राम मंदिर चंदा चोरी: SIT 'बड़ी मछलियों' को बचा रही है, रिपोर्ट में सिर्फ सुझाव — कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 24 जून को लखनऊ में राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण, मौलाना अरशद मदनी के जिहाद-संबंधी बयान और NEET पेपर लीक सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।
SIT रिपोर्ट पर कांग्रेस का हमला
राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (SIT) द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने पर सुरेंद्र राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट सौंपना कोई नई बात नहीं है। मुद्दा यह है कि उस रिपोर्ट में क्या है? लोग बता रहे हैं कि SIT की रिपोर्ट में सुझाव हैं। क्या SIT वहाँ सुझाव देने गई थी? क्या नृपेंद्र मिश्रा को इतना नहीं पता कि वहाँ अधिक कैमरे लगाने चाहिए?'
राजपूत ने आगे कहा कि जाँच दल अयोध्या केवल 'धोखेबाजों, चोरों, लुटेरों और डकैतों को बचाने और छोटी मछलियाँ पकड़ने' गई थी। उन्होंने माँग की कि यदि BJP वास्तव में चढ़ावा चोरी रोकना चाहती है तो पहले FIR दर्ज कराए और BJP, विश्व हिंदू परिषद (VHP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों को ट्रस्ट से हटाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट में चार शंकराचार्य, पाँच रामानुजाचार्य और 13 अखाड़ों के संतों को शामिल किया जाए।
मौलाना मदनी के जिहाद बयान पर कांग्रेस का पक्ष
मौलाना अरशद मदनी के 'हर मुसलमान को जिहाद करना चाहिए' वाले बयान पर राजपूत ने कहा कि जिहाद एक इस्लामिक शब्द है जो आत्मिक शुद्धता के लिए धर्म में प्रयुक्त होता है। उनके अनुसार, 'भाजपा के शासनकाल में जिहाद शब्द के गलत मायने निकाले जा रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने के लिए मदनी के बयानों को तूल दे रही है।
AIMPLB अभियान और सांप्रदायिक तनाव पर चिंता
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा मस्जिदों और मदरसों के ध्वंस के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने के निर्णय पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं, मजारों पर झंडे लहराने की बात कही जा रही है और गोकशी के नाम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को मारा जा रहा है।' राजपूत ने कहा कि इस अन्याय के विरुद्ध केवल मुसलमानों को नहीं, बल्कि पूरे देश को एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना
जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कथित नाराज़गी पर राजपूत ने कहा कि NEET पेपर लीक होने के बाद प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन वे अपने पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा, 'इस्तीफा माँगा जा रहा है, तो धर्मेंद्र प्रधान भड़केंगे ही।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब NEET विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है और विपक्षी दल सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।