तमिलनाडु: कोयंबटूर-मदुरै में 'कॉकरोच' प्रदर्शन — बेरोजगारी, NEET अनियमितता और ईंधन मूल्यवृद्धि पर युवाओं का आक्रोश
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने 24 मई 2026 को तमिलनाडु के कोयंबटूर और मदुरै में 'कॉकरोच' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। इन रैलियों में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, ईंधन की बढ़ती कीमतों और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों को केंद्र में रखा गया।
मुख्य घटनाक्रम
मदुरै में प्रदर्शनकारी गांधी मेमोरियल म्यूजियम के निकट एकत्र हुए और वहाँ से तमुक्कम मैदान की ओर रैली निकाली। प्रतिभागियों ने कॉकरोच के चिह्न वाले पोस्टर थामे और बेरोजगारी व भ्रष्टाचार के विरुद्ध नारे लगाए। कोयंबटूर में DYFI की जिला इकाई ने गांधीपुरम स्थित सिधापुदुर कॉर्पोरेशन बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल के पास से जुलूस शुरू किया, जो गांधीपुरम बस स्टैंड पर समाप्त हुआ। कॉकरोच के मुखौटे पहने युवाओं की यह रैली जनता के बीच चर्चा का विषय बनी।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
रैलियों में उठाई गई प्रमुख माँगों में बेरोजगारी से निपटने के ठोस उपाय, NEET परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण, तथा शैक्षिक अधिकारों के लिए मज़बूत सुरक्षा उपाय शामिल थे। आयोजकों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार का ध्यान उन गंभीर समस्याओं की ओर खींचना है जो देश भर के युवाओं को प्रभावित कर रही हैं।
'कॉकरोच' प्रतीक का संदेश
आयोजकों के अनुसार, 'कॉकरोच' का प्रतीक उन युवाओं की जीजीविषा और संघर्ष को दर्शाता है जो रोजगार के अवसरों और शिक्षा तक समान पहुँच के लिए जूझ रहे हैं। इस अनोखे प्रतीक ने आम जनता और मीडिया का व्यापक ध्यान खींचा। गौरतलब है कि DYFI और SFI दोनों वाम-संबद्ध संगठन हैं, और यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में युवा रोजगार और परीक्षा सुधार को लेकर आंदोलन तेज हो रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
क्या होगा आगे
आयोजकों ने संकेत दिया है कि यदि केंद्र सरकार इन माँगों पर ध्यान नहीं देती तो आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा। NEET अनियमितताओं का मुद्दा तमिलनाडु में लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है, और इस प्रदर्शन ने उसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है।