31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता: विक्रम मिस्री ने थिम्फू में परियोजनाओं की समीक्षा की, ₹4,000 करोड़ का ऋण समझौता और 45 EV सौंपे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता: विक्रम मिस्री ने थिम्फू में परियोजनाओं की समीक्षा की, ₹4,000 करोड़ का ऋण समझौता और 45 EV सौंपे

सारांश

थिम्फू में पाँचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता में विक्रम मिस्री ने 13वीं पंचवर्षीय योजना की परियोजनाओं की समीक्षा की। ₹4,000 करोड़ का एग्जिम बैंक ऋण, AIIMS-KGUMSB स्वास्थ्य MOU और 45 इलेक्ट्रिक वाहनों का हस्तांतरण — यह वार्ता भारत-भूटान साझेदारी को नई ऊँचाई पर ले जाती है।

मुख्य बातें

विक्रम मिस्री और दाशो पेमा लेकटुप दोरजी ने 30 जुलाई 2026 को थिम्फू में पाँचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता की।
भारत के एग्जिम बैंक और भूटान के वित्त मंत्रालय के बीच ₹4,000 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा का समझौता हुआ।
AIIMS और KGUMSB के बीच स्वास्थ्य शिक्षा एवं शोध सहयोग के लिए MOU पर हस्ताक्षर।
भूटान की शाही सरकार को 45 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सौंपे गए।
वर्चुअल माध्यम से थिम्फू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का उद्घाटन; दोनों PTA के तहत निर्मित।

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भूटान के विदेश सचिव दाशो पेमा लेकटुप दोरजी ने 30 जुलाई 2026 को थिम्फू में पाँचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता की, जिसमें भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत भारत-समर्थित विकास परियोजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। इस वार्ता में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिली।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के दौरान दोनों विदेश सचिवों ने वर्चुअल माध्यम से थिम्फू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का उद्घाटन किया। ये दोनों पार्क प्रोजेक्ट टाइड असिस्टेंस (PTA) के तहत 'ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ओपन स्पेसेज इन थिम्फू' परियोजना के अंतर्गत निर्मित किए गए हैं, जो भूटान की राजधानी में हरित शहरी बुनियादी ढाँचे के विस्तार का हिस्सा है।

इस अवसर पर भूटान की शाही सरकार को 45 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) भी सौंपे गए, जो भारत-भूटान के बीच स्वच्छ गतिशीलता सहयोग का प्रतीक है।

प्रमुख वित्तीय और शैक्षणिक समझौते

वार्ता के दौरान भारत के एग्जिम बैंक और भूटान के वित्त मंत्रालय के बीच ₹4,000 करोड़ (INR/NU 40 बिलियन) की रियायती ऋण सुविधा के लिए एक समझौते का आदान-प्रदान किया गया। यह ऋण भूटान की विकास प्राथमिकताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

इसके अतिरिक्त, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और भूटान के खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (KGUMSB) के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और शोध में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह MOU दोनों देशों के बीच चिकित्सा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को संस्थागत रूप देता है।

भूटान की प्रतिक्रिया

भूटान ने भारत के महत्वपूर्ण सहयोग और अपने विकास में उसके योगदान की सराहना की। भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में भारत-समर्थित परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

पृष्ठभूमि और पिछली पहल

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में भारत के बिजली तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भूटान का दौरा किया था। उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात कर ऊर्जा सुरक्षा, जलविद्युत सहयोग, सांस्कृतिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की थी। मंत्री ने उस अवसर पर कहा था कि भारत और भूटान के बीच भरोसे, सद्भावना और आपसी सम्मान पर आधारित एक अनोखी और सुदृढ़ साझेदारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ विकास सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना में भारत एक प्रमुख विकास भागीदार की भूमिका निभा रहा है।

आगे की राह

AIIMS-KGUMSB MOU और एग्जिम बैंक ऋण सुविधा के क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होने की संभावना है। ₹4,000 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा भूटान को अपनी विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का ऋण, AIIMS का स्वास्थ्य MOU और 45 EV एक साथ: यह भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' कूटनीति का ठोस क्रियान्वयन है। ध्यान देने योग्य है कि यह सब ऐसे समय हो रहा है जब चीन भूटान के साथ सीमा वार्ता में सक्रिय है — भारत का यह निवेश रणनीतिक रूप से सुविचारित है। असली परीक्षा यह होगी कि 13वीं पंचवर्षीय योजना की परियोजनाएँ समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं, क्योंकि पिछले दौरों में क्रियान्वयन की गति अपेक्षाओं से पीछे रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाँचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता में क्या हुआ?
30 जुलाई 2026 को थिम्फू में आयोजित इस वार्ता में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भूटान के विदेश सचिव दाशो पेमा लेकटुप दोरजी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत-समर्थित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में ₹4,000 करोड़ का ऋण समझौता, AIIMS-KGUMSB MOU और 45 EV का हस्तांतरण शामिल रहा।
भारत के एग्जिम बैंक और भूटान के बीच क्या समझौता हुआ?
भारत के एग्जिम बैंक और भूटान के वित्त मंत्रालय के बीच ₹4,000 करोड़ (INR/NU 40 बिलियन) की रियायती ऋण सुविधा के लिए समझौते का आदान-प्रदान किया गया। यह ऋण भूटान की विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
AIIMS और KGUMSB के बीच MOU किस विषय पर हुआ?
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और भूटान के खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (KGUMSB) के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और शोध में सहयोग के लिए MOU पर हस्ताक्षर किए गए। यह दोनों देशों के बीच चिकित्सा क्षेत्र में दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी स्थापित करता है।
थिम्फू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क क्या हैं?
ये दोनों पार्क प्रोजेक्ट टाइड असिस्टेंस (PTA) के तहत 'ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ओपन स्पेसेज इन थिम्फू' परियोजना के अंतर्गत भारतीय सहायता से निर्मित किए गए हैं। दोनों विदेश सचिवों ने 30 जुलाई को वर्चुअल माध्यम से इनका उद्घाटन किया।
भारत-भूटान संबंधों में हाल की अन्य प्रमुख गतिविधियाँ क्या रही हैं?
अप्रैल 2026 में भारत के मंत्री मनोहर लाल ने भूटान का दौरा कर प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात की थी, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, जलविद्युत सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा हुई थी। भारत भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना में प्रमुख विकास भागीदार की भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले