क्या भारत-इजरायल के बीच एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी?
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नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) दो चरणों में लागू किया जाएगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) में आपसी संबंध भी मजबूत होंगे। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा साझा की गई।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्री के रूप में 20 वर्षों बाद की गई इजरायल की यात्रा का परिणाम अत्यधिक सकारात्मक रहा है।
जेरूसलम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मुझे विश्वास है कि इस यात्रा के बाद भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी। इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट में हमारे आपसी संबंधों में सुधार होगा और भविष्य में दोनों देशों के बीच निवेश में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिलेगी।"
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश एफटीए के पहले चरण को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक हैं ताकि व्यापार समुदाय को शीघ्र लाभ मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत और इजरायल मिलकर संकट को अवसर में बदलना जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लागू किए गए चार नए लेबर कोड लगातार होने वाले सुधारों का हिस्सा हैं। हमारा प्रयास वर्कर्स, इंडस्ट्री और बिजनेस को प्रोत्साहित करना है।
गोयल ने येरुशलम में एक विशेष सभा में अपने समकक्ष नीर बरकत के साथ इजरायल में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।
गोयल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख किया और बताया कि कैसे इजरायल में भारतीय समुदाय और भारत में यहूदी समुदाय के बीच संबंधों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने प्रवासी भारतीयों से विकसित भारत की यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।
इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत शुरू हो चुकी है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री ने इजरायल के इकोनॉमी और इंडस्ट्री मंत्री निर बरकत के साथ तेल अवीव में टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों के बीच चल रही एफटीए की बातचीत को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।