महिला आरक्षण बिल: राजनीति में महिलाओं का सम्मान बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।
- इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
- प्रधानमंत्री मोदी का योगदान महत्वपूर्ण है।
- महिलाओं का सम्मान बढ़ाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
- १६ अप्रैल को संभावित महत्वपूर्ण निर्णय की उम्मीद है।
पश्चिम मिदनापुर, १० अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण पर संसद में विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। इस निर्णय की महिलाओं ने सराहना की है। पश्चिम बंगाल की महिला नेताओं ने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने और राजनीति में उनकी भागीदारी को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
भाजपा नेता अनिंदिता डे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह बिल महिलाओं के लिए लाभकारी है। इससे उन्हें आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी। लोग कहते हैं कि महिला और पुरुष समान हैं, लेकिन वास्तविकता में यह हमेशा नहीं होता। इस बिल से महिलाओं को काम करने में अधिक सहारा मिलेगा। राजनीति में भी महिलाओं का सम्मान बढ़ेगा और उन्हें प्रगति का अवसर मिलेगा।
शिखा माथुर ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उनके पास इस पर शब्द नहीं हैं। उन्होंने पूरे देश की महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से महिलाओं को सम्मान मिला है और वे अब गर्व के साथ चल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत एक पुरुष प्रधान देश रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने दिखाया है कि महिलाएं भी पुरुषों के साथ बराबरी में चल सकती हैं। उन्हें भी समान अधिकार मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और कई योजनाएं शुरू कीं। आज महिलाएं अपने परिवार को संभालते हुए आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं को सम्मान दे रहे हैं, इसके लिए जितना धन्यवाद दिया जाए, वह कम है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी पहले ही कह चुकी हैं कि १६ अप्रैल महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए जो निर्णय लिए जा रहे हैं, वे अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि १६ अप्रैल महिलाओं के लिए एक विशेष दिन हो सकता है।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे बिल लाए गए हैं। १६ अप्रैल को महिलाओं को और बड़ा तोहफा मिल सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री का लक्ष्य महिलाओं के नेतृत्व में देश का विकास करना है। विकसित भारत बनाने में महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। निश्चित रूप से उस दिन कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।