उदित राज का कांग्रेस पर बड़ा बयान: गुटबाजी है चुनावी हार की जड़, पंजाब-उत्तराखंड का दिया हवाला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने 11 जुलाई को पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आपसी लड़ाई न केवल चुनाव हारने का प्रमुख कारण है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर पार्टी को खोखला भी कर रही है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर साफ शब्दों में कहा कि आपसी लड़ाई से किसी को कुछ भी नहीं मिलने वाला।
गुटबाजी से चूके उत्तराखंड और पंजाब
डॉ. उदित राज ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि गुटबाजी के कारण कांग्रेस वहाँ सरकार बनाने से चूक गई। उन्होंने पंजाब का भी जिक्र किया और कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब कांग्रेस भी भीषण गुटबाजी का शिकार रही। उनके अनुसार, पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार के हर निर्णय का विरोध किया, जिसका परिणाम चुनावी हार के रूप में सामने आया।
राहुल गांधी के त्याग को सामने रखने की अपील
उदित राज ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे संविधान बचाने के संघर्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के त्याग व समर्पण को ध्यान में रखते हुए गुटबाजी से बचें। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि संगठन में कोई मतभेद हो, तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाए, न कि सार्वजनिक विवाद का रूप दिया जाए।
मेरठ दलित हत्याकांड पर योगी सरकार को घेरा
इससे पहले डॉ. उदित राज ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दलित युवती की हत्या के मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज तो है, लेकिन दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के दमन के लिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब न्याय की माँग करने वाले रवि गौतम को मेरठ के एसएसपी ने वैन में घुसकर पीटा, तो क्या ऐसा व्यवहार किसी अन्य वर्ग के साथ भी होता? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी को जमानत मिल गई, और कहा कि यदि आरोपी दलित, ओबीसी या अल्पसंख्यक होता तो अब तक उसका घर बुलडोजर से ढहा दिया गया होता।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की यह बहस ऐसे समय में उठी है जब पार्टी कई राज्यों में संगठनात्मक पुनर्गठन की कोशिश कर रही है। डॉ. उदित राज जैसे वरिष्ठ नेताओं की खुली आलोचना पार्टी नेतृत्व पर आंतरिक अनुशासन सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ाती है।