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गुजरात का पहला शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर खुला, ₹175 करोड़ की परियोजना

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गुजरात का पहला शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर खुला, ₹175 करोड़ की परियोजना

सारांश

गुजरात को मिला पहला शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर — ₹175 करोड़, 1.48 किमी लंबा, भाट सर्कल पर। साथ ही नर्मदा नहर पर छह से 12 लेन विस्तार की नींव रखी गई। प्रतिदिन 1.93 लाख वाहनों की आवाजाही वाले इस कॉरिडोर पर यातायात अब पटरी पर आने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 6 जुलाई 2025 को अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर गुजरात के पहले शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर का उद्घाटन किया।
फ्लाईओवर 1.48 किलोमीटर लंबा है और इसकी निर्माण लागत करीब ₹175 करोड़ है।
परियोजना सड़क एवं भवन विभाग और AUDA की 50:50 साझेदारी में पूरी हुई।
नर्मदा मुख्य नहर पर कोबा सर्कल के पास छह लेन पुल को 12 लेन तक चौड़ा करने की आधारशिला रखी गई; अनुमानित लागत ₹48 करोड़ ।
इस कॉरिडोर पर प्रतिदिन 1.93 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 6 जुलाई 2025 को अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर राज्य के पहले शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। भाट सर्कल पर गांधीनगर-एयरपोर्ट रोड के ऊपर बना यह फ्लाईओवर ₹175 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है और इसे गुजरात के किसी शहरी क्षेत्र में बनाया गया पहला केबल-स्टेड ढाँचा बताया जा रहा है। इसी कार्यक्रम में कोबा सर्कल और भाट सर्कल के बीच नर्मदा मुख्य नहर पर बने मौजूदा छह लेन के पुल को 12 लेन तक चौड़ा करने की परियोजना की आधारशिला भी रखी गई।

फ्लाईओवर की मुख्य विशेषताएँ

यह केबल-स्टेड फ्लाईओवर 1.48 किलोमीटर लंबा है और गांधीनगर-एयरपोर्ट रोड पर भाट सर्कल को जोड़ता है। परियोजना को राज्य के सड़क एवं भवन विभाग और अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (AUDA) की 50:50 साझेदारी में पूरा किया गया है। फ्लाईओवर के साथ-साथ एसपी रिंग रोड, वडोदरा और सूरत की ओर जाने वाले वाहनों के लिए दोनों तरफ तीन-तीन लेन की छह लेन सर्विस रोड भी तैयार की गई हैं।

ट्रैफिक पर असर

अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर राज्य की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड और एसपी रिंग रोड पर प्रतिदिन 1.93 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। भाट सर्कल पर पहले अक्सर भारी जाम लगता था, जिससे यात्रियों को देरी और अतिरिक्त ईंधन खपत का सामना करना पड़ता था।

नई व्यवस्था के तहत एसपी रिंग रोड का यातायात फ्लाईओवर के नीचे से प्रवाहित होगा, जबकि अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच आवाजाही करने वाले वाहन फ्लाईओवर का उपयोग करेंगे। इस पृथक्करण से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक स्वतंत्र रूप से चलेगा और जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित होने की उम्मीद है।

नहर पुल विस्तार परियोजना

सरकार ने नर्मदा मुख्य नहर पर कोबा सर्कल के समीप बने मौजूदा छह लेन के पुल के दोनों ओर तीन-तीन लेन के नए पुलों के निर्माण को स्वीकृति दी है। इस विस्तार पर करीब ₹48 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद कोबा सर्कल और भाट सर्कल के बीच भविष्य में बढ़ने वाले वाहन दबाव को सुचारू रूप से संभालना है।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित जन-प्रतिनिधि

इस अवसर पर सांसद हसमुखभाई पटेल, गांधीनगर की विधायक रीता पटेल और अल्पेश ठाकोर, गांधीनगर की मेयर मीरा पटेल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शहर अध्यक्ष आशीष दवे तथा सड़क एवं भवन विभाग के सचिव प्रभात पटिया सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।

आगे की राह

यह परियोजना अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि यह कॉरिडोर गुजरात की राजधानी और उसके सबसे बड़े शहर को जोड़ता है, और इस पर यातायात का दबाव साल-दर-साल बढ़ता रहा है। नहर पुल विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर यातायात क्षमता और बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह अकेला ढाँचा 1.93 लाख दैनिक वाहनों के दबाव को दीर्घकालिक रूप से सँभाल सकता है। अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर मेट्रो विस्तार और GIFT City के बढ़ते कार्यालयी क्षेत्र को देखते हुए यातायात की माँग अगले पाँच वर्षों में और तेज़ी से बढ़ेगी। नहर पुल विस्तार की ₹48 करोड़ की परियोजना सही दिशा में है, परंतु इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। बिना समन्वित सार्वजनिक परिवहन नीति के, केवल सड़क क्षमता बढ़ाना 'induced demand' की समस्या को जन्म दे सकता है — जहाँ अधिक लेन अधिक वाहनों को आकर्षित करती हैं।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का पहला शहरी केबल-स्टेड फ्लाईओवर कहाँ बना है?
यह फ्लाईओवर अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर गांधीनगर-एयरपोर्ट रोड के भाट सर्कल पर बना है। यह 1.48 किलोमीटर लंबा है और राज्य सरकार के अनुसार गुजरात के किसी शहरी क्षेत्र में बनाया गया पहला केबल-स्टेड ढाँचा है।
इस फ्लाईओवर की निर्माण लागत कितनी है और इसे किसने बनाया?
फ्लाईओवर का निर्माण करीब ₹175 करोड़ की लागत से हुआ है। इसे राज्य के सड़क एवं भवन विभाग और अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (AUDA) की 50:50 साझेदारी में पूरा किया गया है।
कोबा सर्कल और भाट सर्कल के बीच नहर पुल विस्तार परियोजना क्या है?
नर्मदा मुख्य नहर पर कोबा सर्कल के पास बने मौजूदा छह लेन के पुल के दोनों ओर तीन-तीन लेन के नए पुल बनाए जाएँगे, जिससे कुल क्षमता 12 लेन हो जाएगी। इस परियोजना पर करीब ₹48 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
इस फ्लाईओवर से आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
भाट सर्कल पर पहले अक्सर भारी जाम लगता था। अब एसपी रिंग रोड का ट्रैफिक फ्लाईओवर के नीचे से और अहमदाबाद-गांधीनगर के बीच का ट्रैफिक फ्लाईओवर के ऊपर से अलग-अलग प्रवाहित होगा, जिससे जाम कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी।
अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर प्रतिदिन कितने वाहन चलते हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड और एसपी रिंग रोड पर प्रतिदिन 1.93 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जो इसे राज्य की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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