अनाहत सिंह को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश 2025 में टॉप सीडिंग, ओंटारियो में 20 जुलाई से होगा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
अनाहत सिंह को वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2025 के महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता (टॉप सीडिंग) दी गई है। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 20 से 31 जुलाई के बीच कनाडा के ओंटारियो में आयोजित होगी। पुरुष वर्ग में भारत के आर्यवीर दीवान को 5/8 सीडिंग के साथ प्रतिस्पर्धा में उतरने का मौका मिला है।
अनाहत का खिताबी अभियान
वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज 18 वर्षीय अनाहत सिंह पिछले वर्ष इसी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक पहुँचकर कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इस बार वे अपना पहला वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। नई दिल्ली की इस दाएं हाथ की खिलाड़ी ने 2023 में प्रोफेशनल करियर शुरू करने के बाद से अब तक 16 सिंगल्स खिताब अपने नाम किए हैं।
आर्यवीर दीवान की बढ़ती पहचान
आर्यवीर दीवान भी इस टूर्नामेंट में अपनी साख को और मज़बूत करने की कोशिश करेंगे। वे मई 2025 में एशियन जूनियर इंडिविजुअल स्क्वैश चैंपियनशिप में अंडर-19 बॉयज़ खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बने थे — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक है।
भारतीय दल का पूरा ब्योरा
वर्ल्ड जूनियर्स में भारत की ओर से पुरुष वर्ग में युशा नफीस, गुरवीर सिंह और पूरव रामभिया भी भाग लेंगे। महिला वर्ग में अनाहत के अलावा रुद्र सिंह, अनिका दुबे और सान्वी कलंकी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
अनाहत सिंह का सफ़र
अनाहत ने 2019 में ब्रिटिश जूनियर ओपन के अंडर-11 वर्ग में खिताब जीतकर पहली बार सुर्खियाँ बटोरी थीं। 2023 में उन्होंने मिस्र की सोहैला हजेम को हराकर इसी टूर्नामेंट का अंडर-15 खिताब जीता। अगस्त 2023 में चीन के डालियान में आयोजित एशियन जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने अंडर-17 का ताज पहना। एशियन गेम्स 2022 में उन्होंने अभय सिंह के साथ मिक्स्ड डबल्स और महिला टीम इवेंट में दो कांस्य पदक जीते। उसी वर्ष नवंबर में वे सीनियर नेशनल चैंपियन भी बनीं। 2025 में उन्होंने उस भारतीय टीम का हिस्सा बनकर इतिहास रचा जिसने वर्ल्ड कप 2025 जीता और भारत के लिए पहला SWC खिताब हासिल किया।
आगे की राह
सीनियर सर्किट में भी अपनी छाप छोड़ चुकीं अनाहत सिंह को भारतीय स्क्वैश का भविष्य माना जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में टॉप सीडेड खिलाड़ी के रूप में उन पर सभी की निगाहें टिकी होंगी — और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस दबाव को किस तरह अपनी ताकत में बदलती हैं।