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राम मंदिर दान पात्र विवाद: परमहंसाचार्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नार्को टेस्ट की मांग उठाई

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राम मंदिर दान पात्र विवाद: परमहंसाचार्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नार्को टेस्ट की मांग उठाई

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर दान पात्र विवाद में संत समाज और राजनीति आमने-सामने हैं। परमहंसाचार्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर सनातन आस्था को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट की माँग की है, जबकि एसआईटी जाँच जारी है।

मुख्य बातें

तपस्वी छावनी पीठ के जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने 16 जून को राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नार्को टेस्ट की माँग की।
परमहंसाचार्य ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव कभी राम मंदिर न आए, फिर उन्हें चढ़ावे में चोरी की जानकारी कैसे मिली।
राम मंदिर दान पात्र विवाद की जाँच एसआईटी कर रही है; जाँच अभी जारी है।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसा — 'IIT बनाने के बजाय SIT बनाने में व्यस्त।' जमीयत हिमायतुल इस्लाम के अध्यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में हुए विकास की सराहना की।

अयोध्या में राम मंदिर दान पात्र विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। तपस्वी छावनी पीठ के जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने 16 जून को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोनों नेताओं का नार्को टेस्ट कराए जाने की माँग की है। उनका कहना है कि इस विवाद में इन नेताओं की भूमिका की भी जाँच होनी चाहिए।

परमहंसाचार्य के आरोप और माँग

जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि मामले की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (एसआईटी) अपना काम कर रही है और जाँच पूरी होने पर सच्चाई सामने आएगी। हालाँकि, उनके अनुसार जब तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नार्को टेस्ट नहीं होता, तब तक पूरी सच्चाई उजागर नहीं हो सकती।

उन्होंने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव कभी राम मंदिर नहीं आए, फिर उन्हें यह जानकारी कैसे मिली कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी हुई है। परमहंसाचार्य ने दावा किया कि सनातन आस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह का माहौल जानबूझकर तैयार किया जा रहा है।

अखिलेश यादव का सरकार पर पलटवार

इससे पहले सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि यह सरकार IIT बनाने के बजाय SIT बनाने में अधिक व्यस्त है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज़ हो गई।

जमीयत हिमायतुल इस्लाम की प्रतिक्रिया

लखनऊ में जमीयत हिमायतुल इस्लाम के अध्यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने अखिलेश यादव के एसआईटी संबंधी बयान पर कहा कि विपक्ष का काम आरोप लगाना है और वह अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में व्यापक विकास कार्य हुए हैं और विकास की बदौलत राज्य 'उत्तम प्रदेश' बन गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राम मंदिर दान पात्र से जुड़े इस विवाद की जाँच एसआईटी कर रही है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद से धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियाँ केंद्र में हैं। संत समाज, राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

आगे क्या

एसआईटी की जाँच अभी जारी है और उसकी रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि संत समाज मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग पर अडिग है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में धकेलने की एक सोची-समझी रणनीति है। दूसरी ओर, अखिलेश यादव का 'IIT बनाम SIT' वाला तंज चतुर है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रह जाता है कि उन्हें मंदिर के भीतर की जानकारी का स्रोत क्या था। एसआईटी की रिपोर्ट ही वह कसौटी होगी जो तय करेगी कि यह विवाद महज़ राजनीतिक शोर था या वास्तव में प्रशासनिक विफलता।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान पात्र विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्र (चढ़ावा संग्रह) से जुड़ी कथित अनियमितताओं का यह विवाद है, जिसकी जाँच एसआईटी कर रही है। यह मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
परमहंसाचार्य ने नार्को टेस्ट की माँग क्यों की?
तपस्वी छावनी पीठ के जगद्गुरु परमहंसाचार्य का कहना है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की इस विवाद में भूमिका संदिग्ध है और एसआईटी जाँच के साथ-साथ उनका नार्को टेस्ट भी होना चाहिए, तभी पूरी सच्चाई सामने आएगी।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर विवाद पर क्या कहा?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार IIT बनाने के बजाय SIT बनाने में अधिक व्यस्त है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज़ हो गई।
राम मंदिर दान पात्र मामले में एसआईटी क्या कर रही है?
एसआईटी इस मामले की जाँच कर रही है और उसकी जाँच अभी जारी है। जाँच पूरी होने के बाद ही तथ्य सार्वजनिक होंगे।
इस विवाद में जमीयत हिमायतुल इस्लाम का क्या रुख है?
लखनऊ में जमीयत हिमायतुल इस्लाम के अध्यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में व्यापक विकास हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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