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मछली विवाद पर अजय राय का पलटवार: 'भोलेनाथ का भक्त हूं, वीडियो दिखाओ वरना योगी इस्तीफा दें'

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मछली विवाद पर अजय राय का पलटवार: 'भोलेनाथ का भक्त हूं, वीडियो दिखाओ वरना योगी इस्तीफा दें'

सारांश

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सीएम योगी के मछली-दावत वाले आरोप को सीधी चुनौती में बदल दिया — 'वीडियो दिखाओ, वरना इस्तीफा दो।' विवाद अब निषाद समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति से जुड़ गया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया था कि अजय राय ने हनुमानगढ़ी दर्शन के बाद अयोध्या में मछली की दावत उड़ाई।
अजय राय ने आरोप नकारते हुए BJP को चुनौती दी — संबंधित वीडियो या फोटो सार्वजनिक करें।
राय ने कहा, वीडियो न दिखाने पर सीएम योगी को इस्तीफा देना होगा।
निषाद समुदाय के अपमान का आरोप लगाते हुए राय ने कहा कि मछली उनकी आजीविका और संस्कृति का हिस्सा है।
राय ने BJP नेताओं पर भी पलटवार करते हुए दक्षिण भारत में मांस खाने के कथित वीडियो का जिक्र किया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 25 अगस्त को वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मछली-दावत संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे बाबा भोलेनाथ के भक्त हैं और झूठ नहीं बोलते। राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को खुली चुनौती दी कि जिस वीडियो का हवाला दिया जा रहा है, उसे सार्वजनिक किया जाए — अन्यथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा देना होगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर तंज कसते हुए आरोप लगाया था कि वे राम-राम का जाप करते हैं, लेकिन हनुमानगढ़ी में दर्शन करने के बाद अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम में मछली की दावत उड़ाते हैं। यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी बहस का केंद्र बन गया है।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मी के बीच धार्मिक पहचान और सामाजिक समुदायों की भावनाएं राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।

अजय राय की चुनौती

अजय राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार के पास कोई फोटो या वीडियो है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा, 'मैं बाबा भोलेनाथ का भक्त हूं — उनकी तरह मैं किसी का अपमान नहीं करता और न ही झूठ बोलता हूं।' राय ने आगे कहा कि अगर वीडियो जारी नहीं किया जाता तो सीएम योगी को न केवल इस्तीफा देना होगा, बल्कि मैदान छोड़कर अपने गांव वापस जाना होगा।

निषाद समुदाय के अपमान का आरोप

अजय राय ने कहा कि इस पूरे विवाद में निषाद समुदाय का अपमान हो रहा है। उनके अनुसार, मछली पकड़ना, पालना, बेचना और खाना निषाद समुदाय की आजीविका और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय को निशाना बनाना सीधे तौर पर उनकी संस्कृति पर हमला है।

BJP नेताओं पर पलटवार

राय ने BJP के कुछ नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे दक्षिण भारत में मांस खाते दिखे, लेकिन बाद में दावा किया गया कि वे कटहल खा रहे थे। उन्होंने कहा कि वे कई बार दक्षिण भारत जा चुके हैं और उन्होंने कभी नहीं देखा कि वहां कटहल को उस तरह किसी डिश में परोसा जाता हो — वहां कटहल फल के रूप में खाया जाता है, सब्जी के तौर पर नहीं। उनके अनुसार, 'यूपी की सरकार पूरी तरह बौखला गई है।'

कांग्रेस का रुख

अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है। राज्य में जहां भी अत्याचार हो रहे हैं, पार्टी वहां मौजूद है और लोगों की आवाज़ उठाने का काम कर रही है। उन्होंने BJP नेताओं से आग्रह किया कि वे 'हवा में बातें' करना बंद करें और यदि उनके पास कोई ठोस सबूत है तो उसे सामने लाएं।

यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने सामाजिक आधार को साधने की कोशिश में लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उत्तर प्रदेश में जाति-समुदाय की राजनीति की गहरी परत को उघाड़ता है। BJP और कांग्रेस दोनों निषाद समुदाय को अपने पाले में खींचने की कोशिश में हैं — और यही कारण है कि एक कथित भोज इतनी बड़ी राजनीतिक लड़ाई बन गया। राय की 'वीडियो दिखाओ' वाली चुनौती रणनीतिक है: यदि वीडियो नहीं आता, तो आरोप खोखला साबित होता है; यदि आता है, तो बहस धार्मिक पाखंड से सामुदायिक अधिकार की ओर मुड़ जाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि इस पूरे प्रकरण में निषाद समुदाय की असली आवाज़ कहीं नहीं है — दोनों दल उनके नाम पर बोल रहे हैं, उनसे पूछ नहीं रहे।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी में मछली विवाद क्या है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने हनुमानगढ़ी दर्शन के बाद अयोध्या में मछली की दावत उड़ाई। अजय राय ने इस आरोप को झूठा बताते हुए वीडियो सार्वजनिक करने की मांग की है।
अजय राय ने सीएम योगी को क्या चुनौती दी?
अजय राय ने कहा कि यदि BJP के पास मछली-दावत का कोई वीडियो या फोटो है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सबूत न दिखाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा देना होगा।
इस विवाद में निषाद समुदाय कैसे प्रभावित है?
अजय राय के अनुसार मछली पकड़ना, पालना, बेचना और खाना निषाद समुदाय की आजीविका और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस विवाद से निषाद समुदाय का अपमान हो रहा है और समुदाय इसे अपनी संस्कृति पर हमला मानेगा।
अजय राय ने BJP नेताओं पर क्या पलटवार किया?
राय ने BJP के कुछ नेताओं का जिक्र किया जो दक्षिण भारत में मांस खाते दिखे, लेकिन बाद में दावा किया गया कि वे कटहल खा रहे थे। राय ने कहा कि दक्षिण भारत में कटहल फल के रूप में खाया जाता है, सब्जी के तौर पर नहीं।
इस विवाद में कांग्रेस का क्या पक्ष है?
कांग्रेस का कहना है कि BJP बिना सबूत के आरोप लगा रही है और निषाद समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। अजय राय ने BJP से ठोस सबूत सामने लाने की मांग की है और कहा है कि पार्टी जनता के साथ खड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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