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सानंद सेमीकंडक्टर संयंत्र में आदिवासी महिला कर्मचारियों से मिले PM मोदी, बोले — 'युवा शक्ति पर गर्व'

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सानंद सेमीकंडक्टर संयंत्र में आदिवासी महिला कर्मचारियों से मिले PM मोदी, बोले — 'युवा शक्ति पर गर्व'

सारांश

सानंद का सीजी सेमी संयंत्र सिर्फ एक चिप फैक्ट्री नहीं — यह झारखंड, जम्मू-कश्मीर और आदिवासी गाँवों की उन लड़कियों की कहानी है जो ITI से सेमीकंडक्टर तक पहुँचीं। ₹7,500 करोड़ के इस संयंत्र ने भारत की तीसरी चिप यूनिट शुरू की और साथ ही एक नई सामाजिक मिसाल भी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को गुजरात के सानंद में सीजी सेमी OSAT संयंत्र का उद्घाटन किया।
यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाली देश की तीसरी सेमीकंडक्टर इकाई है।
संयंत्र में करीब ₹7,500 करोड़ का निवेश किया गया है; ऑटोमोबाइल, औद्योगिक व उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चिप पैकेजिंग-टेस्टिंग होगी।
कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा दूरदराज व आदिवासी क्षेत्रों से आई प्रशिक्षित महिला कर्मचारियों का है, जिनमें झारखंड और जम्मू-कश्मीर से आई महिलाएँ शामिल हैं।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इन महिलाओं की सराहना की और लिखा — 'हमारी युवा शक्ति पर गर्व!'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जुलाई 2025 को गुजरात के सानंद स्थित सीजी सेमी के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) संयंत्र में कार्यरत महिला कर्मचारियों से मुलाकात की और भारत के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग में दूरदराज व आदिवासी क्षेत्रों से आई युवा महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। 5 जुलाई 2025 को संयंत्र के उद्घाटन के एक दिन बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई पोस्ट में मोदी ने इस बातचीत को दौरे के "सबसे विशेष क्षणों में से एक" बताया।

मुख्य घटनाक्रम

करीब ₹7,500 करोड़ के निवेश से स्थापित यह संयंत्र इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाली देश की तीसरी सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई है। यहाँ ऑटोमोबाइल, औद्योगिक और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के लिए चिप्स की पैकेजिंग और परीक्षण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, "वे भारत के दूरस्थ क्षेत्रों से आती हैं और उनमें से कई आदिवासी पृष्ठभूमि से हैं, लेकिन उनके अद्भुत जज्बे ने उन्हें सेमीकंडक्टर तकनीक सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षण लिया और आज वे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई ताकत दे रही हैं।" उन्होंने अंत में लिखा, "हमारी युवा शक्ति पर गर्व!"

महिला कर्मचारियों की आवाज़

संयंत्र में एक महिला कर्मचारी ने प्रधानमंत्री को बताया कि उनके गाँव में परिवार आमतौर पर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं भेजते, लेकिन सीजी सेमी में नौकरी मिलने के बाद यह धारणा बदल रही है। उन्होंने कहा, "लोग इस बात से बेहद खुश हैं कि मैं आत्मनिर्भर बन गई हूँ। मेरी सहेलियाँ भी पूछती हैं कि क्या उन्हें भी यहाँ आने का मौका मिल सकता है।"

झारखंड के गिरिडीह जिले की एक अन्य महिला कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने बिरनी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) का कोर्स किया, जिसके बाद सीजी सेमी में उनका चयन हुआ। उन्होंने कहा, "पहले लोग सोचते थे कि मैं सिर्फ गाँव की एक लड़की हूँ जो कुछ नहीं कर पाएगी। लेकिन अब उन्हें एहसास हो गया है कि मैं वास्तव में कुछ सार्थक कर रही हूँ।" इस नौकरी के ज़रिए उन्हें विदेश यात्रा का अवसर भी मिला।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के कर्मचारी कौशल कुमार से भी बातचीत की और पूछा कि क्या यह उनकी गुजरात की पहली यात्रा है। कौशल कुमार ने पुष्टि की कि यह उनका पहला गुजरात दौरा है।

सेमीकंडक्टर मिशन का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह संयंत्र ऐसे समय में उत्पादन शुरू कर रहा है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग को समाहित करते हुए एक पूर्ण घरेलू इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार के उद्घाटन समारोह में कहा, "देश का लक्ष्य चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग को समाहित करते हुए एक पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना है। यह उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के विस्तार की व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।" उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों का आत्मविश्वास उन्हें गहराई से प्रभावित कर गया।

आम जनता पर असर

यह संयंत्र उन महिलाओं के लिए एक नया रास्ता खोल रहा है जो अब तक तकनीकी रोज़गार से दूर रही हैं। आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आई महिलाओं को सेमीकंडक्टर विनिर्माण का विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें इस उद्योग में शामिल किया गया है — यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हो सकता है।

आगे क्या

सीजी सेमी संयंत्र में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है और यह घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। भारत सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस मिशन के तहत और अधिक इकाइयाँ स्थापित करना है, जिससे देश की आयात-निर्भरता कम हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सामाजिक गतिशीलता का एक ठोस उदाहरण है। लेकिन यह भी देखना ज़रूरी है कि ₹7,500 करोड़ के इस संयंत्र में कितनी महिलाएँ कार्यरत हैं और क्या यह मॉडल बड़े पैमाने पर दोहराया जा सकता है। भारत की सेमीकंडक्टर आयात-निर्भरता अभी भी बड़ी चुनौती है; तीन इकाइयाँ शुरू होना उत्साहजनक है, पर पूर्ण घरेलू इकोसिस्टम बनने में अभी लंबा रास्ता तय करना है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सानंद में सीजी सेमी OSAT संयंत्र क्या है?
यह गुजरात के सानंद में स्थापित एक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा है, जिसमें करीब ₹7,500 करोड़ का निवेश किया गया है। यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाली देश की तीसरी सेमीकंडक्टर इकाई है।
PM मोदी ने इस संयंत्र का उद्घाटन कब किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को सानंद स्थित सीजी सेमी संयंत्र का उद्घाटन किया। अगले दिन उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर वहाँ की महिला कर्मचारियों की सराहना की।
इस संयंत्र में किन क्षेत्रों के लिए चिप्स बनाई जाएंगी?
संयंत्र में ऑटोमोबाइल, औद्योगिक और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स की पैकेजिंग और परीक्षण किया जाएगा। इससे भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
इस संयंत्र में महिला कर्मचारी कहाँ से आई हैं?
संयंत्र में कार्यरत महिला कर्मचारियों में झारखंड के गिरिडीह जिले और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले सहित देश के दूरदराज व आदिवासी क्षेत्रों से आई महिलाएँ शामिल हैं। इन्होंने ITI और विशेष प्रशिक्षण के ज़रिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण में दक्षता हासिल की है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का लक्ष्य क्या है?
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का उद्देश्य चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग को एकीकृत करते हुए भारत में एक पूर्ण घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना है। सानंद संयंत्र इस दिशा में तीसरी व्यावसायिक इकाई के रूप में महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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