सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल का हमला: 'भाजपा की तानाशाही कब तक?'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद 18 अगस्त को पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, न कि किसी वैध जाँच का नतीजा।
केजरीवाल का एक्स पर सीधा हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'सत्येंद्र जैन को एक बार फिर भाजपा ने गिरफ्तार करवा दिया है। अभी कुछ वक्त पहले इन लोगों ने जेल में डालकर उनकी जो दुर्दशा की थी, वह सबको याद है। पिछला केस भी फर्जी था और यह केस भी फर्जी साबित होगा।' उन्होंने आगे लिखा कि जेल में बिताए वक्त और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा।
केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि 'भाजपा के पाप का घड़ा अब भर चुका है' और पूरी आम आदमी पार्टी तथा देश की जनता सत्येंद्र जैन के साथ मजबूती से खड़ी है।
सिसोदिया और ढांडा ने भी साधा निशाना
आप नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर लिखा कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले पंजाब के सह-प्रभारी सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उन्हें ढाई साल तक कथित तौर पर झूठे मामले में जेल में रखा गया और अब एक बार फिर वही रणनीति अपनाई जा रही है।
आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने दावा किया कि जिस टेंडर को लेकर मामला बनाया जा रहा है, वह अक्टूबर 2022 में हुआ था, जबकि सत्येंद्र जैन मई 2022 से ही एक अन्य मामले में जेल में थे। ढांडा के अनुसार, इस आधार पर पूरे मामले में कोई तार्किक आधार नहीं बनता और यह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
आतिशी की प्रतिक्रिया
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि 'सत्ता के अहंकार में भाजपा शायद यह भूल रही है कि झूठ और अत्याचार की भी एक सीमा होती है।' आतिशी ने यह भी कहा कि सरकारी ताकत से किसी को कुछ समय के लिए डराया जा सकता है, लेकिन सच्चाई को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं और सत्येंद्र जैन पार्टी के पंजाब सह-प्रभारी की भूमिका में सक्रिय थे।
आप का रुख और आगे की रणनीति
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी — दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल है। यह पहली बार नहीं है जब आप और भाजपा के बीच इस तरह का टकराव सामने आया हो — पार्टी के अनुसार, यह एक लंबे राजनीतिक संघर्ष की अगली कड़ी है।