हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की आलोचना की।
- सरकार ने सुविधाजनक खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की है।
- 28 मार्च से सरसों की खरीद चालू है।
- किसानों को 4.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
- गेहूं की खरीद में 17.37 लाख मीट्रिक टन की आवक हुई है।
चंडीगढ़, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को फसल खरीद के मुद्दे पर किसानों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की तीखी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने सभी अनाज मंडियों में सुविधाजनक, पारदर्शी और समस्यामुक्त खरीद प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि हर मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और मंत्री, विधायक तथा वरिष्ठ अधिकारी जमीनी हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
भूपिंदर हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्व कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसके 10 साल के शासन में शासन व्यवस्था कमजोर पड़ गई और किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के बाहर तीन से सात दिन तक इंतजार करना पड़ता था, बोरियों की कमी का सामना करना पड़ता था और बारिश से फसलें अक्सर बर्बाद हो जाती थीं।
उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उसके कार्यकाल में फसलों की सुरक्षा के लिए कितने गोदाम बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि खरीद में कमी, भुगतान में देरी और मात्र 2 रुपये का सांकेतिक मुआवजा भी पिछली सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने किसानों द्वारा उत्पादित हर एक अनाज खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां जन कल्याण के उद्देश्य के लिए नहीं बनी थीं, बल्कि यह सीमित हितों की पूर्ति करती थीं।
केंद्र सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाएं हर गांव और हर घर तक पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 28 मार्च से सरसों की खरीद चालू है। अब तक मंडियों में 16,046 मीट्रिक टन सरसों आई है, जिसमें से 3,421 मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी गई है। मंडियों से कुल 1,558 मीट्रिक टन सरसों उठाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार किसानों के बैंक खातों में सीधा ट्रांसफर करके 4.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह, 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद में 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से अब तक 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।