भारत और फिनलैंड की साझेदारी एआई, 6जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है: पीएम मोदी
सारांश
Key Takeaways
- भारत और फिनलैंड के बीच एआई, 6जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग बढ़ रहा है।
- रायसीना डायलॉग में फिनलैंड के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे।
- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार में वृद्धि होगी।
- द्विपक्षीय बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
- संयुक्त सहयोग से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बताया कि भारत और फिनलैंड डिजिटलीकरण और स्थिरता में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, स्वच्छ ऊर्जा, और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग बढ़ेगा।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाई-टेक सेक्टर में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया और कहा कि यह दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी में साझेदारी में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत करता हूं। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना हमारे लिए गर्व की बात है। यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक, कई जगह संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं।"
द्विपक्षीय बैठक हैदराबाद हाउस में हुई, जहां भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई पहलुओं पर चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया और बहुपरकारी मंचों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद राष्ट्रपति स्टब के सम्मान में लंच का आयोजन भी किया।
इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक से पहले द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वे रायसीना डायलॉग में राष्ट्रपति स्टब के संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां अतिथि नेता मुख्य भाषण देने वाले हैं।