9 जुलाई 2026
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तमिलनाडु: कोयंबटूर-मदुरै में 'कॉकरोच' प्रदर्शन — बेरोजगारी, NEET अनियमितता और ईंधन मूल्यवृद्धि पर युवाओं का आक्रोश

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तमिलनाडु: कोयंबटूर-मदुरै में 'कॉकरोच' प्रदर्शन — बेरोजगारी, NEET अनियमितता और ईंधन मूल्यवृद्धि पर युवाओं का आक्रोश

सारांश

'कॉकरोच' — यह महज एक प्रतीक नहीं, बल्कि उस युवा पीढ़ी की आवाज़ है जो बेरोजगारी, NEET विवाद और महंगाई के बोझ तले दबी है। कोयंबटूर और मदुरै की सड़कों पर DYFI-SFI का यह अनोखा प्रदर्शन तमिलनाडु में युवा असंतोष की बढ़ती लहर का संकेत है।

मुख्य बातें

DYFI और SFI ने 24 मई 2026 को कोयंबटूर और मदुरै में 'कॉकरोच' अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किए।
प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी , NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, ईंधन मूल्यवृद्धि और भ्रष्टाचार के विरुद्ध नारे लगाए।
मदुरै में रैली गांधी मेमोरियल म्यूजियम से तमुक्कम मैदान तक निकाली गई।
कोयंबटूर में जुलूस सिधापुदुर कॉर्पोरेशन स्कूल से गांधीपुरम बस स्टैंड तक चला।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा; पूरे मार्ग पर पुलिस तैनात रही।

डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने 24 मई 2026 को तमिलनाडु के कोयंबटूर और मदुरै में 'कॉकरोच' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। इन रैलियों में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, ईंधन की बढ़ती कीमतों और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों को केंद्र में रखा गया।

मुख्य घटनाक्रम

मदुरै में प्रदर्शनकारी गांधी मेमोरियल म्यूजियम के निकट एकत्र हुए और वहाँ से तमुक्कम मैदान की ओर रैली निकाली। प्रतिभागियों ने कॉकरोच के चिह्न वाले पोस्टर थामे और बेरोजगारी व भ्रष्टाचार के विरुद्ध नारे लगाए। कोयंबटूर में DYFI की जिला इकाई ने गांधीपुरम स्थित सिधापुदुर कॉर्पोरेशन बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल के पास से जुलूस शुरू किया, जो गांधीपुरम बस स्टैंड पर समाप्त हुआ। कॉकरोच के मुखौटे पहने युवाओं की यह रैली जनता के बीच चर्चा का विषय बनी।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

रैलियों में उठाई गई प्रमुख माँगों में बेरोजगारी से निपटने के ठोस उपाय, NEET परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण, तथा शैक्षिक अधिकारों के लिए मज़बूत सुरक्षा उपाय शामिल थे। आयोजकों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार का ध्यान उन गंभीर समस्याओं की ओर खींचना है जो देश भर के युवाओं को प्रभावित कर रही हैं।

'कॉकरोच' प्रतीक का संदेश

आयोजकों के अनुसार, 'कॉकरोच' का प्रतीक उन युवाओं की जीजीविषा और संघर्ष को दर्शाता है जो रोजगार के अवसरों और शिक्षा तक समान पहुँच के लिए जूझ रहे हैं। इस अनोखे प्रतीक ने आम जनता और मीडिया का व्यापक ध्यान खींचा। गौरतलब है कि DYFI और SFI दोनों वाम-संबद्ध संगठन हैं, और यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में युवा रोजगार और परीक्षा सुधार को लेकर आंदोलन तेज हो रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

क्या होगा आगे

आयोजकों ने संकेत दिया है कि यदि केंद्र सरकार इन माँगों पर ध्यान नहीं देती तो आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा। NEET अनियमितताओं का मुद्दा तमिलनाडु में लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है, और इस प्रदर्शन ने उसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य में DMK सरकार के साथ-साथ केंद्र को भी निशाना बना रही है। बिना ठोस नीतिगत प्रतिक्रिया के, ये रैलियाँ प्रतीकात्मक रहेंगी — प्रभावशाली नहीं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में 'कॉकरोच' प्रदर्शन क्या है?
यह DYFI और SFI द्वारा 24 मई 2026 को कोयंबटूर और मदुरै में आयोजित विरोध अभियान है, जिसमें कॉकरोच के मुखौटे और पोस्टर का उपयोग कर बेरोजगारी, NEET अनियमितताओं और ईंधन मूल्यवृद्धि पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई।
इन प्रदर्शनों में क्या माँगें उठाई गईं?
प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी दूर करने के उपाय, NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित करने और शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा की माँग की।
कोयंबटूर में प्रदर्शन का मार्ग क्या था?
कोयंबटूर में जुलूस गांधीपुरम के सिधापुदुर स्थित कॉर्पोरेशन बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल के पास से शुरू होकर गांधीपुरम बस स्टैंड पर समाप्त हुआ।
DYFI और SFI कौन से संगठन हैं?
डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) वाम-संबद्ध युवा और छात्र संगठन हैं, जो देश भर में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आंदोलन करते हैं।
NEET परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा तमिलनाडु में क्यों संवेदनशील है?
तमिलनाडु लंबे समय से NEET परीक्षा का विरोध करता रहा है, यह तर्क देते हुए कि यह राज्य के छात्रों के लिए असमान अवसर पैदा करती है। राज्य सरकार और विपक्षी दल दोनों इस मुद्दे पर केंद्र से NEET को खत्म करने या सुधारने की माँग करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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