यूके वीजा संकट: कनिमोझी ने जयशंकर को लिखा पत्र, तमिलनाडु के 300 से अधिक छात्रों का भविष्य दांव पर
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने 18 अगस्त 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तमिलनाडु सरकार की अन्नल अंबेडकर ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित 300 से अधिक छात्रों के यूके छात्र वीजा संकट में तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। इन छात्रों को 17 अप्रैल 2026 से लागू यूके के नए वीजा नियमों के कारण राज्य सरकार की वित्तीय सहायता को मान्यता न मिलने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
कनिमोझी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के अंतर्गत 300 से अधिक छात्रों का चयन विदेश की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए किया गया था। जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में इन छात्रों को प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) पत्र भी जारी कर दिए गए। बावजूद इसके, यूके वीजा एंड इमिग्रेशन (UKVI) विभाग द्वारा तमिलनाडु सरकार की वित्तीय गारंटी को मान्यता न देने का मुद्दा अब तक अनसुलझा है।
संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे छात्रों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
छात्रों पर असर
DMK सांसद ने पत्र में रेखांकित किया कि कई ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में प्रवेश और नामांकन की अंतिम तिथियाँ अगस्त और सितंबर 2026 में हैं। यदि इस वीजा संकट का शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो छात्रों को अपनी कड़ी मेहनत से हासिल किए गए प्रवेश और अमूल्य शैक्षणिक अवसर गँवाने पड़ सकते हैं — और यह सब किसी व्यक्तिगत चूक के कारण नहीं, बल्कि प्रशासनिक व प्रक्रियागत अड़चनों की वजह से होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत से यूके में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है और राज्य सरकारों की छात्रवृत्ति योजनाएँ इसमें अहम भूमिका निभाती रही हैं।
कनिमोझी की माँगें
कनिमोझी ने विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों से तीन सूत्री अनुरोध किया है। पहला, ब्रिटिश सरकार और यूके वीजा एंड इमिग्रेशन विभाग के साथ तत्काल राजनयिक समन्वय स्थापित किया जाए। दूसरा, तमिलनाडु सरकार की प्रायोजन गारंटी की वीजा प्रक्रिया में स्वीकृति को लेकर स्पष्टता हासिल की जाए। तीसरा, यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र छात्र केवल प्रशासनिक कारणों से विदेश में पढ़ने का अवसर न खोए।
योजना की पृष्ठभूमि
अन्नल अंबेडकर ओवरसीज हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप योजना तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से पात्र और मेधावी छात्रों को विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। गौरतलब है कि यूके ने 17 अप्रैल 2026 से छात्र वीजा प्रक्रिया में नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत प्रायोजन के स्वरूप और दस्तावेज़ीकरण की आवश्यकताएँ बदल गई हैं।
आगे क्या होगा
विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नामांकन की अंतिम तिथियाँ नज़दीक होने के कारण छात्रों और उनके परिजनों में बेचैनी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मुद्दे के समाधान के लिए भारत-यूके राजनयिक चैनलों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई ज़रूरी है, अन्यथा इस वर्ष की पूरी छात्रवृत्ति कोहोर्ट प्रभावित हो सकती है।