढ़ी को इसकी और बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरकार का यह तर्क कि 'कानून-व्यवस्था बिगड़ी है, इसलिए मैराथन नहीं हो सकती' — अपने आप में एक स्वीकारोक्ति है जो AAP की उस छवि को चोट पहुँचाती है जो नशा-मुक्ति के वादे पर बनी थी। पंजाब में नशे की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन जब सरकार खुद सुरक्षा की दुहाई देकर नशा-विरोधी आयोजन रोके, तो जवाबदेही का सवाल और पैना हो जाता है। ड्रोन तस्करी में पुलिसकर्मी की संलिप्तता और शवों को ज़बरन उठाने के आरोप — अगर सत्यापित हों — तो ये केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संस्थागत कमज़ोरी के संकेत हैं। मुख्यधारा की कवरेज इन आरोपों को केवल 'BJP बनाम AAP' के फ्रेम में देख रही है, जबकि असली सवाल यह है कि पंजाब का आम नागरिक और युवा इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कहाँ खड़ा है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने पंजाब में आचार संहिता की माँग क्यों की?
जाखड़ का कहना है कि पंजाब में नशा, गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि मौजूदा AAP सरकार के रहते सुधार संभव नहीं। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर और चुनाव आयोग से अपील कर तत्काल आचार संहिता लागू करने की माँग की है।
अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की मैराथन को अनुमति क्यों नहीं मिली?
पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी होने का हवाला देते हुए मैराथन की अनुमति नहीं दी। यह मैराथन 2018 से 'नशों से दूर, खेलों की ओर' स्लोगन के साथ आयोजित होती आई है और यह उसकी सातवीं कड़ी होनी थी।
जाखड़ ने मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
जाखड़ ने आरोप लगाया कि केजरीवाल और सिसोदिया की कथित नीतियों के तहत गैंगस्टरों और ड्रग माफिया को संरक्षण दिया गया। उनका दावा है कि सिसोदिया ने सार्वजनिक मंच से 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति अपनाने की बात कही थी, जिसके तहत अपराधियों को प्रश्रय मिला।
पंजाब में ड्रोन तस्करी के आरोप क्या हैं?
जाखड़ के अनुसार एंटी-ड्रोन सिस्टम में तैनात एक सिपाही ने पाकिस्तान से 24 ड्रोन ड्रॉप्स के ज़रिए हेरोइन और हथियार मँगवाने में शामिल होने की बात स्वीकार की है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि इस मामले की जड़ें सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुँचती हैं, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जाखड़ आगे क्या कदम उठाने वाले हैं?
जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखने की घोषणा की है और ज़रूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाने का विकल्प भी खुला रखा है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से पंजाब में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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