डीजेबी घोटाले में सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, भाजपा बोली — पंजाब में AAP के 'कलेक्शन एजेंट' बने हैं जैन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। BJP सांसद स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि जैन अब पंजाब में AAP के लिए 'कलेक्शन एजेंट' की भूमिका निभा रहे हैं और बिल्डरों व रियल एस्टेट डेवलपर्स से कथित तौर पर धन वसूली कर रहे हैं।
मालीवाल के आरोप: दिल्ली से पंजाब तक भ्रष्टाचार का जाल
मालीवाल ने कहा, 'दिल्ली में पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार की दुकान चलाई — चाहे स्कूलों में क्लासरूम बनाने का घोटाला हो, शराब घोटाला हो या अनगिनत दूसरे घोटाले।' उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने 10 वर्षों में कभी कोई मंत्रालय अपने पास नहीं रखा, ताकि जाँच की स्थिति में सारा दोष संबंधित मंत्री पर डाला जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि 'दिल्ली में केजरीवाल की भ्रष्टाचार की दुकान बंद होते ही, उन्होंने पंजाब में भ्रष्टाचार के बड़े मॉल खोल दिए।' मालीवाल के अनुसार, सत्येंद्र जैन को चंडीगढ़ में मंत्रियों से भी अधिक आलीशान बंगला आवंटित किया गया है, जबकि वे केवल दिल्ली से एक पूर्व विधायक हैं।
यमुना सफाई और STP घोटाले का संबंध
मालीवाल ने डीजेबी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट घोटाले को यमुना की सफाई से सीधे जोड़ा। उनका कहना था, 'यमुना की सफाई के लिए ये प्लांट बहुत ज़रूरी हैं। जब तक दिल्ली को सही ढंग से काम करने वाले पर्याप्त STP नहीं मिलते, तब तक यमुना साफ नहीं हो सकती।' उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को लगा कि यमुना से वोट नहीं मिलेंगे, इसलिए उन्होंने इस परियोजना को भ्रष्टाचार का ज़रिया बना लिया।
गौरतलब है कि यमुना की सफाई दिल्ली की राजनीति में एक दशक से अधिक समय से अनसुलझा मुद्दा रहा है, और इस मामले में एसटीपी निर्माण में अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं।
BJP के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने 'अरविंद केजरीवाल की झूठी ईमानदारी की पोल एक बार फिर दुनिया के सामने खोल दी है।' उनके अनुसार, केजरीवाल ने सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मॉडल खड़ा किया जिसमें राजनेता, अधिकारी, ठेकेदार और अन्य पक्ष शामिल थे।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने मामले का तकनीकी पहलू रखते हुए कहा, 'यह एक पुराना मामला है जब सत्येंद्र जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। उस समय एक अनुबंध दिया गया था और उसकी शर्तें बदली गई थीं। यह करोड़ों का टेंडर था और लगभग ₹8 लाख के कुछ लेन-देन का भी पता चला है। उस समय के सीईओ को भी गिरफ्तार किया गया था।'
राजनीतिक संदर्भ: केजरीवाल और जेल से सरकार चलाने का आरोप
मालीवाल ने यह भी याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल स्वयं कुछ समय जेल में रहे, परंतु उस दौरान भी सरकार का संचालन जारी रहा। उन्होंने इसे 'भ्रष्टाचार की गंभीरता' का प्रमाण बताया। यह ऐसे समय में आया है जब AAP पंजाब में अपनी सरकार के कामकाज को लेकर पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।
आगे क्या होगा
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद मामले की जाँच एजेंसियों द्वारा आगे बढ़ाए जाने की संभावना है। AAP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में AAP की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकता है।