31 जुलाई 2026
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री का भूटान दौरा: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा ऋण सुविधा और 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री का भूटान दौरा: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा ऋण सुविधा और 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी

सारांश

विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भूटान दौरे में सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं था — ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा ऋण सुविधा, 12 नई विकास परियोजनाएँ और एक स्वास्थ्य MoU के साथ यह दौरा भारत-भूटान साझेदारी को ठोस आर्थिक जमीन पर आगे ले गया।

मुख्य बातें

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 30 जुलाई 2026 से भूटान के आधिकारिक दौरे पर 5वीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की।
बैठक में 12 नई PTA परियोजनाओं को ₹332 करोड़ की राशि के साथ मंजूरी; 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत अब तक कुल 82 परियोजनाएँ स्वीकृत, कुल राशि ₹6,860 करोड़ ।
भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए RGOB और एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया के बीच ₹4,000 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा का समझौता हस्ताक्षरित।
AIIA, नई दिल्ली और KGUMSB के बीच स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान सहयोग हेतु MoU पर हस्ताक्षर।
PTA परियोजना के तहत 45 इलेक्ट्रिक वाहन RGOB को सौंपे गए; थिम्पू के दो पार्कों का वर्चुअल उद्घाटन।
अगली योजना वार्ता नई दिल्ली में आयोजित होगी।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 30 जुलाई 2026 से भूटान के आधिकारिक दौरे पर, भूटान के विदेश सचिव पेमा लेकटुप दोरजी के साथ 5वीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की — जो 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा का प्रमुख मंच है। इस दौरे में ऊर्जा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और ई-मोबिलिटी क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते और परियोजनाएँ मूर्त रूप लेती दिखीं।

उच्चस्तरीय बैठकें और मुलाकातें

विदेश सचिव मिस्री ने दौरे के दौरान भूटान के राजा से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबग और विदेश एवं बाहरी व्यापार मंत्री ल्योनपो डी.एन. धुंग्येल से भी अलग-अलग बैठकें कीं। दोनों पक्षों ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, लोगों के बीच संपर्क तथा अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।

₹10,000 करोड़ की सहायता की समीक्षा और 12 नई परियोजनाएँ

5वीं योजना वार्ता में भारत सरकार द्वारा भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2024-29) के लिए दी जा रही ₹10,000 करोड़ (100 अरब भूटानी न्गुलट्रम) की सहायता की समग्र प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस सहायता में परियोजना संबद्ध सहायता (PTA), उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएँ (HICDP), आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम (ESP) और कार्यक्रम अनुदान शामिल हैं।

इस बैठक में 12 नई PTA परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल राशि ₹332 करोड़ (3,320 मिलियन भूटानी न्गुलट्रम) है। ये परियोजनाएँ बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी सुविधाएँ और आपदा प्रबंधन क्षेत्रों को कवर करती हैं। इस मंजूरी के साथ 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अब तक कुल 82 PTA परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनकी संचित राशि ₹6,860 करोड़ (68,600 मिलियन न्गुलट्रम) है।

निधि वितरण और क्रियान्वयन की स्थिति

भारत सरकार ने ESP के लिए ₹1,250 करोड़ (12,500 मिलियन न्गुलट्रम), HICDP के लिए ₹735.20 करोड़ (7,352 मिलियन न्गुलट्रम) और कार्यक्रम अनुदान के लिए ₹200 करोड़ (2,000 मिलियन न्गुलट्रम) की राशि जारी की है। बैठक में इन निधियों के उपयोग की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि भारत की ओर से भूटान को मिलने वाली यह सहायता दक्षिण एशिया में भारत के किसी एकल पड़ोसी देश को दी जाने वाली सबसे बड़ी विकास सहायताओं में से एक है, जो दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करती है।

ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम समझौते

दोनों विदेश सचिवों की उपस्थिति में दो महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान हुआ। पहला, भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा को सक्रिय करने हेतु भूटान की रॉयल सरकार (RGOB) और एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौते पर हस्ताक्षर हुए। दूसरा, स्वास्थ्य शिक्षा और प्रशिक्षण में अनुसंधान एवं आदान-प्रदान कार्यक्रमों के सहयोग के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIA), नई दिल्ली और खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस ऑफ भूटान (KGUMSB) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।

हरित बुनियादी ढाँचा और ई-मोबिलिटी

दोनों विदेश सचिवों ने PTA परियोजना 'ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ओपन स्पेसेस इन थिम्पू' के तहत निर्मित थिम्पू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही PTA परियोजना 'एक्सेलरेट ई-मोबिलिटी अपटेक इन भूटान' के अंतर्गत खरीदे गए 45 इलेक्ट्रिक वाहन RGOB को सौंपे गए।

यह ऐसे समय में आया है जब भूटान अपनी ऊर्जा और परिवहन प्रणालियों को हरित बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। दोनों पक्ष अगली योजना वार्ता नई दिल्ली में आपसी सहमति से तय तारीख पर आयोजित करने पर सहमत हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की सहायता और ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा ऋण सुविधा भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है, न केवल कूटनीतिक शिष्टाचार। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि परियोजनाओं की संख्या और राशि प्रभावशाली है, लेकिन क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही तंत्र पर पारदर्शिता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। असली कसौटी यह होगी कि ₹6,860 करोड़ की 82 स्वीकृत परियोजनाओं में से कितनी समय पर पूरी होती हैं और भूटान के नागरिकों तक उनका वास्तविक लाभ पहुँचता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश सचिव विक्रम मिस्री का भूटान दौरा किस उद्देश्य से हुआ?
यह दौरा 5वीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता के लिए हुआ, जिसमें भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत ₹10,000 करोड़ की भारतीय सहायता की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ऊर्जा, स्वास्थ्य और ई-मोबिलिटी क्षेत्रों में नए समझौते भी हुए।
भूटान के लिए ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा ऋण सुविधा क्या है?
यह RGOB और एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया के बीच हस्ताक्षरित एक अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौता है, जो भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए रियायती दरों पर ₹4,000 करोड़ की ऋण सुविधा प्रदान करता है। यह भारत-भूटान ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत ने भूटान को कुल कितनी सहायता दी है?
भारत सरकार ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के लिए ₹10,000 करोड़ की कुल सहायता की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अंतर्गत अब तक 82 PTA परियोजनाओं को ₹6,860 करोड़ की राशि के साथ मंजूरी मिल चुकी है।
AIIA और KGUMSB के बीच MoU किस बारे में है?
अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIA), नई दिल्ली और खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस ऑफ भूटान (KGUMSB) के बीच यह MoU स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में सहयोग एवं आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए हस्ताक्षरित हुआ। यह दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप देता है।
भारत-भूटान अगली विकास सहयोग वार्ता कब और कहाँ होगी?
दोनों पक्ष अगली योजना वार्ता नई दिल्ली में आपसी सहमति से तय तारीख पर आयोजित करने पर सहमत हुए हैं। तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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