अहमदाबाद मेट्रो फेज-2ए को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, ₹2,169 करोड़ में बनेगा 6 किमी नया कॉरिडोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 जून 2026 को अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2ए को औपचारिक मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत कोटेश्वर रोड से अहमदाबाद एयरपोर्ट तक 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹2,169.04 करोड़ है, जिसमें निर्माण अवधि के दौरान देय ब्याज (IDC) भी सम्मिलित है।
नए कॉरिडोर में क्या-क्या शामिल होगा
आधिकारिक बयान के अनुसार, फेज-2ए के अंतर्गत कुल 5 स्टेशन बनाए जाएंगे — 4 एलिवेटेड और 1 भूमिगत। इन स्टेशनों में आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती रिवर, सरदार नगर और एयरपोर्ट स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ेगा।
फेज-2ए के पूर्ण होने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क की संयुक्त लंबाई बढ़कर 77.63 किलोमीटर हो जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के शहरी बुनियादी ढाँचे को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के मद्देनज़र उन्नत करने की प्राथमिकता बढ़ी है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन पर असर
सरकार का कहना है कि एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो सेवा शुरू होने से निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी। नया कॉरिडोर उन आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेगा जहाँ अभी तक सुविधाएँ सीमित रही हैं।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए स्टेशनों के आसपास स्थानीय व्यवसायों और सेवाओं के विस्तार की संभावना बनेगी, जिससे निवेश और विकास के नए अवसर उत्पन्न होंगे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस डिपो जैसे प्रमुख केंद्रों तक पहुँच सुगम होगी।
रोज़गार और पर्यावरण लाभ
सरकार के अनुमान के अनुसार, निर्माण चरण के दौरान लगभग 2,000 लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है। परियोजना के संचालन और रखरखाव के दौरान करीब 500 लोगों को स्थायी रोज़गार मिल सकेगा।
मेट्रो रेल को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का माध्यम माना जाता है। नेटवर्क विस्तार से कार्बन उत्सर्जन घटेगा और जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे अहमदाबाद और गांधीनगर में स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी परिवहन को बल मिलेगा।
बड़े आयोजनों की तैयारी और भविष्य की संभावनाएँ
बयान में वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2029 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का विशेष उल्लेख किया गया है। इन आयोजनों को ध्यान में रखते हुए मेट्रो नेटवर्क के आसपास खेल सुविधाओं के विकास की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।
गौरतलब है कि अहमदाबाद देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ मेट्रो नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेज़बानी के लिए रणनीतिक रूप से विस्तारित किया जा रहा है। फेज-2ए की मंजूरी इस दिशा में एक निर्णायक कदम है और शहर की दीर्घकालिक परिवहन योजना का अहम हिस्सा है।