अहमदाबाद मेट्रो चरण-2ए को कैबिनेट की मंजूरी: ₹2,169 करोड़ की परियोजना, एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 11 जून 2025 को अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2(ए) को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की। ₹2,169.04 करोड़ की इस परियोजना में 6.032 किलोमीटर का नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो अहमदाबाद हवाई अड्डे तक निर्बाध सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करेगा। मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इससे शहर के शहरी परिवर्तन को और गति मिलेगी।
परियोजना का स्वरूप और नए स्टेशन
चरण-2(ए) कॉरिडोर में कुल 5 स्टेशन बनाए जाएंगे — 4 एलिवेटेड और 1 अंडरग्राउंड। इन स्टेशनों के नाम हैं: आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट। यह नया कॉरिडोर उन प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को जोड़ेगा, जहाँ अभी तक कुशल सार्वजनिक परिवहन की पहुँच नहीं है।
इस चरण के पूरा होने पर अहमदाबाद-गांधीनगर गलियारे में सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क 77.63 किलोमीटर तक विस्तृत हो जाएगा, जो इसे देश के सबसे लंबे शहरी मेट्रो नेटवर्क में से एक बनाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के चरण-2(ए) को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। विशेष रूप से एयरपोर्ट तक पहुँच बेहतर बनेगी, जिससे यात्रा अधिक तेज, सुगम और सुविधाजनक होगी। यह विस्तार यातायात की भीड़ को कम करेगा, रोज़गार के नए अवसर सृजित करेगा और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देगा।' गौरतलब है कि अहमदाबाद प्रधानमंत्री मोदी का गृह राज्य गुजरात का सबसे बड़ा शहर है और यहाँ के बुनियादी ढाँचे पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान रहा है।
रोज़गार और आर्थिक प्रभाव
परियोजना से निर्माण कार्य के चरम समय के दौरान लगभग 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिलने का अनुमान है। मेट्रो के संचालन और रखरखाव चरण में 500 स्थायी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, 2029 के विश्व पुलिस खेलों और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी की संभावना को देखते हुए इस क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है, जिससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधि को अतिरिक्त बल मिलेगा।
शहरी विकास पर दीर्घकालिक असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के कई बड़े शहर वायु प्रदूषण और यातायात जाम की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं। मेट्रो विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता घटने और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। परियोजना अहमदाबाद-गांधीनगर क्षेत्र को एक एकीकृत, आधुनिक शहरी परिवहन तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। क्षेत्रीय दिशानिर्देश और निर्माण समयसीमा शीघ्र जारी होने की संभावना है।