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सोनम वांगचुक की सेहत पर ममता बनर्जी की चिंता, बोलीं- शांतिपूर्ण विरोध को अनदेखा करना लोकतंत्र का अपमान

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सोनम वांगचुक की सेहत पर ममता बनर्जी की चिंता, बोलीं- शांतिपूर्ण विरोध को अनदेखा करना लोकतंत्र का अपमान

सारांश

भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। ममता बनर्जी ने एक्स पर उनकी आवाज़ को देश के युवाओं की अनसुनी आवाज़ों से जोड़ा — और सवाल उठाया कि जो सरकार असहमति को खतरा मानती है, वह जनता का विश्वास कैसे माँग सकती है।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को भूख हड़ताल के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल , नई दिल्ली में भर्ती कराया गया।
ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर वांगचुक की सेहत पर गहरी चिंता जताई और निजी अस्पताल में भर्ती की अनुमति देने की माँग की।
वांगचुक 28 जून से कथित नीट-यूजी अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर अनशन पर थे।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की; 20 जुलाई का 'चलो संसद' मार्च यथावत रहेगा।
ममता बनर्जी ने 14 जुलाई को भी वांगचुक से फोन पर बात कर आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई थी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 18 जुलाई 2026 को जलवायु कार्यकर्ता व शिक्षाविद सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने केवल संवाद की माँग की थी, लेकिन हफ्तों तक उनकी आवाज़ को खामोशी से दबाया गया।

ममता बनर्जी का एक्स पर बयान

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'सोनम वांगचुक की सेहत और कुशलक्षेम को लेकर मैं बेहद चिंतित हूँ। उन्होंने केवल बातचीत की माँग की, लेकिन उनकी अपील का जवाब लंबे समय तक खामोशी से दिया गया। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण असहमति का सम्मान होना चाहिए, उसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वांगचुक की आवाज़ उसी तरह अनसुनी की गई जैसे देश के अनेक युवाओं की आवाज़ों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

अस्पताल में भर्ती: मुख्य घटनाक्रम

18 जुलाई की तड़के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर सोनम वांगचुक को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह उनकी भूख हड़ताल का 21वाँ दिन था। वांगचुक कथित नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं के मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर 28 जून से अनशन पर बैठे थे।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जून से जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक विवाद के विरोध में आंदोलन शुरू किया था। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन से जुड़े रहे। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक केंद्र सरकार प्रश्नपत्र लीक मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो वह आमरण अनशन शुरू करेंगे। केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।

ममता की अन्य माँगें और पूर्व समर्थन

ममता बनर्जी ने माँग की कि वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, 'जरूरत पड़ने पर उपचार का खर्च नागरिक स्वयं वहन करने के लिए भी तैयार हैं। जनता का विश्वास पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से हासिल होता है, न कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने या संवाद से बचने से।' इससे पहले 14 जुलाई को भी ममता बनर्जी ने फोन पर वांगचुक की सेहत की जानकारी ली थी और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई थी।

CJP का 'चलो संसद' मार्च और नया अनशन

CJP ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। ममता के समर्थन का स्वागत करते हुए दिपके ने सोशल मीडिया के ज़रिए उनका आभार व्यक्त किया। यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज़ हो रहा है जब नीट विवाद पर संसद में भी तीखी बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस वास्तविक खालीपन को भी उजागर करता है जो केंद्र की चुप्पी ने छोड़ा है। नीट विवाद पर संसद में बहस और सड़क पर आंदोलन — दोनों एक साथ चल रहे हैं, फिर भी केंद्र की ओर से कोई ठोस संवाद नहीं। 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती होना यह दर्शाता है कि संवाद की अनुपस्थिति की कीमत अब केवल राजनीतिक नहीं, मानवीय भी है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक को अस्पताल क्यों भर्ती कराया गया?
कथित नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में 28 जून से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन 18 जुलाई को उनकी सेहत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की मुख्य माँगें क्या हैं?
वांगचुक केंद्र सरकार से कथित नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। उन्होंने 27 जून तक कार्रवाई न होने पर अनशन की चेतावनी दी थी और 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की।
ममता बनर्जी ने सोनम वांगचुक के बारे में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने एक्स पर लिखा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण असहमति का सम्मान होना चाहिए और वांगचुक की आवाज़ को अनसुना करना देश के युवाओं की आवाज़ों को नज़रअंदाज़ करने जैसा है। उन्होंने माँग की कि वांगचुक को निजी अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी जाए।
CJP का 'चलो संसद' मार्च कब है और क्या वह होगा?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'चलो संसद' मार्च 20 जुलाई को प्रस्तावित है और पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
ममता बनर्जी ने इससे पहले इस आंदोलन को कब समर्थन दिया था?
14 जुलाई को ममता बनर्जी ने फोन पर सोनम वांगचुक की सेहत की जानकारी ली थी और नीट विरोध आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई थी। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के ज़रिए उनका आभार व्यक्त किया था।
राष्ट्र प्रेस
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