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तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार पर हमला: पंजाब में व्हिसलब्लोअर हत्याएँ और नशा माफिया पर NIA-CBI जाँच की माँग

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तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार पर हमला: पंजाब में व्हिसलब्लोअर हत्याएँ और नशा माफिया पर NIA-CBI जाँच की माँग

सारांश

BJP सांसद तरुण चुघ ने संगरूर में भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोला — व्हिसलब्लोअर की हत्याएँ, बटाला में विक्रमजीत का कत्ल और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर NIA-CBI जाँच की माँग। सवाल यह है कि आप के नशामुक्ति के वादे का क्या हुआ?

मुख्य बातें

BJP सांसद तरुण चुघ ने 16 अक्टूबर 2026 को संगरूर, पंजाब में मीडिया को संबोधित कर भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की।
नशा-विरोधी कार्यकर्ता विक्रमजीत की बटाला में हत्या, व्हिसलब्लोअर 'झोटा' की सरेआम गोली मारकर हत्या और गुलजार सिंह की आत्महत्या का उल्लेख किया।
चुघ ने NIA और CBI से स्वतंत्र जाँच तथा दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर माफिया का पक्ष लेने का आरोप लगाया।
BJP ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का वादा दोहराया।
झोटा के पिता ने कथित तौर पर AAP विधायक सिंगला पर संलिप्तता का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद एवं पार्टी के केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुघ ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को पंजाब के संगरूर में मीडिया को संबोधित करते हुए भगवंत मान सरकार पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने राज्य में व्हिसलब्लोअर की हत्याओं, पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमलों और नशा माफिया की बेलगाम सक्रियता को लेकर मान सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया। चुघ ने बटाला में नशा-विरोधी कार्यकर्ता विक्रमजीत की हत्या का उल्लेख करते हुए NIA और CBI से तत्काल जाँच कराने की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम: व्हिसलब्लोअर की हत्याएँ

तरुण चुघ ने एक के बाद एक कई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि पंजाब में नशे की सप्लाई चेन के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, गुलजार सिंह ने यह उजागर किया कि उनके क्षेत्र में 'चिट्टा' बिकता है, जिसके बाद उन्हें इतना मजबूर किया गया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। एक अन्य व्यक्ति मोहनजीत को, चुघ के आरोप के अनुसार, पुलिस ने उठाकर माफिया का नाम न लेने की चेतावनी दी।

सबसे गंभीर मामले के रूप में उन्होंने 'झोटा' की हत्या का उल्लेख किया, जिसने स्वयं व्हिसलब्लोअर बनकर नशे की एक खेप पकड़ी थी। चुघ के अनुसार, झोटा को भरे बाज़ार में गोलियाँ मारकर सरेआम मार दिया गया, जबकि वह लगातार फोन पर मदद माँगता रहा और पुलिस समय पर नहीं पहुँची। झोटा के पिता ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय विधायक सिंगला पर इस हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया है, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बटाला में विक्रमजीत की हत्या

चुघ ने बताया कि बटाला में विक्रमजीत और उनके साथियों पर ड्रग माफिया ने हमला किया, जिसमें विक्रमजीत की हत्या कर दी गई। उनके अनुसार, विक्रमजीत का एकमात्र 'अपराध' यह था कि उन्होंने नशे की आपूर्ति रोकने और तस्करों के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी। चुघ ने कहा कि आज पंजाब में पुलिस का काम आम नागरिक, समाजसेवी और स्वयंसेवक कर रहे हैं, जबकि सरकार उन्हें सुरक्षा देने की बजाय माफिया के रहमोकरम पर छोड़ रही है।

सरकार पर सीधे आरोप

चुघ ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि वे माफिया के हितों की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति ने नशे की खेप पकड़वाई, उसकी हत्या हो गई, तो वित्त मंत्री किस माफिया को और क्यों बचाना चाहते हैं। चुघ ने मान सरकार द्वारा बुलाई गई 'हाई पावर मीटिंग' को केवल 'फिल्मी ड्रामा' करार दिया और कहा कि असल समस्या की जड़ पर प्रशासन की पकड़ पूरी तरह ढीली पड़ चुकी है।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे के मुद्दे पर विपक्ष और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब के वादे को प्रमुख मुद्दा बनाया था।

BJP का वादा और NIA-CBI जाँच की माँग

चुघ ने ऐलान किया कि BJP सत्ता में आने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्रीय जाँच एजेंसियों — NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) और CBI (केंद्रीय जाँच ब्यूरो) — से विक्रमजीत हत्याकांड की स्वतंत्र जाँच कराने की माँग की, ताकि दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

क्या होगा आगे

पंजाब में ग्रेनेड हमलों और टार्गेटेड किलिंग की घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष की माँग के मद्देनज़र मान सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ता दिख रहा है। इन घटनाओं की सच्चाई और ज़िम्मेदारी तय करने के लिए न्यायिक या केंद्रीय जाँच की माँग आने वाले दिनों में और ज़ोर पकड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि ये वक्तव्य एक विपक्षी नेता के हैं जो चुनावी संदर्भ में बोल रहे हैं — इसलिए इन्हें स्वतंत्र जाँच की कसौटी पर परखा जाना ज़रूरी है। AAP ने 2022 में नशामुक्त पंजाब का वादा कर सत्ता हासिल की थी, और यदि व्हिसलब्लोअर की हत्याओं की सच्चाई सामने आती है तो यह उस वादे की सीधी विफलता होगी। असली सवाल यह है कि जाँच एजेंसियाँ किस दिशा में जाती हैं — राजनीतिक बयानबाज़ी से परे, ज़मीनी जवाबदेही तय हो, यही पंजाब के नागरिकों की असली ज़रूरत है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाया कि वह नशा माफिया पर अंकुश लगाने और व्हिसलब्लोअर को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने बटाला में विक्रमजीत की हत्या और 'झोटा' की सरेआम हत्या का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन माफिया को बचाने में लगा है।
पंजाब में व्हिसलब्लोअर 'झोटा' कौन था?
चुघ के अनुसार, 'झोटा' वह व्यक्ति था जिसने स्वयं व्हिसलब्लोअर बनकर नशे की एक खेप पकड़ी थी। उसे कथित तौर पर भरे बाज़ार में गोलियाँ मारकर हत्या कर दी गई, जबकि वह फोन पर लगातार पुलिस से मदद माँगता रहा लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुँची।
BJP ने पंजाब में NIA-CBI जाँच की माँग क्यों की?
BJP ने माँग की है कि बटाला में विक्रमजीत की हत्या और अन्य व्हिसलब्लोअर मामलों की जाँच NIA और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियाँ करें, क्योंकि उनका आरोप है कि राज्य पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष जाँच में सक्षम नहीं है। चुघ का दावा है कि स्थानीय स्तर पर माफिया का दबाव जाँच को प्रभावित कर रहा है।
BJP ने पंजाब को नशामुक्त करने का क्या वादा किया है?
तरुण चुघ ने कहा कि यदि BJP पंजाब में सत्ता में आती है तो वह 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को पूरी तरह नशामुक्त करेगी। यह वादा उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को संगरूर में मीडिया को संबोधित करते हुए दोहराया।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर क्या आरोप लगे?
चुघ ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर आरोप लगाया कि वे माफिया की हरकतों को सही ठहरा रहे हैं और नशा बेचने वालों के पक्ष में बोल रहे हैं। उन्होंने सीधे सवाल किया कि जब व्हिसलब्लोअर झोटा को गोली मारी गई, तब वित्त मंत्री किस माफिया को बचाने की कोशिश कर रहे हैं — हालाँकि चीमा की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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