भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर फसल खरीद में घोटाले का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर फसल खरीद में घोटाले का आरोप लगाया।
- सरकार ने किसानों पर कई नई शर्तें लगाई हैं।
- कांग्रेस के शासनकाल में फसल खरीद में कोई समस्या नहीं थी।
- क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
- हुड्डा ने किसानों की समस्याओं को उठाया और अधिकारियों को निर्देश दिए।
चंडीगढ़, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने गुरुवार को बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह फसल खरीद के नाम पर घोटालों में संलिप्त है। उन्होंने कहा कि किसानों पर निरंतर नई शर्तें थोपकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकार को फसलें खरीदने से बचा जा सके।
हुड्डा ने कहा कि गेहूं और सरसों की खरीद में एक नया घोटाला चल रहा है। सरकार असल में किसानों से फसलें खरीदने के बजाय अजीबोगरीब शर्तें लागू कर रही है, जैसे पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर, सामान्य वेरिफिकेशन और गारंटर की आवश्यकता।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि सरकार का मकसद किसानों को सरकारी बुराइयों में उलझाए रखना है, जिससे वह उनकी फसलें खरीदने से बच सके। कांग्रेस के शासन में फसल खरीद बिना किसी रुकावट के होती थी, जबकि अब किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नारायणगढ़ में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के साथ मीडिया से बात करते हुए हुड्डा ने कहा कि जिन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, उन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने न केवल पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, बल्कि उन मतदाताओं के साथ भी धोखा किया है जो उन्हें भाजपा का विरोध करने के लिए विधानसभा में भेजे थे।
राव नरेंद्र सिंह ने क्रॉस-वोटिंग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपने नोट्स के साथ पार्टी नेतृत्व को नाम भेज दिए हैं। आगे की कार्रवाई उच्च कमान के स्तर पर शुरू होगी।
हुड्डा ने कहा कि वे लगातार राज्य की मंडियों का दौरा कर रहे हैं। किसानों, मजदूरों और आढ़तियों से उनकी मुलाकात हो रही है। किसानों ने उन्हें मंडी में फैली अव्यवस्था के बारे में बताया है, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
हुड्डा ने कहा कि पिछले साल धान खरीद के मौसम में सरकार ने एक घोटाला किया था, उसके बाद आलू खरीद में भी समस्या आई और अब गेहूं और सरसों की खरीद में भी ऐसा ही हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार किसानों को लूटने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहती, क्योंकि यह सरकार हर मायने में किसानों के खिलाफ है।