19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर भाजपा बोली — यमुना सफाई के नाम पर जनता से छल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर भाजपा बोली — यमुना सफाई के नाम पर जनता से छल

सारांश

दिल्ली जल बोर्ड के कथित STP टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने राजधानी की राजनीति को झकझोर दिया है। भाजपा ने यमुना सफाई को 'धोखे का औज़ार' बताया तो कांग्रेस ने भी AAP पर निशाना साधा — मगर एजेंसियों के दुरुपयोग का सवाल भी उठा।

मुख्य बातें

एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया।
भाजपा के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि 2021 के STP टेंडर में जानबूझकर हेरफेर कर कंपनी यूरोटेक को फायदा पहुँचाया गया।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि AAP सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल की इंटरसेप्टर परियोजनाओं को रिटेंडर में डालकर लागत दोगुनी कर दी।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने एजेंसियों के संभावित राजनीतिक दुरुपयोग पर चिंता जताई और कहा कि बिना सबूत के गिरफ्तारी 'राजनीतिक प्रतिशोध' है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने लखनऊ से भाजपा पर 'प्रतिशोधात्मक राजनीति' का आरोप लगाया।

नई दिल्ली में 19 अगस्त को राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कार्रवाई को यमुना सफाई के नाम पर जनता के साथ हुए कथित विश्वासघात का प्रमाण बताया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने भी AAP सरकार पर अनियमितताओं के आरोप लगाए।

भाजपा का आरोप: टेंडर में हेरफेर कर खास कंपनी को फायदा

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस मामले को सीधे अरविंद केजरीवाल से जोड़ते हुए कहा कि यह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) घोटाला बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 में निकाले गए टेंडर में जानबूझकर ऐसी शर्तें जोड़ी गईं ताकि एक खास कंपनी — यूरोटेक — को लाभ पहुँचाया जा सके। सचदेवा के अनुसार, 'टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई और वह टेंडर उस कंपनी को दे दिया गया।'

सचदेवा ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में केजरीवाल ने दिल्लीवासियों के साथ जो छल किया है, यह गिरफ्तारी उसी की एक कड़ी है। उन्होंने दावा किया कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ेगी, केजरीवाल का नाम भी सामने आएगा।

कांग्रेस का रुख: पहले से थी अनियमितताओं की जानकारी

रचनात्मक कांग्रेस के चेयरपर्सन संदीप दीक्षित ने कहा कि इन टेंडरों में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी उन्हें काफी पहले से थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कार्यकाल में यमुना में गिरने वाले नालों पर इंटरसेप्टर लगाने की योजना बनाई गई थी, जिसके तहत दो या तीन बड़े इंटरसेप्टर स्थापित होने थे — जो सीवेज व नालों के गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही यमुना में छोड़ते।

दीक्षित ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने सत्ता में आते ही उन परियोजनाओं को रिटेंडर में डाल दिया। उन्होंने कहा, 'जब सरकार 5 रुपये की चीज को 10 रुपये की करके रिटेंडर करने लगे, तो समझ जाइए कि कुछ न कुछ गड़बड़ है।' उनके अनुसार तकनीकी रूप से उन परियोजनाओं को जारी रहना चाहिए था, लेकिन AAP सरकार ने ऐसा नहीं किया।

कांग्रेस की दूसरी आवाज़: एजेंसियों के दुरुपयोग पर सवाल

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने हालाँकि एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2014 से कई जाँच एजेंसियाँ भाजपा के इशारे पर काम करती दिख रही हैं, जहाँ लोगों को छह-छह महीने जेल में रखा जाता है और बाद में वे अदालत से बरी हो जाते हैं। राजपूत ने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत हैं तो गिरफ्तारी उचित है, लेकिन राजनीतिक प्रतिशोध के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल गलत है।

समाजवादी पार्टी का पलटवार

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने लखनऊ में कहा कि भाजपा प्रतिशोधात्मक राजनीति करती है और सत्ता में आते ही पुरानी सरकारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता को देने के लिए खुद कुछ नहीं है।

आगे क्या होगा

यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है और गिरफ्तार छह लोगों के खिलाफ जाँच जारी है। राजनीतिक दलों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच यह देखना अहम होगा कि ACB की जाँच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या अदालत में आरोप टिक पाते हैं। यमुना सफाई — जो दशकों से दिल्ली की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौती रही है — एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ACB की जाँच अदालत में कितनी टिकती है — क्योंकि राजनीतिक रूप से प्रेरित एजेंसी-कार्रवाई का इतिहास भी उतना ही लंबा है जितना कि यमुना सफाई के टूटे वादों का। जब तक टेंडर हेरफेर और रोज़गार-हानि के ठोस, न्यायिक रूप से सत्यापित साक्ष्य सामने नहीं आते, यह पूरा प्रकरण दो पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा — और यमुना उतनी ही मैली।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) घोटाला क्या है?
यह कथित घोटाला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडरों से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि 2021 में टेंडर की शर्तों में जानबूझकर हेरफेर कर एक खास कंपनी — यूरोटेक — को लाभ पहुँचाया गया। एंटी-करप्शन ब्रांच ने इस मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
सत्येंद्र जैन को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित STP टेंडर घोटाले में एंटी-करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएँ बरती गईं और एक विशेष कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए शर्तें बदली गईं।
भाजपा ने इस गिरफ्तारी पर क्या कहा?
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यमुना सफाई के नाम पर AAP सरकार ने दिल्लीवासियों से धोखा किया और टेंडर में हेरफेर कर यूरोटेक कंपनी को फायदा पहुँचाया गया। उन्होंने दावा किया कि जाँच आगे बढ़ने पर अरविंद केजरीवाल का नाम भी सामने आएगा।
कांग्रेस का इस मामले पर क्या रुख है?
कांग्रेस दो धाराओं में बँटी दिखी — संदीप दीक्षित ने AAP पर रिटेंडर के ज़रिए लागत बढ़ाने और परियोजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया, जबकि सुरेंद्र राजपूत ने एजेंसियों के संभावित राजनीतिक दुरुपयोग पर चिंता जताई और कहा कि बिना पुख्ता सबूत के गिरफ्तारी प्रतिशोध है।
यमुना सफाई और इस घोटाले का क्या संबंध है?
यमुना सफाई के लिए STP और इंटरसेप्टर परियोजनाएँ DJB के अधीन थीं। आरोप है कि AAP सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल की इंटरसेप्टर परियोजनाओं को रिटेंडर में डाला और लागत दोगुनी कर दी, जिससे यमुना सफाई की गति प्रभावित हुई और कथित वित्तीय अनियमितताएँ हुईं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 18 घंटे पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले