19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब में नशे पर जाखड़ का तीखा हमला: AAP सरकार पर तस्करों को संरक्षण देने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब में नशे पर जाखड़ का तीखा हमला: AAP सरकार पर तस्करों को संरक्षण देने का आरोप

सारांश

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने DGP से मुलाकात के बाद AAP सरकार पर नशा तस्करों को संरक्षण देने का सीधा आरोप लगाया। ₹52 करोड़ की ड्रोन प्रणाली में तैनात कांस्टेबल से 25 किलो हेरोइन जब्त और CCTV फुटेज डिलीट कराने के आरोप — पंजाब का नशा संकट अब जवाबदेही की लड़ाई बन चुका है।

मुख्य बातें

सुनील जाखड़ ने 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में DGP से मुलाकात के बाद AAP सरकार पर नशा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
लवप्रीत सिंह 14 सितंबर को अबोहर में मृत पाए गए; परिवार का आरोप — तस्करों ने हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका।
परिवार द्वारा सौंपी गई CCTV फुटेज पुलिस ने कथित तौर पर डिलीट करवाई; जाखड़ ने फोरेंसिक जाँच की माँग की।
₹52 करोड़ की ड्रोन रोधी प्रणाली 'बाज अख' में तैनात कांस्टेबल से 25 किलोग्राम हेरोइन जब्त।
जाखड़ की चेतावनी — 5 से 7 दिनों में कार्रवाई न हुई तो मामला अदालत में।
28 अप्रैल 2025 को DGP की SHO जवाबदेही घोषणा के परिणामों पर जाखड़ ने सवाल उठाए।

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सीधा हमला बोला और माँग की कि नशीले पदार्थों के तस्करों को दिया जा रहा कथित संरक्षण तत्काल बंद किया जाए। जाखड़ के साथ अबोहर में 14 सितंबर को मृत पाए गए लवप्रीत सिंह की बहन अमनदीप कौर और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने आरोप लगाया कि एकाधिक शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।

मामले की पृष्ठभूमि

लवप्रीत सिंह 14 सितंबर 2026 को अबोहर में मृत पाए गए थे। उनकी बहन अमनदीप कौर का आरोप है कि नशीले पदार्थों के तस्करों ने उनके भाई की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया। परिवार ने 19 सितंबर को SSP और पंजाब DGP को ई-मेल और स्पीड पोस्ट के ज़रिए शिकायतें भेजीं, किंतु कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने यह भी दावा किया कि इलाके में खुलेआम नशा बेचा जा रहा है, धमकियाँ दी जा रही हैं और नाबालिग भी कथित तौर पर नशे की बिक्री में शामिल हैं।

डिजिटल साक्ष्य और पुलिस पर गंभीर आरोप

अमनदीप कौर ने अपने स्तर पर मामले से जुड़ी CCTV फुटेज एकत्र कर पेन ड्राइव में पंजाब DGP को सौंपी थी। जाखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कथित तौर पर उन लोगों को धमकाया जिन्होंने यह फुटेज उपलब्ध कराई और उसे डिलीट करवा दिया। उन्होंने माँग की कि सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएँ और फोरेंसिक जाँच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाए ताकि मृत्यु की सच्चाई सामने आ सके।

जवाबदेही पर सवाल और पाँच से सात दिनों की चेतावनी

जाखड़ ने 28 अप्रैल 2025 को पंजाब DGP द्वारा की गई उस घोषणा का हवाला दिया जिसमें मादक पदार्थ बरामदगी के मामलों में संबंधित थाने के SHO को जवाबदेह ठहराने की बात कही गई थी। उन्होंने पूछा कि उस घोषणा के परिणाम कहाँ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले पाँच से सात दिनों में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा।

प्रेगाबालिन और सीमापार तस्करी पर सवाल

जाखड़ ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा प्रेगाबालिन — जो मुख्यतः नसों के दर्द, मिर्गी और फाइब्रोमायल्जिया के उपचार में इस्तेमाल होती है — पर प्रतिबंध के आदेश जारी होने के बाद भी किसी अधिकारी ने मेडिकल स्टोरों की जाँच नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते दवाइयों के दुरुपयोग पर कार्रवाई होती, तो परविंदर सिंह झोटा जीवित होते। इसके अलावा, उन्होंने लगभग ₹52 करोड़ की लागत से स्थापित ड्रोन रोधी प्रणाली 'बाज अख' की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए और बताया कि इस प्रणाली में तैनात एक कांस्टेबल से 25 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। जाखड़ ने पूछा कि क्या यह कांस्टेबल अकेले काम कर रहा था या कोई वरिष्ठ अधिकारी या राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल थे।

आगे की राह

जाखड़ ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर फ्रांस यात्रा पर जाने को लेकर भी नाराज़गी जताई और कहा कि पंजाब की जनता हर पल का हिसाब रख रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है। गौरतलब है कि AAP सरकार ने सत्ता में आने से पहले नशामुक्त पंजाब का वादा किया था। विपक्ष के इन आरोपों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब वही वादा उसके लिए सबसे बड़ी जवाबदेही बन रहा है। गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2025 की DGP घोषणा — जिसमें SHO को जवाबदेह ठहराने की बात थी — के बाद भी ज़मीनी हकीकत नहीं बदली, यह सवाल उठाता है कि नीतिगत आदेश और क्रियान्वयन के बीच की खाई किसके हित में है। डिजिटल साक्ष्य नष्ट होने के आरोप यदि सच हों, तो यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर हमला है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
जाखड़ ने AAP सरकार पर नशीले पदार्थों के तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने CCTV फुटेज डिलीट कराने, प्रेगाबालिन प्रतिबंध आदेशों का पालन न करवाने और ₹52 करोड़ की ड्रोन प्रणाली की विफलता को लेकर भी सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
लवप्रीत सिंह का मामला क्या है?
लवप्रीत सिंह 14 सितंबर 2026 को अबोहर में मृत पाए गए थे। उनकी बहन अमनदीप कौर का आरोप है कि नशा तस्करों ने उनकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका। परिवार ने 19 सितंबर को SSP और DGP को शिकायतें भेजीं, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बाज अख ड्रोन रोधी प्रणाली पर क्या विवाद है?
जाखड़ ने बताया कि लगभग ₹52 करोड़ की लागत से स्थापित 'बाज अख' ड्रोन रोधी प्रणाली में तैनात एक कांस्टेबल से 25 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कांस्टेबल अकेले काम कर रहा था या इसमें वरिष्ठ अधिकारी या राजनीतिक नेता भी शामिल थे।
जाखड़ ने अदालत जाने की चेतावनी क्यों दी?
जाखड़ ने कहा कि यदि अगले पाँच से सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो लवप्रीत सिंह मामले को अदालत में ले जाया जाएगा। उनका कहना है कि परिवार की बार-बार की शिकायतों के बावजूद पुलिस ने न केवल कार्रवाई नहीं की, बल्कि साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास भी कथित तौर पर किए गए।
प्रेगाबालिन के दुरुपयोग पर जाखड़ ने क्या कहा?
जाखड़ ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा प्रेगाबालिन पर प्रतिबंध के आदेश जारी होने के बाद भी किसी अधिकारी ने मेडिकल स्टोरों की जाँच नहीं की। प्रेगाबालिन मुख्यतः नसों के दर्द, मिर्गी और फाइब्रोमायल्जिया के इलाज में इस्तेमाल होती है, लेकिन इसका नशे के रूप में दुरुपयोग बढ़ रहा है। जाखड़ ने इसे परविंदर सिंह झोटा की मौत से जोड़ते हुए सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले